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वरदान साबित हो रही लेमन ग्रास की खेती
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किसान विमल बत्रा
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। लेमन ग्रास की खेती किसानों के लिए मुफीद साबित हो रही है। एक एकड़ में प्रति वर्ष एक लाख तक का मुनाफा इसकी खेती से किसान कमा रहे हैं। यही वजह है कि लेमन ग्रास की खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है और अब जिले में 400 एकड़ में लेमन ग्रास की खेती हो रही है। चूंकि लेमन ग्रास के तेल का उपयोग साबुन बनाने से लेकर आयुर्वेदिक दवाओं तक में होता है, इस लिहाज से इसकी मांग भी बढ़ी है।
लेमन ग्रास की खासियत यह है कि इसकी रोपाई एक बार करने के बाद फसल को करीब पांच वर्षों तक आसानी सेे लिया जा सकता है। इसमें सिंचाई को छोड़कर किसी प्रकार की कोई लागत नहीं लगती है। लेमन ग्रास को एक वर्ष में चार से पांच बार काटा जाता है। इसका 35 से 40 क्विंटल तक प्रति बीघा उत्पादन मिल जाता है। इसका बाजार भाव तीन से चार रुपये प्रति किलो तक रहता है। कई किसानों ने लेमन ग्रास से तेल निकालने का प्लांट भी लगा रखा है। जिससे वे बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं। एक बीघा की लेमन ग्रास से वर्ष में उन्हें 27 से 28 लीटर तेल प्राप्त होता है। इसका औसतन भाव 1350 प्रति लीटर रहता है।
लेमन ग्रास के तेल का उपयोग
लेमन ग्रास के तेल की आयुर्वेदिक दवा बनाने की कंपनियों में काफी मांग रहती है। इसके अलावा साबुन, परफ्यूम, कास्मेटिक उत्पादों आदि में इसका काफी इस्तेमाल होता है। इसके अलावा हरबल टी में भी इसका उपयोग होता है। इसके चलते व्यापारी इसे खेत से ही खरीद लेते हैं।
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फार्मेसिस्ट का काम छोड़ कर रहे लेमन ग्रास की खेती
गांव जसमौर में देहरादून निवासी विमल कुमार बत्रा करीब 120 बीघा क्षेत्रफल में लेमन ग्रास की खेती कर रहे हैं। एक वर्ष पहले तक वह फार्मेसिस्ट रहे हैं। उन्होंने बताया कि लेमन ग्रास से तेल निकालने का प्लांट लगा रखा है। उन्हें तमाम लागत निकालने के बाद एक लाख रुपये प्रति एकड़ का मुनाफा हो रहा है।
लेमन ग्रास को प्रोसेस कर निकाल रहे तेल
नानौता क्षेत्र के गांव चौरा निवासी बिट्टू लगभग 11 बीघा में लेमन ग्रास की खेती कर रहे हैं। पहले उन्होंने आठ बीघा में खेती शुरू की। बढ़िया मुनाफा देखकर खेती को बढ़ा दिया। साथ ही लेमन ग्रास का तेल निकालने का प्लांट भी लगा लिया है। उनके यहां से दवा कंपनियों से जुडे व्यापारी 1350 रुपये प्रति लीटर तक तेल खरीद रहे हैं।
जनपद में लेमन ग्रास की खेती की ओर किसानों का रुझान बढ़ रहा है। परंपरागत खेती की अपेक्षा इसकी फसल अच्छा मुनाफा देती है। जनपद में करीब 400 एकड़ क्षेत्रफल में लेमन ग्रास की खेती हो रही है। - डॉ. आईके कुशवाहा, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र।
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लेमन ग्रास की खासियत यह है कि इसकी रोपाई एक बार करने के बाद फसल को करीब पांच वर्षों तक आसानी सेे लिया जा सकता है। इसमें सिंचाई को छोड़कर किसी प्रकार की कोई लागत नहीं लगती है। लेमन ग्रास को एक वर्ष में चार से पांच बार काटा जाता है। इसका 35 से 40 क्विंटल तक प्रति बीघा उत्पादन मिल जाता है। इसका बाजार भाव तीन से चार रुपये प्रति किलो तक रहता है। कई किसानों ने लेमन ग्रास से तेल निकालने का प्लांट भी लगा रखा है। जिससे वे बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं। एक बीघा की लेमन ग्रास से वर्ष में उन्हें 27 से 28 लीटर तेल प्राप्त होता है। इसका औसतन भाव 1350 प्रति लीटर रहता है।
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लेमन ग्रास के तेल का उपयोग
लेमन ग्रास के तेल की आयुर्वेदिक दवा बनाने की कंपनियों में काफी मांग रहती है। इसके अलावा साबुन, परफ्यूम, कास्मेटिक उत्पादों आदि में इसका काफी इस्तेमाल होता है। इसके अलावा हरबल टी में भी इसका उपयोग होता है। इसके चलते व्यापारी इसे खेत से ही खरीद लेते हैं।
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फार्मेसिस्ट का काम छोड़ कर रहे लेमन ग्रास की खेती
गांव जसमौर में देहरादून निवासी विमल कुमार बत्रा करीब 120 बीघा क्षेत्रफल में लेमन ग्रास की खेती कर रहे हैं। एक वर्ष पहले तक वह फार्मेसिस्ट रहे हैं। उन्होंने बताया कि लेमन ग्रास से तेल निकालने का प्लांट लगा रखा है। उन्हें तमाम लागत निकालने के बाद एक लाख रुपये प्रति एकड़ का मुनाफा हो रहा है।
लेमन ग्रास को प्रोसेस कर निकाल रहे तेल
नानौता क्षेत्र के गांव चौरा निवासी बिट्टू लगभग 11 बीघा में लेमन ग्रास की खेती कर रहे हैं। पहले उन्होंने आठ बीघा में खेती शुरू की। बढ़िया मुनाफा देखकर खेती को बढ़ा दिया। साथ ही लेमन ग्रास का तेल निकालने का प्लांट भी लगा लिया है। उनके यहां से दवा कंपनियों से जुडे व्यापारी 1350 रुपये प्रति लीटर तक तेल खरीद रहे हैं।
जनपद में लेमन ग्रास की खेती की ओर किसानों का रुझान बढ़ रहा है। परंपरागत खेती की अपेक्षा इसकी फसल अच्छा मुनाफा देती है। जनपद में करीब 400 एकड़ क्षेत्रफल में लेमन ग्रास की खेती हो रही है। - डॉ. आईके कुशवाहा, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र।

किसान बिटटू- फोटो : SAHARANPUR

लैमन ग्रास- फोटो : SAHARANPUR