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आगे बढा शुगर मिलों का पेराई सत्र
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सहारनपुर। बेमौसम बरसात और कम शुगर रिकवरी के चलते जनपद में शुगर मिलों का पेराई सत्र करीब एक सप्ताह आगे बढ़ गया है। जनपद की शुगर मिलों का 20 से लेकर 25 अक्तूबर तक संचालन होना था। अब मिलों ने पेराई के लिए 26 अक्तूबर से लेकर आठ नवंबर तक की संभावित तिथि दी है।
आमतौर पर मिल अपना पेराई सत्र नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू करती हैं। इस बार शासन के निर्देश थे कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 अक्तूबर से मिलों का संचालन कराया जाए। अधिकांश शुगर मिलों में मरम्मत कार्य अंतिम चरण में हैं। किसानों का ब्योरा वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। गन्ना विकास समितियों ने किसानों को पर्चियां जारी करने से लेकर अन्य तैयारियां पूरी कर ली हैं। चीनी मिलों की ओर से गन्ना क्रय केंद्र लगातार स्थापित किए जा रहे हैं। हालांकि अभी तक गन्ना सुरक्षण आदेश जारी नहीं हुआ है। लेकिन अब बेमौसम बरसात और कम शुगर रिकवरी ने मिलों के पेराई सत्र को आगे बढ़ा दिया है।
मिल चलने से देरी से रबी फसल होगी पछेती
मिलों के पेराई सत्र में देरी होने का असर रबी फसलों की बुआई पर पडे़गा। जनपद के अधिकांश किसान गन्ने को मिल में सप्लाई करने के बाद गेहूं, सरसों सहित अन्य रबी फसलों की बुआई करते हैं। किसान प्रदीप नंबरदार, सुधीर बिड़वी, महक सिंह आदि का कहना है कि इस बार रबी फसलों के समय से बुआई होने की उम्मीद थी। क्योंकि शासन की मंशा 20 अक्तूबर को मिलों का पेराई सत्र शुरू कराने की थी। अब पेराई सत्र के एक सप्ताह आगे बढ़ने से खेत भी देर से खाली होंगे।
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बेमौसम बरसात के कारण मिलों ने अपना पेराई सत्र लगभग एक सप्ताह आगे बढ़ा दिया है। इसके अलावा शुगर रिकवरी फिलहाल छह से साढे़ छह प्रतिशत ही आ रही है। हालांकि पेराई सत्र शुरू करने के लिए मिलों ने अपनी तैयारियां पूरी कर रखी हैं। अब जिले की शुगर मिलों के 26 अक्तूबर से आठ नवंबर तक पेराई सत्र शुरू करने की संभावना है।
- कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।
जनपद में पेराई सत्र शुरू करने की संभावित तिथि
मिल पहले अब
देवबंद 21 अक्तूबर 08 नवंबर
गांगनौली 20 अक्तूबर 29 अक्तूबर
शेरमऊ 21 अक्तूबर 26 अक्तूबर
गागलहेड़ी 20 अक्तूबर 28 अक्तूबर
नानौता 25 अक्तूबर 28 अक्तूबर
सरसावा 21 अक्तूबर 26 अक्तूबर
नोट: गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार।
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आमतौर पर मिल अपना पेराई सत्र नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू करती हैं। इस बार शासन के निर्देश थे कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 अक्तूबर से मिलों का संचालन कराया जाए। अधिकांश शुगर मिलों में मरम्मत कार्य अंतिम चरण में हैं। किसानों का ब्योरा वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। गन्ना विकास समितियों ने किसानों को पर्चियां जारी करने से लेकर अन्य तैयारियां पूरी कर ली हैं। चीनी मिलों की ओर से गन्ना क्रय केंद्र लगातार स्थापित किए जा रहे हैं। हालांकि अभी तक गन्ना सुरक्षण आदेश जारी नहीं हुआ है। लेकिन अब बेमौसम बरसात और कम शुगर रिकवरी ने मिलों के पेराई सत्र को आगे बढ़ा दिया है।
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मिल चलने से देरी से रबी फसल होगी पछेती
मिलों के पेराई सत्र में देरी होने का असर रबी फसलों की बुआई पर पडे़गा। जनपद के अधिकांश किसान गन्ने को मिल में सप्लाई करने के बाद गेहूं, सरसों सहित अन्य रबी फसलों की बुआई करते हैं। किसान प्रदीप नंबरदार, सुधीर बिड़वी, महक सिंह आदि का कहना है कि इस बार रबी फसलों के समय से बुआई होने की उम्मीद थी। क्योंकि शासन की मंशा 20 अक्तूबर को मिलों का पेराई सत्र शुरू कराने की थी। अब पेराई सत्र के एक सप्ताह आगे बढ़ने से खेत भी देर से खाली होंगे।
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बेमौसम बरसात के कारण मिलों ने अपना पेराई सत्र लगभग एक सप्ताह आगे बढ़ा दिया है। इसके अलावा शुगर रिकवरी फिलहाल छह से साढे़ छह प्रतिशत ही आ रही है। हालांकि पेराई सत्र शुरू करने के लिए मिलों ने अपनी तैयारियां पूरी कर रखी हैं। अब जिले की शुगर मिलों के 26 अक्तूबर से आठ नवंबर तक पेराई सत्र शुरू करने की संभावना है।
- कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी।
जनपद में पेराई सत्र शुरू करने की संभावित तिथि
मिल पहले अब
देवबंद 21 अक्तूबर 08 नवंबर
गांगनौली 20 अक्तूबर 29 अक्तूबर
शेरमऊ 21 अक्तूबर 26 अक्तूबर
गागलहेड़ी 20 अक्तूबर 28 अक्तूबर
नानौता 25 अक्तूबर 28 अक्तूबर
सरसावा 21 अक्तूबर 26 अक्तूबर
नोट: गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार।