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दारुल उलूम में दाखिलों के लिए दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 16 May 2017 12:19 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम की सुप्रीम पावर मजलिस-ए-शूरा की दो दिवसीय बैठक में वार्षिक परीक्षा की समीक्षा करने के साथ ही रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तथा नए सत्र के दाखिलों के लिए दिशा निर्देश दिए गए। इस दौरान संस्था में होने वाले व्यय पर भी विचार विमर्श किया गया।
दारुल उलूम के मेहमानखाने में तीन चरणों में आयोजित मजलिस-ए-शूरा की बैठक में सर्वप्रथम संस्था की तालीमी रिपोर्ट पेश की गई। इसके साथ ही नये सत्र के लिए दाखिलों की संख्या और प्रक्रिया पर सदस्यों ने गहनता से विचार विमर्श किया। प्रथम चरण की बैठक में शिक्षा विभाग के प्रभारी मौलाना मुफ्ती यूसुफ तावड़ी समेत दूसरे विभागाध्यक्षों ने वार्षिक रिपोर्ट पेश की। साथ ही बीते वर्ष पारित बजट के व्यय की रिपोर्ट भी शूरा सदस्यों के समक्ष रखी गई। सोमवार को सभी पेश की गई रिपोर्टों पर विस्तार से विचार विमर्श किया गया और संतुष्टि जताई गई।
बैठक में खास बात यह रही कि मजलिस-ए-शूरा के वरिष्ठ सदस्य एवं ऑल इंडिया मुस्लिम पसर्नल लॉ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना राबे हसन नदनी करीब आठ साल के बाद इसमें शामिल हुए। इससे पूर्व शूरा सदस्यों ने शूरा के सदस्य मौलाना अजहर रांची के इंतकाल पर खिराज-ए-अकीदत पेश की। अध्यक्षता मौलाना राबे हसन नदनी ने की। इस मौके पर दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी, मौलाना याकूब बुलंदशहरी, मौलाना अब्दुल अलीम फारुकी लखनऊ, हकीम कलीमुल्लाह अलीगढ़, मौलाना अनवार बिजनौरी, मुफ्ती सईद अहमद पालनपुरी, मौलाना रहमतुल्लाह कश्मीरी, मौलाना इस्माईल मालेगांव, मौलाना याकूब मद्रासी आदि मौजूद रहे।
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दारुल उलूम के मेहमानखाने में तीन चरणों में आयोजित मजलिस-ए-शूरा की बैठक में सर्वप्रथम संस्था की तालीमी रिपोर्ट पेश की गई। इसके साथ ही नये सत्र के लिए दाखिलों की संख्या और प्रक्रिया पर सदस्यों ने गहनता से विचार विमर्श किया। प्रथम चरण की बैठक में शिक्षा विभाग के प्रभारी मौलाना मुफ्ती यूसुफ तावड़ी समेत दूसरे विभागाध्यक्षों ने वार्षिक रिपोर्ट पेश की। साथ ही बीते वर्ष पारित बजट के व्यय की रिपोर्ट भी शूरा सदस्यों के समक्ष रखी गई। सोमवार को सभी पेश की गई रिपोर्टों पर विस्तार से विचार विमर्श किया गया और संतुष्टि जताई गई।
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बैठक में खास बात यह रही कि मजलिस-ए-शूरा के वरिष्ठ सदस्य एवं ऑल इंडिया मुस्लिम पसर्नल लॉ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना राबे हसन नदनी करीब आठ साल के बाद इसमें शामिल हुए। इससे पूर्व शूरा सदस्यों ने शूरा के सदस्य मौलाना अजहर रांची के इंतकाल पर खिराज-ए-अकीदत पेश की। अध्यक्षता मौलाना राबे हसन नदनी ने की। इस मौके पर दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी, मौलाना याकूब बुलंदशहरी, मौलाना अब्दुल अलीम फारुकी लखनऊ, हकीम कलीमुल्लाह अलीगढ़, मौलाना अनवार बिजनौरी, मुफ्ती सईद अहमद पालनपुरी, मौलाना रहमतुल्लाह कश्मीरी, मौलाना इस्माईल मालेगांव, मौलाना याकूब मद्रासी आदि मौजूद रहे।
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