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Saharanpur News: दारुल उलूम ने छात्रों के मल्टीमीडिया मोबाइल के इस्तेमाल पर लगाई पाबंदी
Sat, 18 Apr 2026 01:20 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 18 Apr 2026 01:20 AM IST
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देवबंद। इस्लामी शिक्षा के प्रमुख केंद्र दारुल उलूम प्रबंधन ने छात्रों को अनुशासन में रखने के लिए उनके मल्टीमीडिया मोबाइल के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है। प्रबंधन का तर्क है कि छात्र उद्देश्य से न भटकें और पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगाएं, इसलिए यह कदम उठाया गया है।
शुक्रवार को संस्था में छात्रावास के प्रभारी मौलाना मुफ्ती अशरफ अब्बास की ओर से चस्पा आदेश पत्र में छात्रों को मल्टीमीडिया मोबाइल का इस्तेमाल न करने को कहा गया है। सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि तलाशी के दौरान किसी (नए या पुराने) छात्र के पास से मल्टीमीडिया मोबाइल बरामद होता है तो उसके खिलाफ अखराज (नाम काटने) की कार्रवाई की जाएगी। आदेश पत्र में यह भी कहा है कि जिस किसी के पास मोबाइल मिलेगा वह उसी का माना जाएगा, वो चाहे इस्तेमाल में हो या न हो।
मुफ्ती अशरफ अब्बास ने बताया कि छात्रों को अनुशासन में रखने और पढ़ाई की तरफ ध्यान आकर्षित कराने के लिए मल्टीमीडिया मोबाइल के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई गई है, इससे छात्र जिस उद्देश्य के लिए यहां आए हैं उसे मेहनत और लगन के साथ पूरा कर सकें। बता दें, कि पिछले वर्ष भी संस्था ने आदेश जारी कर मल्टीमीडिया मोबाइल के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई थी।
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शुक्रवार को संस्था में छात्रावास के प्रभारी मौलाना मुफ्ती अशरफ अब्बास की ओर से चस्पा आदेश पत्र में छात्रों को मल्टीमीडिया मोबाइल का इस्तेमाल न करने को कहा गया है। सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि तलाशी के दौरान किसी (नए या पुराने) छात्र के पास से मल्टीमीडिया मोबाइल बरामद होता है तो उसके खिलाफ अखराज (नाम काटने) की कार्रवाई की जाएगी। आदेश पत्र में यह भी कहा है कि जिस किसी के पास मोबाइल मिलेगा वह उसी का माना जाएगा, वो चाहे इस्तेमाल में हो या न हो।
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मुफ्ती अशरफ अब्बास ने बताया कि छात्रों को अनुशासन में रखने और पढ़ाई की तरफ ध्यान आकर्षित कराने के लिए मल्टीमीडिया मोबाइल के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई गई है, इससे छात्र जिस उद्देश्य के लिए यहां आए हैं उसे मेहनत और लगन के साथ पूरा कर सकें। बता दें, कि पिछले वर्ष भी संस्था ने आदेश जारी कर मल्टीमीडिया मोबाइल के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई थी।
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