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Saharanpur News: पेराई सत्र समाप्त, जिले की सात चीनी मिलों पर 234 करोड़ बकाया
Sat, 27 Apr 2024 03:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 27 Apr 2024 03:54 AM IST
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सहारनपुर। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने में जिले की चीनी मिलें कोताही बरत रही हैं। जनपद की आठों चीनी मिल पेराई सत्र समाप्त कर चुकी हैं। इसके बावजूद देवबंद को छोड़कर अन्य सात चीनी मिलों पर अभी भी किसानों के करीब 234 करोड़ रुपये बकाया गन्ना मूल्य है।
तमाम प्रयासों के बावजूद गन्ना विभाग किसानों को समय पर गन्ना मूल्य दिलाने में विफल साबित हुआ है। जनपद में सबसे अधिक 146 करोड़ रुपये गांगनौली चीनी मिल पर बकाया हैं। नियम के अनुसार मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिन के अंदर गन्ना मूल्य किसानों के खाते में पहुंच जाना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर किसानों को ब्याज सहित बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने का प्रावधान है, लेकिन न तो किसानों को समय पर गन्ना मूल्य ही मिल पा रहा है और ना ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो रही है।
यह बोले किसान
- गांव इसाकपुर निवासी रामनाथ दीक्षित कहते हैं कि शुगर मिल गन्ना मूल्य का भुगतान बहुत धीमी गति से कर रहा है। जिसके कारण किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा है। बच्चों की फीस से लेकर घर के अन्य खर्च पूरा करने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है।
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- गांव पांडोली निवासी मोहम्मद तैय्यब ने बताया कि शुगर मिल बकाया भुगतान में कोताही बरत रही है। परिवार में शादी है लेकिन भुगतान नहीं होने के चलते उन्हें शादी के लिए साहूकारों से कर्ज लेना पड़ रहा है।
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जनपद में 234 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। इसमें सबसे अधिक गांगनौली चीनी मिल पर है। बकाया भुगतान में कोताही बरत रही चीनी मिलों को नोटिस जारी किए गए है। उम्मीद है कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की गति बढ़ेगी।
- सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी
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जिले की चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य (करोड़)में
मिल-- -- -- -- -- -- बकाया
गांगनौली-- -- -- -- -- 146.90
शेरमऊ-- -- -- -- -- -- 7.04
गागलहेड़ी-- -- -- -- - 36.03
टोडरपुर-- -- -- -- -- 22.16
बिडवी-- -- -- -- -- - 10.21
नानौता-- -- -- -- -- - 13.41
सरसावा-- -- -- -- -- 2.57
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नोट: गन्ना विभाग के 26 अप्रैल के आंकड़ों के अनुसार
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तमाम प्रयासों के बावजूद गन्ना विभाग किसानों को समय पर गन्ना मूल्य दिलाने में विफल साबित हुआ है। जनपद में सबसे अधिक 146 करोड़ रुपये गांगनौली चीनी मिल पर बकाया हैं। नियम के अनुसार मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिन के अंदर गन्ना मूल्य किसानों के खाते में पहुंच जाना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर किसानों को ब्याज सहित बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने का प्रावधान है, लेकिन न तो किसानों को समय पर गन्ना मूल्य ही मिल पा रहा है और ना ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो रही है।
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यह बोले किसान
- गांव इसाकपुर निवासी रामनाथ दीक्षित कहते हैं कि शुगर मिल गन्ना मूल्य का भुगतान बहुत धीमी गति से कर रहा है। जिसके कारण किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा है। बच्चों की फीस से लेकर घर के अन्य खर्च पूरा करने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है।
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- गांव पांडोली निवासी मोहम्मद तैय्यब ने बताया कि शुगर मिल बकाया भुगतान में कोताही बरत रही है। परिवार में शादी है लेकिन भुगतान नहीं होने के चलते उन्हें शादी के लिए साहूकारों से कर्ज लेना पड़ रहा है।
जनपद में 234 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। इसमें सबसे अधिक गांगनौली चीनी मिल पर है। बकाया भुगतान में कोताही बरत रही चीनी मिलों को नोटिस जारी किए गए है। उम्मीद है कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की गति बढ़ेगी।
- सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी
जिले की चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य (करोड़)में
मिल
गांगनौली
शेरमऊ
गागलहेड़ी
टोडरपुर
बिडवी
नानौता
सरसावा
नोट: गन्ना विभाग के 26 अप्रैल के आंकड़ों के अनुसार