{"_id":"617ae25d058331662c63d3f9","slug":"demonstration-in-collectorate-for-restoration-of-old-pension-saharanpur-news-mrt56270142","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुरानी पेंशन बहाली को किया कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुरानी पेंशन बहाली को किया कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन
विज्ञापन
फोटो संख्या - 04
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली सहित अन्य मांग की। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट विवेक चतुर्वेदी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए महासचिव डॉ. संजय शर्मा ने कहा कि नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) को समाप्त कर कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा पुरानी पेंशन की बहाली होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बंद की गई कैशलेस चिकित्सा सुविधा को दोबारा शुरू किया जाए। उन्होंने शिक्षामित्रों को स्थायी शिक्षक बनाने, संविदा प्रणाली को समाप्त करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने सहित अन्य मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय में विभाग की ओर से कोई लैपटॉप, मोबाइल फोन और इंटरनेट आदि सुविधाएं नहीं देने के बावजूद शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण लेने एवं सूचनाएं भेजने को विवश किया जा रहा है। उन्होंने मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी घोषित करने और केंद्र के समान मकान किराया भत्ता दिलाने आदि की भी मांग की। अध्यक्षता संजय कुमार शर्मा ने की। अध्यक्ष सीपी सिंह, मंत्री अशोक मलिक, सुशील पुंडीर, अनिल शर्मा, डॉ. सादाराम, रवि गुप्ता, विजय लक्ष्मी रस्तोगी, मोहित राणा, प्रदीप शर्मा, राकेश शर्मा, अनंगपाल, संजय जोशी, अनीता पुंडीर, राजकुमार चौधरी, संदीप खटाना, शिखा राणा, सरदार सिंह, रणसिंह पोसवाल, सुधीर ठाकुर, नरेश कुमार, अजय शर्मा, संजीव पंवार, अर्जुन त्यागी, दानिश सिद्दीकी, नरेश सैनी, प्रताप सिंह राणा, नीरू सिंह, सरवर सिद्दीकी, वीके जैन, कर्म सिंह आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान एसके जैन, पीआर चौहान, परमेश छोकर, बिजेंद्र कुमार, अर्शी रानी, अंजू, गरिमा गौड़, रमा मदान, रेखा कांबोज, अरुणा रानी, गीतिका, विशाखा, नीलम शर्मा, रूचि शर्मा आदि मौजूद रहे।
---------
महिला कर्मियों ने धरने पर पढ़ी अहोई की कथा
कलक्ट्रेट परिसर में कर्मचारियों का धरना अपराह्न तीन बजे तक रहा। अहोई के त्योहार के चलते महिला कर्मचारियों ने व्रत रखा । साथ ही कई महिला कर्मचारियों ने धरने पर अहोई की कथा भी पढ़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली सहित अन्य मांग की। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट विवेक चतुर्वेदी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए महासचिव डॉ. संजय शर्मा ने कहा कि नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) को समाप्त कर कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा पुरानी पेंशन की बहाली होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बंद की गई कैशलेस चिकित्सा सुविधा को दोबारा शुरू किया जाए। उन्होंने शिक्षामित्रों को स्थायी शिक्षक बनाने, संविदा प्रणाली को समाप्त करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने सहित अन्य मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय में विभाग की ओर से कोई लैपटॉप, मोबाइल फोन और इंटरनेट आदि सुविधाएं नहीं देने के बावजूद शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण लेने एवं सूचनाएं भेजने को विवश किया जा रहा है। उन्होंने मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी घोषित करने और केंद्र के समान मकान किराया भत्ता दिलाने आदि की भी मांग की। अध्यक्षता संजय कुमार शर्मा ने की। अध्यक्ष सीपी सिंह, मंत्री अशोक मलिक, सुशील पुंडीर, अनिल शर्मा, डॉ. सादाराम, रवि गुप्ता, विजय लक्ष्मी रस्तोगी, मोहित राणा, प्रदीप शर्मा, राकेश शर्मा, अनंगपाल, संजय जोशी, अनीता पुंडीर, राजकुमार चौधरी, संदीप खटाना, शिखा राणा, सरदार सिंह, रणसिंह पोसवाल, सुधीर ठाकुर, नरेश कुमार, अजय शर्मा, संजीव पंवार, अर्जुन त्यागी, दानिश सिद्दीकी, नरेश सैनी, प्रताप सिंह राणा, नीरू सिंह, सरवर सिद्दीकी, वीके जैन, कर्म सिंह आदि ने भी विचार रखे। इस दौरान एसके जैन, पीआर चौहान, परमेश छोकर, बिजेंद्र कुमार, अर्शी रानी, अंजू, गरिमा गौड़, रमा मदान, रेखा कांबोज, अरुणा रानी, गीतिका, विशाखा, नीलम शर्मा, रूचि शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
---------
महिला कर्मियों ने धरने पर पढ़ी अहोई की कथा
कलक्ट्रेट परिसर में कर्मचारियों का धरना अपराह्न तीन बजे तक रहा। अहोई के त्योहार के चलते महिला कर्मचारियों ने व्रत रखा । साथ ही कई महिला कर्मचारियों ने धरने पर अहोई की कथा भी पढ़ी।
विज्ञापन