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Saharanpur News: ... यहां तो खुद बीमार है जीवनदायिनी

Tue, 10 Oct 2023 01:26 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Tue, 10 Oct 2023 01:26 AM IST
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Deadly fever, child and two women died
ऐंबुलेंस
सहारनपुर। मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होने वाली एंबुलेंस खुद ही बीमारी से जूझ रही है। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि संभागीय परिवहन विभाग के आंकड़े से सब हकीकत बयां हो रही हैं। जिले में मरीजों को लेकर दौड़ रही 97 एंबुलेंस अनफिट पाई गई है। कई एंबुलेंस में तो मरीजों के लिए जरूरी संसाधन भी नहीं है।
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संभागीय परिवहन विभाग में 202 एंबुलेंस रजिस्टर्ड हैं। इनमें सरकारी और प्राइवेट दोनों शामिल है। एंबुलेंस की फिटनेस आरटीओ कार्यालय से पहले स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारी से उसकी जांच का प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य है। जिसमें चिकित्सा अधिकारी की ड्यूटी होती है कि वह फिटनेस के लिए आई एंबुलेंस को चेक कर यह देखें कि उसमें मानक के अनुसार उपकरण, दवा सहित अन्य सुविधाएं है या नहीं। इसके बाद ही वह एंबुलेंस की फिटनेस के लिए एनओसी जारी करेगा।
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इसी आधार पर आरटीओ में गाड़ी की फिटनेस होगी। लेकिन, यहां जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते एंबुलेंस बिना फिटनेस के ही मरीजों को लेकर एक से दूसरे अस्पताल तक दौड़ रही हैं। क्योंकि, 97 एंबुलेंस ऐसी हैं, जिनकी फिटनेस खत्म हो चुकी हैं। इनमें अधिकांश प्राइवेट शामिल हैं, जो सरकारी अस्पताल के आसपास खड़ी रहती है। एंबुलेंस संचालक आरटीओ कार्यालय में फिटनेस कराने के लिए नहीं पहुंच रहे।
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तीन प्राइवेट एंबुलेंस का किया चालान
संभागीय परिवहन विभाग की टीम ने सोमवार को बिना फिटनेस दौड़ रहीं तीन एंबुलेंस का चालान किया। यह एंबुलेंस राजकीय मेडिकल कॉलेज के बाहर खड़ी थी। बताया जाता है कि एंबुलेंस संचालक मेडिकल कॉलेज से हायर सेंटर रेफर होने वालों को लेकर जाते हैं। यह एंबुलेंस हरियाणा की थी। चंडीगढ़, देहरादून और दिल्ली ले जाने का मनमाना किराया वसूल जाता है।

जिन एंबुलेंस की फिटनेस खत्म हो चुकी हैं, उनको नोटिस जारी किए जाते हैं। चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर बिना फिटनेस एंबुलेंस के चालान किए जा रहे हैं। किसी भी सूरत में मरीजों की जिंदगी खिलवाड़ नहीं होने देंगे। जिले में 202 सरकारी और प्राइवेट एंबुलेंस रजिस्टर्ड हैं।

- एमपी सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन, संभागीय परिवहन विभाग
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