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सांप्रदायिक बवाल में तीन मुकदमे दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 21 Feb 2016 12:53 AM IST
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थाना देहात कोतवाली के गांव सरकड़ी खुमार में शुक्रवार को रविदास जयंती के उपलक्ष्य में निकाली गई शोभायात्रा को लेकर हुए सांप्रदायिक बवाल में शनिवार को पुलिस ने संगीन धाराओं में तीन मुकदमे दर्ज किए। इसमें दो समुदाय के अलावा पुलिस पक्षों की ओर से केस दर्ज किए गए।
इनमें दर्जनों नामजद आरोपियों के साथ ही 200 से अधिक अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा कायम किया गया है। अभी तक पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। नामजद और गिरफ्तार आरोपियों को छोड़ने को लेकर गांव के लोग नेताओं के यहां चक्कर लगाते रहे।
थाना देहात इंस्पेक्टर सुभाष राठौर की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में दोनों पक्षों के दो दर्जन लोगों को नामजद कराया गया। वहीं, मुस्लिम पक्ष की ओर से दलित पक्ष के 16 लोगों को जानलेवा हमले, छेड़छाड़, धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में नामजद कराते हुए 200 अज्ञात के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई।
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तीसरे मुकदमे में दलित पक्ष की ओर से 12 को जुलूस निकालने के दौरान जानलेवा हमला और महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोप के साथ गैरइरादतन हत्या में भी नामजद कराया गया। तीनों ही मामलों में पुलिस ने आरोपी तो कई पकड़े, मगर अलग अलग सियासी दलों के नेताओं के दबाव के बीच सात आरोपी ही जेल भेजे गए।
माहौल सामान्य होने तक गांव में तैनात रहेगी फोर्स : एसएसपी
एसएसपी आरपीएस यादव का कहना है कि घटना के बाद स्थिति पर नियत्रंण पा लिया गया था। एहतियात के तौर पर सरकड़ी खुमार में फोर्स तैनात किया गया है।
यहां माहौल सामान्य होने तक फोर्स तैनात रहेगी। उनके मुताबिक बुजुर्ग की मौत बवाल के दौरान नहीं हुई है। इसके बावजूद पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गांव में फिर से माहौल खराब करने की कोशिश की गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शव का पोस्टमार्टम कराया
सांप्रदायिक बवाल के दौरान मारे गए हरदेवा के शव का जिला अस्पताल में पंचनामा करने के बाद दोपहर बाद पोस्टमार्टम करा दिया गया। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीणों और पुलिस के साथ ही बसपा विधायक जगपाल सिंह सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे। कड़ी सुरक्षा के बीच शव को गांव में भेजवा दिया गया। बता दें कि पुलिस की ओर से वृद्ध की मौत दिल का दौरा पड़ने से बताई गई थी।
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इनमें दर्जनों नामजद आरोपियों के साथ ही 200 से अधिक अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा कायम किया गया है। अभी तक पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। नामजद और गिरफ्तार आरोपियों को छोड़ने को लेकर गांव के लोग नेताओं के यहां चक्कर लगाते रहे।
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थाना देहात इंस्पेक्टर सुभाष राठौर की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में दोनों पक्षों के दो दर्जन लोगों को नामजद कराया गया। वहीं, मुस्लिम पक्ष की ओर से दलित पक्ष के 16 लोगों को जानलेवा हमले, छेड़छाड़, धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में नामजद कराते हुए 200 अज्ञात के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई।
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तीसरे मुकदमे में दलित पक्ष की ओर से 12 को जुलूस निकालने के दौरान जानलेवा हमला और महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोप के साथ गैरइरादतन हत्या में भी नामजद कराया गया। तीनों ही मामलों में पुलिस ने आरोपी तो कई पकड़े, मगर अलग अलग सियासी दलों के नेताओं के दबाव के बीच सात आरोपी ही जेल भेजे गए।
माहौल सामान्य होने तक गांव में तैनात रहेगी फोर्स : एसएसपी
एसएसपी आरपीएस यादव का कहना है कि घटना के बाद स्थिति पर नियत्रंण पा लिया गया था। एहतियात के तौर पर सरकड़ी खुमार में फोर्स तैनात किया गया है।
यहां माहौल सामान्य होने तक फोर्स तैनात रहेगी। उनके मुताबिक बुजुर्ग की मौत बवाल के दौरान नहीं हुई है। इसके बावजूद पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गांव में फिर से माहौल खराब करने की कोशिश की गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शव का पोस्टमार्टम कराया
सांप्रदायिक बवाल के दौरान मारे गए हरदेवा के शव का जिला अस्पताल में पंचनामा करने के बाद दोपहर बाद पोस्टमार्टम करा दिया गया। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीणों और पुलिस के साथ ही बसपा विधायक जगपाल सिंह सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे। कड़ी सुरक्षा के बीच शव को गांव में भेजवा दिया गया। बता दें कि पुलिस की ओर से वृद्ध की मौत दिल का दौरा पड़ने से बताई गई थी।