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जिले में विकसित की जाएंगी 100 आदर्श पोषिण वाटिका
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिले में 100 आदर्श पोषण वाटिका विकसित की जाएंगी, जिनमें फलदार पौधे रोपित किए जाएंगे और सब्जियों की खेती भी होगी। बाल एवं पुष्टाहार विभाग की देखरेख में इस कार्य को मनरेगा में शामिल किया गया है। ताकि मनरेगा के तहत श्रमिकों को रोजगार मिल सके। पोषण वाटिका से तैयार फल व सब्जी कुपोषित बच्चों के परिवारों को उपलब्ध कराई जाएगी।
जनपद में 3410 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से 310 जगहों पर पोषण वाटिका बनाई गई थी, लेकिन अब इनसे अलग आदर्श पोषण वाटिका बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें हर तरह के फल के पौधे लगाए जाएंगे और प्रत्येक पौष्टिक सब्जी की खेती होगी। इन 100 पोषण वाटिकाओं को मॉडल के रूप में विकसित करने की योजना है। बाल एवं पुष्टाहार विभाग आंगनबाड़ी और मनरेगा के श्रमिकों के सहयोग से पोषण वाटिका निर्माण करेंगे।
लगाए जाएंगे यह पौधे
पोषण वाटिका के माध्यम से बच्चों में कुपोषण और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया को दूर किए जाने का उद्देश्य है। पोषण वाटिका में कटहल, पपीते, सोयाबीन, सहजन, पालक, शलजम, टमाटर, सोयाबीन सहित अनेक हरी सब्जियों की खेती होगी। इसके अलावा आम, अमरूद, केले, नींबू और टमाटर के पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही कुछ औषधीय पौधे लगाने की भी योजना है। उद्यान विभाग पौध उपलब्ध कराएगा।
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आदर्श पोषण वाटिका बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 100 पोषण वाटिका विकसित की जाएंगी। इसको लेकर खाका तैयार कर लिया गया है। -आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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सहारनपुर। जिले में 100 आदर्श पोषण वाटिका विकसित की जाएंगी, जिनमें फलदार पौधे रोपित किए जाएंगे और सब्जियों की खेती भी होगी। बाल एवं पुष्टाहार विभाग की देखरेख में इस कार्य को मनरेगा में शामिल किया गया है। ताकि मनरेगा के तहत श्रमिकों को रोजगार मिल सके। पोषण वाटिका से तैयार फल व सब्जी कुपोषित बच्चों के परिवारों को उपलब्ध कराई जाएगी।
जनपद में 3410 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से 310 जगहों पर पोषण वाटिका बनाई गई थी, लेकिन अब इनसे अलग आदर्श पोषण वाटिका बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें हर तरह के फल के पौधे लगाए जाएंगे और प्रत्येक पौष्टिक सब्जी की खेती होगी। इन 100 पोषण वाटिकाओं को मॉडल के रूप में विकसित करने की योजना है। बाल एवं पुष्टाहार विभाग आंगनबाड़ी और मनरेगा के श्रमिकों के सहयोग से पोषण वाटिका निर्माण करेंगे।
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लगाए जाएंगे यह पौधे
पोषण वाटिका के माध्यम से बच्चों में कुपोषण और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया को दूर किए जाने का उद्देश्य है। पोषण वाटिका में कटहल, पपीते, सोयाबीन, सहजन, पालक, शलजम, टमाटर, सोयाबीन सहित अनेक हरी सब्जियों की खेती होगी। इसके अलावा आम, अमरूद, केले, नींबू और टमाटर के पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही कुछ औषधीय पौधे लगाने की भी योजना है। उद्यान विभाग पौध उपलब्ध कराएगा।
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आदर्श पोषण वाटिका बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 100 पोषण वाटिका विकसित की जाएंगी। इसको लेकर खाका तैयार कर लिया गया है। -आशा त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी