{"_id":"5751ca1e4f1c1b7d2f109905","slug":"two-arrested-in-human-trafficking","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानव तस्करी में दो को दबोचा ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मानव तस्करी में दो को दबोचा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 04 Jun 2016 12:11 AM IST
विज्ञापन
पकड़े गए आरोपी ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर के देवबंद में बिहार राज्य से बड़े पैमाने पर नाबालिग लड़कियों की खरीद फरोख्त किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने मानव तस्करी के आरोप में दो लोगों को पकड़ा है।
साथ ही एक लड़की को भी बरामद किया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामला बेहद संगीन है, इसलिए अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है।
करीब छह माह से देवबंद में शादी के नाम पर बिहार राज्य से बड़े पैमाने पर नाबालिग लड़कियों की तस्करी की जा रही है। इसका खुलासा उस समय हुआ जब पुलिस ने मानव तस्करी के आरोप में सहारनपुर मुजफ्फरनगर मार्ग स्थित एक कालोनी के दो लोगों को हिरासत में लेते हुए एक लड़की को भी बरामद किया।
विज्ञापन
पूछताछ करने के बाद पुलिस ने बिहार में लड़की के परिजनों से संपर्क किया तो शुक्रवार को एक व्यक्ति देवबंद पहुंचा। उसने स्वयं को बरामद हुई लड़की का मामा बताया। पुलिस के मुताबिक जब उससे बात की गई तो साफ हो गया कि वह भी मानव तस्करी की एक कड़ी है।
उसने बताया कि 10, 15 और 20 हजार रुपये में शादी के नाम पर लड़कियों को बेच दिया जाता है। रकम लेने के साथ ही लड़के वालों से 20 सूट महिलाओं के भी लिए जाते हैं। उसने कई नामों का खुलासा भी किया, जिसमें से पुलिस ने दो लोगों को पहले ही हिरासत में ले रखा है।
मानव तस्करी का यह खेल यहीं पर ही नहीं रुक जाता। शादी के नाम पर खरीदी गई लड़की को दी गई रकम से दोगुनी कीमत लेकर पंजाब, जनपद मुजफ्फरनगर के पुरकाजी और देवबंद में किसी दूसरे व्यक्ति को बेच दिया जाता है।
पुलिस सूत्र बताते हैं कि करीब छह माह में इन इलाकों में 12 से 13 वर्ष की उम्र की लगभग डेढ़ दर्जन लड़कियों की खरीद फरोख्त की जा चुकी है। वहीं, कोतवाल विजय प्रकाश ने कहा कि दो लोगों को मानव तस्करी के आरोप में हिरासत में लिया गया है।
साथ ही उनके यहां से बिहार से खरीदी गई एक लड़की को भी बरामद किया गया है। कड़ाई के साथ पूछताछ की जा रही है। यदि इस प्रकार का मामला निकलता है तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
साथ ही एक लड़की को भी बरामद किया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामला बेहद संगीन है, इसलिए अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
करीब छह माह से देवबंद में शादी के नाम पर बिहार राज्य से बड़े पैमाने पर नाबालिग लड़कियों की तस्करी की जा रही है। इसका खुलासा उस समय हुआ जब पुलिस ने मानव तस्करी के आरोप में सहारनपुर मुजफ्फरनगर मार्ग स्थित एक कालोनी के दो लोगों को हिरासत में लेते हुए एक लड़की को भी बरामद किया।
विज्ञापन
पूछताछ करने के बाद पुलिस ने बिहार में लड़की के परिजनों से संपर्क किया तो शुक्रवार को एक व्यक्ति देवबंद पहुंचा। उसने स्वयं को बरामद हुई लड़की का मामा बताया। पुलिस के मुताबिक जब उससे बात की गई तो साफ हो गया कि वह भी मानव तस्करी की एक कड़ी है।
उसने बताया कि 10, 15 और 20 हजार रुपये में शादी के नाम पर लड़कियों को बेच दिया जाता है। रकम लेने के साथ ही लड़के वालों से 20 सूट महिलाओं के भी लिए जाते हैं। उसने कई नामों का खुलासा भी किया, जिसमें से पुलिस ने दो लोगों को पहले ही हिरासत में ले रखा है।
मानव तस्करी का यह खेल यहीं पर ही नहीं रुक जाता। शादी के नाम पर खरीदी गई लड़की को दी गई रकम से दोगुनी कीमत लेकर पंजाब, जनपद मुजफ्फरनगर के पुरकाजी और देवबंद में किसी दूसरे व्यक्ति को बेच दिया जाता है।
पुलिस सूत्र बताते हैं कि करीब छह माह में इन इलाकों में 12 से 13 वर्ष की उम्र की लगभग डेढ़ दर्जन लड़कियों की खरीद फरोख्त की जा चुकी है। वहीं, कोतवाल विजय प्रकाश ने कहा कि दो लोगों को मानव तस्करी के आरोप में हिरासत में लिया गया है।
साथ ही उनके यहां से बिहार से खरीदी गई एक लड़की को भी बरामद किया गया है। कड़ाई के साथ पूछताछ की जा रही है। यदि इस प्रकार का मामला निकलता है तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।