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Saharanpur News: महिलाओं को लेकर समय-समय पर सख्त रुख अपनाता रहा है दारुल उलूम
Wed, 30 Jul 2025 12:35 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 30 Jul 2025 12:35 AM IST
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देवबंद का दारुल उलूम
देवबंद। दारुल उलूम महिलाओं के प्रवेश पर रोक के अलावा भी कई अहम मुद्दों पर चर्चाओं में रहा है। इनमें महिलाओं के हाथों पर पुरुषों द्वारा मेहंदी लगाने, विवाह समारोह में बेपर्दगी आदि मुद्दे प्रमुख रहे है।
फतवों और इस्लामी तालीम के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध दारुल उलूम महिलाओं को लेकर समय समय पर प्रतिक्रिया देता रहा है। महिलाओं के संस्था में प्रवेश लगाने को लेकर दारुल उलूम पहले भी सुर्खियां में रहा है। इसके अलावा महिलाओं से संबंधित फतवों को लेकर दारुल उलूम दुनियाभर में चर्चा का विषय बना है। अपने एक फतवे में मुस्लिम महिलाओं का गैर मर्दों से हाथों पर मेहंदी लगवाने को दारुल उलूम ने नाजायज करार दिया हुआ है। शादी समारोह में उनके बेपर्दा रहने को इस्लाम के उसूलों के खिलाफ करार दिया था। इसके साथ ही फैंसी और चुस्त बर्का पहनने पर दारुल उलूम से फतवा जारी हुआ था। जिसको लेकर दुनियाभर में उसकी खूब चर्चा हुई।
गैर मर्दों के हाथों से चूडि़यां पहनने को भी दारुल उलूम ने गैर शरई करार दिया हुआ है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर रील बनाकर अपलोड करने को भी दारुल उलूम ने गैर इस्लामी अमल करार दिया है। इसकी वजह बेपर्दगी बताई गई थी। अब फिर से दारुल उलूम ने संस्था में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाई है। जिसको लेकर संस्था एक बार फिर से चर्चाओं में आ गई है।
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फतवों और इस्लामी तालीम के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध दारुल उलूम महिलाओं को लेकर समय समय पर प्रतिक्रिया देता रहा है। महिलाओं के संस्था में प्रवेश लगाने को लेकर दारुल उलूम पहले भी सुर्खियां में रहा है। इसके अलावा महिलाओं से संबंधित फतवों को लेकर दारुल उलूम दुनियाभर में चर्चा का विषय बना है। अपने एक फतवे में मुस्लिम महिलाओं का गैर मर्दों से हाथों पर मेहंदी लगवाने को दारुल उलूम ने नाजायज करार दिया हुआ है। शादी समारोह में उनके बेपर्दा रहने को इस्लाम के उसूलों के खिलाफ करार दिया था। इसके साथ ही फैंसी और चुस्त बर्का पहनने पर दारुल उलूम से फतवा जारी हुआ था। जिसको लेकर दुनियाभर में उसकी खूब चर्चा हुई।
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गैर मर्दों के हाथों से चूडि़यां पहनने को भी दारुल उलूम ने गैर शरई करार दिया हुआ है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर रील बनाकर अपलोड करने को भी दारुल उलूम ने गैर इस्लामी अमल करार दिया है। इसकी वजह बेपर्दगी बताई गई थी। अब फिर से दारुल उलूम ने संस्था में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाई है। जिसको लेकर संस्था एक बार फिर से चर्चाओं में आ गई है।
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