{"_id":"6224f2ed8cb6a9269c3ebe1a","slug":"cyber-crime-90-lakhs-should-be-returned-criminals-should-not-be-caught-saharanpur-news-mrt5794002155","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावधान! नए-नए हथकंडे अपना निशाना बना रहे साइबर अपराधी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावधान! नए-नए हथकंडे अपना निशाना बना रहे साइबर अपराधी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। पिछले छह माह में करीब 35 मामले थानों पर दर्ज कराए जा चुके हैं। इन मामलों में ठगी गई रकम में से करीब 90 लाख रुपये पुलिस ने वापस कराए, लेकिन अपराधी पुलिस के हाथ नहीं आ रहे हैं। ऐसे में लोगों की सजग और जागरूक रहने की जरूरत हैं।
खास बात यह है कि बैंक खातों से ऑनलाइन नकदी निकालकर ठगी करने वाले अपने सिमकार्ड, बैंक खाता आदि सब फर्जी पहचानपत्र के जरिये खोलते हैं। ठगी की शिकायत आने पर जब पुलिस पड़ताल करती है तो उसमें ऐसे ही खुलासे हुए हैं। साथ ही जिस नंबर से साइबर क्राइम करने वाले कॉल करते हैं, वह वारदात के बाद बंद कर दिया जाता है। साइबर क्राइम करने वालों में किसी आरोपी का पहचान पत्र पश्चिम बंगाल, बिहार, भोपाल, रायपुर, जयपुर, महाराष्ट्र का मिलता है तो किसी मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली का मिलता है, लेकिन वह भी फर्जी इस्तेमाल होने की वजह से आरोपी के सही ठिकाने तक पुलिस आसानी से पहुंच नहीं पाती है। ठगी की सूचना जितनी जल्दी साइबर थाने और बैंक को देंगे, उतनी ही जल्दी ठगी रकम वापस होने की संभावना है। समय-समय पर बैंक ठगी होने पर किस नंबर पर सूचना देनी है, इसका मेसेज आपके मोबाइल पर भेजते रहते हैं।
पिछले दिनों हुई घटनाएं
-- लेबर कालोनी की अलका शर्मा से एनी डेस्क एप डाउनलोड कराकर एक लाख रुपये उड़ाए
-- एसडी इंटर कॉलेज के अध्यापक का एटीएम कार्ड बदलकर 45 हजार रुपये निकाले
-- खलासी लाइन निवासी सीमा को लॉटरी निकलने का झांसा 21 हजार रुपये उड़ा दिए
-- अंबाला रोड निवासी सरदार सतबीर के हैंत खाते से तीन लाख रुपये निकाल लिए गए
---------------
इन तरीकों से बनाते हैं निशाना
-- फर्जी बैंक अधिकारी बनकर एटीएम की गोपनीय जानकारी जुटाकर ठगी
-- फेसबुक पर प्रेमजाल में फंसाकर वीडियो काल करके ब्लैकमेल करते हैं।
-- नौकरी लगवाने एवं विदेश भेजने के नाम पर भी ठगों का पूरा जाल है
-- मोबाइल के सिम कार्ड को अपडेट करने के बहाने से ठगी करना
-- आनलाइन डिस्काउंट के बहाने फर्जी ई-मेल भेज एक क्लिक कराकर ठगी
-- डेबिट-क्रेडिट कार्ड रिचार्ज प्वाइंट से रिवार्ड का झांसा देकर ठगी करना
-- मेट्रीमोनियल वेबसाइट के माध्यम से संपर्क करके शादी का झांसा देकर ठगी करना
-------------------
लाएं जागरूकता, बरतें यह सावधानी
-- अनजान कॉल, एसएमएस, सोशल मीडिया पर संदेश और लिंक का जवाब न दें।
-- बैंक, एजेंसी, लोन ब्रांच के नाम पर किसी अनजान कॉलर को ओटीपी न बताएं
अपना मोबाइल नंबर, आधार कार्ड नंबर, पैनकार्ड का नंबर और ओटीपी ना बताएं
-- लोन, बीमा, पैसे दोगुने करने, लॉटरी जैसे लालच में किसी भी दशा में ना आएं
लोगों को जागरूक होने की भी जरूरत है। साइबर थाना पुलिस ने कई मामलों का खुलासा किया है। आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही फरार चल रहे आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें काम कर रही हैं।-आकाश तोमर, एसएसपी
विज्ञापन
विज्ञापन
खास बात यह है कि बैंक खातों से ऑनलाइन नकदी निकालकर ठगी करने वाले अपने सिमकार्ड, बैंक खाता आदि सब फर्जी पहचानपत्र के जरिये खोलते हैं। ठगी की शिकायत आने पर जब पुलिस पड़ताल करती है तो उसमें ऐसे ही खुलासे हुए हैं। साथ ही जिस नंबर से साइबर क्राइम करने वाले कॉल करते हैं, वह वारदात के बाद बंद कर दिया जाता है। साइबर क्राइम करने वालों में किसी आरोपी का पहचान पत्र पश्चिम बंगाल, बिहार, भोपाल, रायपुर, जयपुर, महाराष्ट्र का मिलता है तो किसी मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली का मिलता है, लेकिन वह भी फर्जी इस्तेमाल होने की वजह से आरोपी के सही ठिकाने तक पुलिस आसानी से पहुंच नहीं पाती है। ठगी की सूचना जितनी जल्दी साइबर थाने और बैंक को देंगे, उतनी ही जल्दी ठगी रकम वापस होने की संभावना है। समय-समय पर बैंक ठगी होने पर किस नंबर पर सूचना देनी है, इसका मेसेज आपके मोबाइल पर भेजते रहते हैं।
विज्ञापन
पिछले दिनों हुई घटनाएं
-- लेबर कालोनी की अलका शर्मा से एनी डेस्क एप डाउनलोड कराकर एक लाख रुपये उड़ाए
-- एसडी इंटर कॉलेज के अध्यापक का एटीएम कार्ड बदलकर 45 हजार रुपये निकाले
-- खलासी लाइन निवासी सीमा को लॉटरी निकलने का झांसा 21 हजार रुपये उड़ा दिए
-- अंबाला रोड निवासी सरदार सतबीर के हैंत खाते से तीन लाख रुपये निकाल लिए गए
---------------
इन तरीकों से बनाते हैं निशाना
-- फर्जी बैंक अधिकारी बनकर एटीएम की गोपनीय जानकारी जुटाकर ठगी
-- फेसबुक पर प्रेमजाल में फंसाकर वीडियो काल करके ब्लैकमेल करते हैं।
-- नौकरी लगवाने एवं विदेश भेजने के नाम पर भी ठगों का पूरा जाल है
-- मोबाइल के सिम कार्ड को अपडेट करने के बहाने से ठगी करना
-- आनलाइन डिस्काउंट के बहाने फर्जी ई-मेल भेज एक क्लिक कराकर ठगी
-- डेबिट-क्रेडिट कार्ड रिचार्ज प्वाइंट से रिवार्ड का झांसा देकर ठगी करना
-- मेट्रीमोनियल वेबसाइट के माध्यम से संपर्क करके शादी का झांसा देकर ठगी करना
-------------------
लाएं जागरूकता, बरतें यह सावधानी
-- अनजान कॉल, एसएमएस, सोशल मीडिया पर संदेश और लिंक का जवाब न दें।
-- बैंक, एजेंसी, लोन ब्रांच के नाम पर किसी अनजान कॉलर को ओटीपी न बताएं
अपना मोबाइल नंबर, आधार कार्ड नंबर, पैनकार्ड का नंबर और ओटीपी ना बताएं
-- लोन, बीमा, पैसे दोगुने करने, लॉटरी जैसे लालच में किसी भी दशा में ना आएं
लोगों को जागरूक होने की भी जरूरत है। साइबर थाना पुलिस ने कई मामलों का खुलासा किया है। आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही फरार चल रहे आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें काम कर रही हैं।-आकाश तोमर, एसएसपी
विज्ञापन