{"_id":"6ab2e29de65bb0f827007e98","slug":"currency-chest-links-traced-to-haridwar-saharanpur-news-c-30-1-sha1002-184313-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: करेंसी चेस्ट के तार हरिद्वार से जुड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: करेंसी चेस्ट के तार हरिद्वार से जुड़े
Wed, 23 Sep 2026 01:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 23 Sep 2026 01:48 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में मिले 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट प्रकरण की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब इस मामले के तार हरिद्वार जिले जुड़ गए हैं। मंगलवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने हरिद्वार जिले के कुंजा बहादुर गांव के नीटू को गिरफ्तार किया। इससे पहले जांच के सिलसिले में एनआईए की टीम हरियाणा भी पहुंच चुकी है।
अलग-अलग राज्यों और जिलों में जांच एजेंसी मामले में जुड़े लोगों और उनके संपर्कों की कड़ियां खंगाल रही है। करेंसी चेस्ट प्रकरण में एनआईए अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। कार्रवाई की शुरुआत सात सितंबर को करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार की गिरफ्तारी से हुई थी। इसके बाद 15 सितंबर को आदेश चौधरी को गिरफ्तार किया गया। 20 सितंबर को एनआईए ने मुकेश और राजेंद्र को पकड़ा था।
मंगलवार को हरिद्वार से नीटू की गिरफ्तारी के बाद जांच में एक और कड़ी जुड़ गई है। जांच एजेंसी की कार्रवाई से यह भी सामने आ रहा है कि मामला केवल करेंसी चेस्ट और स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। आरोपियों के संपर्क और गतिविधियों की पड़ताल के लिए एनआईए की टीमें अलग-अलग स्थानों पर पहुंच रही हैं। हरियाणा के बाद अब हरिद्वार में हुई गिरफ्तारी को भी इसी जांच की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
विज्ञापन
-- -- -- -
-- एनआईए के रडार पर कई संदिग्ध
करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के बाद से एनआईए के रडार पर कई संदिग्ध हैं। एनआईए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ उनके आपसी संपर्क, लेनदेन और पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। हालांकि, अभी तक नामजद आरोपी रवि कुमार कांसे और सुशील शर्मा एनआईए की पकड़ से दूर है।
विज्ञापन
अलग-अलग राज्यों और जिलों में जांच एजेंसी मामले में जुड़े लोगों और उनके संपर्कों की कड़ियां खंगाल रही है। करेंसी चेस्ट प्रकरण में एनआईए अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। कार्रवाई की शुरुआत सात सितंबर को करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार की गिरफ्तारी से हुई थी। इसके बाद 15 सितंबर को आदेश चौधरी को गिरफ्तार किया गया। 20 सितंबर को एनआईए ने मुकेश और राजेंद्र को पकड़ा था।
विज्ञापन
मंगलवार को हरिद्वार से नीटू की गिरफ्तारी के बाद जांच में एक और कड़ी जुड़ गई है। जांच एजेंसी की कार्रवाई से यह भी सामने आ रहा है कि मामला केवल करेंसी चेस्ट और स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। आरोपियों के संपर्क और गतिविधियों की पड़ताल के लिए एनआईए की टीमें अलग-अलग स्थानों पर पहुंच रही हैं। हरियाणा के बाद अब हरिद्वार में हुई गिरफ्तारी को भी इसी जांच की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
विज्ञापन
करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के बाद से एनआईए के रडार पर कई संदिग्ध हैं। एनआईए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ उनके आपसी संपर्क, लेनदेन और पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। हालांकि, अभी तक नामजद आरोपी रवि कुमार कांसे और सुशील शर्मा एनआईए की पकड़ से दूर है।