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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Three suspended in compensation breakup

मुआवजे के गोलमाल में तीन सस्पेंड

Sat, 03 Sep 2016 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Sat, 03 Sep 2016 12:19 AM IST
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Three suspended in compensation breakup
invastegation - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर में शिक्षा के मंदिर के लिए दान में दी गई भूमि को ही कलक्ट्रेट कर्मचारियाें की मिलीभगत से बेच डाला। लेखपाल, अमीन और एक लिपिक  ने मिलकर इस कारनामे को अंजाम दिया।
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इस भूमि को रेलवे द्वारा अधिग्रहीत कर लिया गया, तो उस पर अधिकार दिखाकर तीन भाइयों को मुआवजा जारी कर दिया। जबकि इस पर प्राथमिक विद्यालय चल रहा है। डीएम ने दोषी पाए गए तीनों कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है।
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ग्राम शेखपुरा कदीम निवासी शरीफ ने बच्चों की पढ़ाई के लिए टपरी कलां में अपनी भूमि पर सरकारी स्कूल बनवाने के लिए दान दी थी। इस भूमि का उन्होंने स्कूल के पक्ष में बैनामा भी कर दिया।
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वर्ष 2000 में इस भूमि पर प्राथमिक विद्यालय निर्माण किया गया था। तभी से यह स्कूल चल रहा है। कुछ दिन पहले रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए भूमि का अधिग्रहण किया गया तो प्राथमिक विद्यालय उसकी जद में आ गया और इस विद्यालय की भूमि का भी अधिग्रहण कर लिया गया।

इसी दौरान भूमि के दानदाता शरीफ का इंतकाल हो गया। भूमि का मुआवजा मिलता देख शरीफ के परिजनों ने मुआवजा के लिए भूमि पर दावेदारी दिखाते हुए मुआवजे की मांग की।

इस मामले की जांच में पाया गया कि चकबंदी लेखपाल महिपाल सिंह ने बिना निरीक्षण किए ही शरीफ के परिवार के मोहम्मद रासिद, अब्दुल मलिक, मोहम्मद सादिक पुत्र हाजी साजिद को भूमि का मालिक बताते हुए मुआवजे का पात्र बताया।

अमीन मदनपाल ने भी अपनी जांच रिपोर्ट में तीनों को पात्र बताया। इसके बाद कलक्ट्रेट में अहलमद यशपाल सिंह ने तीनों को मुआवजे के चेक जारी कर दिए।

जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच की गई, जिसमें तीनों को दोषी पाया गया। डीएम के आदेश पर तीनों को विभागीय कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया गया। 


एडीएम हरीश चंद्र ने बताया कि जांच अधिकारियों द्वारा की गई जांच में आरोपी तीनों लोगों का दोषी पाया गया है। तीनों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा जारी की गई धनराशि की वसूली कराई जाएगी।
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