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तीन गिरोह का गठबंधन, जेल से संचालित रंगदारी का धंधा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 07 Apr 2017 12:56 AM IST
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जेल से रंगदारी का धंधा
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सहारनपुर में जेल से ही रंगदारी चलने के कारोबार का एक बार फिर से खुलासा हुआ है। बदमाश जेल से ही फोन कराकर एवं अपने गुर्गों के माध्यम से एक दूसरे को संदेश दे रहे हैं और पूरा नेटवर्क बनाकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
देवबंद के चिकित्सक पर जानलेवा हमला करने वाले शार्प शूटर के पकड़े जाने पर इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया है। जेल में सुरक्षित रहते हुए रंगदारी के इस कारोबार को बदमाश निश्चिंत होकर अंजाम दे रहे हैं।
एक बदमाश उत्तराखंड की चमोली जेल में बंद है, दूसरा दिल्ली की तिहाड़ जेल में और तीसरा पंजाब की पटियाला जेल में है। तीनों बिल्कुल विपरीत दिशा में हैं, लेकिन तीनों का नेटवर्क इतना बड़ा है कि योजना भी तैयार कर ली गई और अंजाम तक भी पहुंचा दिया गया।
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पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपी दिल्ली निवासी शार्प शूटर मंजीत ने बताया कि चमोली जेल में बंद सुशील गुर्जर, पटियाला जेल में बंद अमित भूरा और तिहाड़ जेल में बंद नीरज बवाना ने मिलकर चिकित्सक से रंगदारी मांगने की योजना बनाई।
इस योजना को तीनों के गैंग में शामिल गुर्गों के माध्यम से संदेश भेजे गए। पेशी पर जाते समय मुलाकात में पूरी योजना तैयार की गई। उसके बाद अमित भूरा ने डाक्टर अनुज गोयल से रंगदारी मांगी।
रंगदारी नहीं मिलने पर हमला करने का संदेश दिया। उन्हें डॉक्टर को सिर्फ घायल कर दहशत में लाना था, जान से नहीं मारना था। एसएसपी लव कुमार ने बताया कि पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि बदमाशों के गैंग का आपस में संपर्क रहता है और दूसरे क्षेत्र में किसी घटना को करने के लिए एक दूसरे के गैंग के गुर्गों का सहारा लिया जाता है।
बदमाश संदेशों के माध्यम से अथवा पेशी पर आते समय किसी प्रकार मिलकर एक दूसरे को काम सौंपते हैं। यहां भी अमित भूरा ने नीरज बवाना गैंग से मिलकर उनसे घटना को अंजाम दिलाया।
आईएमए के अध्यक्ष ने आभार जताया ः आल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डा. रविंद्र राणा ने डाक्टर पर हमले के शूटर के पकड़े जाने पर पुलिस का आभार जताया। उन्होंने एसएसपी लव कुमार से मिलकर घटना का खुलासा किए जाने पर आभार जताया तथा दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किए जाने की मांग की।
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देवबंद के चिकित्सक पर जानलेवा हमला करने वाले शार्प शूटर के पकड़े जाने पर इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया है। जेल में सुरक्षित रहते हुए रंगदारी के इस कारोबार को बदमाश निश्चिंत होकर अंजाम दे रहे हैं।
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एक बदमाश उत्तराखंड की चमोली जेल में बंद है, दूसरा दिल्ली की तिहाड़ जेल में और तीसरा पंजाब की पटियाला जेल में है। तीनों बिल्कुल विपरीत दिशा में हैं, लेकिन तीनों का नेटवर्क इतना बड़ा है कि योजना भी तैयार कर ली गई और अंजाम तक भी पहुंचा दिया गया।
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पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपी दिल्ली निवासी शार्प शूटर मंजीत ने बताया कि चमोली जेल में बंद सुशील गुर्जर, पटियाला जेल में बंद अमित भूरा और तिहाड़ जेल में बंद नीरज बवाना ने मिलकर चिकित्सक से रंगदारी मांगने की योजना बनाई।
इस योजना को तीनों के गैंग में शामिल गुर्गों के माध्यम से संदेश भेजे गए। पेशी पर जाते समय मुलाकात में पूरी योजना तैयार की गई। उसके बाद अमित भूरा ने डाक्टर अनुज गोयल से रंगदारी मांगी।
रंगदारी नहीं मिलने पर हमला करने का संदेश दिया। उन्हें डॉक्टर को सिर्फ घायल कर दहशत में लाना था, जान से नहीं मारना था। एसएसपी लव कुमार ने बताया कि पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि बदमाशों के गैंग का आपस में संपर्क रहता है और दूसरे क्षेत्र में किसी घटना को करने के लिए एक दूसरे के गैंग के गुर्गों का सहारा लिया जाता है।
बदमाश संदेशों के माध्यम से अथवा पेशी पर आते समय किसी प्रकार मिलकर एक दूसरे को काम सौंपते हैं। यहां भी अमित भूरा ने नीरज बवाना गैंग से मिलकर उनसे घटना को अंजाम दिलाया।
आईएमए के अध्यक्ष ने आभार जताया ः आल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डा. रविंद्र राणा ने डाक्टर पर हमले के शूटर के पकड़े जाने पर पुलिस का आभार जताया। उन्होंने एसएसपी लव कुमार से मिलकर घटना का खुलासा किए जाने पर आभार जताया तथा दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किए जाने की मांग की।