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कोरोना काल में बढ़ा मौत का ग्राफ, मई में बने 1203 प्रमाणपत्र

Sat, 05 Jun 2021 11:19 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Jun 2021 11:19 PM IST
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Death graph increased during the Corona period, 1203 certificates made in May
सहारनपुर। कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण के साथ ही अन्य बीमारियों से जनपद में रिकॉर्ड तोड़ मौतें हुई हैं। इसकी गवाही निकायों से बनवाए गए मृत्यु प्रमाणपत्र भी देते हैं। नगर निगम में अब से पहले कभी भी एक माह में इतने मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बने, जितने मई 2021 में बने हैं।
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बीते वर्ष मार्च से मई तक बने मृत्यु प्रमाणपत्रों की तुलना करें तो इस बार की संख्या करीब ढाई गुना अधिक है। इसकी वजह कोरोना का भयंकर रूप रहा है। क्योंकि कोरोना की पहली लहर इतनी घातक नहीं थी, जितना दूसरी लहर रही है। दूसरी लहर में जनपद में एक दिन में 20 मरीजों तक की जान गई है। उधर, श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों के रिकॉर्ड में भी अभी तक कभी इतनी मौतें दर्ज नहीं की गई हैं। शहर के प्रमुख श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों से जुटाए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। उधर, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में भी बड़ी संख्या में मृत्यु प्रमाणपत्र बने हैं। देवबंद में सबसे अधिक संख्या रही है।
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मृत्यु प्रमाणपत्रों की संख्या ढाई गुनी
वर्ष 2020 में मार्च से मई माह तक सहारनपुर नगर निगम में मात्र 875 मृत्यु प्रमाणपत्र बने थे, हालांकि अप्रैल माह शून्य रहा था। इस बार मार्च से अब तक 2228 मृत्यु प्रमाणपत्र बने हैं, जिनमें 113 की मौत कोरोना से होना बताया गया है। मई माह में सबसे अधिक 1203 मृत्यु प्रमाणपत्र बने। उधर, नगर पालिका परिषद देवबंद में 314 मृत्यु प्रमाणपत्र बने, जिनमें सबसे अधिक 184 प्रमाणपत्र मई माह के हैं। इनके अलावा नगर पालिका परिषद नकुड़ में 46, नानौता में 58, सरसावा में 37, चिलकाना में 42 मृत्यु प्रमाणपत्र बने हैं।
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श्मशानों पर एक दिन में कई-कई चिताएं जलीं
अंबाला रोड स्थित शिवपुरी श्मशान घाट में मार्च से मई तक 509 शवों का दाह संस्कार किया गया। तीन माह में 174 लोग कोरोना का शिकार हुए थे। हकीकतनगर स्थित श्मशान घाट में मार्च से मई तक कुल 425 शवों का अंतिम संस्कार किया गया, जिनमें 116 शव कोरोना से मरने वालों के थे। बाबा लालदास का बाड़ा स्थित श्मशान घाट पर मार्च से मई तक 250 से अधिक शवों का दाह संस्कार किया गया। नुमाइश कैंप स्थित श्मशान घाट में अप्रैल और मई माह में 397 शवों का दाह किया गया। इनमें 152 शव कोरोना से मरने वालों के थे। नगर निगम के दबनी वाला कब्रिस्तान में अप्रैल और मई माह में करीब 430 शव दफनाए गए। करीब 355 शव रमजान माह में दफनाए गए।

कोरोना से मरने वालों के आंकड़ों में मेल नहीं
कोरोना की पहली लहर में बीते वर्ष जनपद में 136 लोगों की जान कोरोना के चलते गई थी, जबकि दूसरी लहर में 304 लोगों की मौत सामने आ चुकी है। कोरोना की दोनों लहर में अभी तक 440 लोगों की मौत सामने आई है। हालांकि चिकित्सा विभाग के आंकड़ों में कोरोना से दोनों लहर में 394 मौतें दर्ज हैं, जबकि मात्र तीन श्मशानों में ही इस बार 400 से अधिक ऐसे शवों का दाह किया गया है, जिनकी मौत कोरोना से होना बताया गया है। यानी आंकड़े मेल नहीं खा रहे हैं। उधर, सपा के नगर विधायक संजय गर्ग भी मौत का आंकड़ा छिपाने और निगम से मृत्यु प्रमाणपत्रों में कोविड का कारण नहीं लिखने का आरोप लगा चुके हैं।
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