{"_id":"57f0079a4f1c1b9911573fef","slug":"the-helplessness-of-the-father-on-the-daughter-attempted-suicide","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता की लाचारी पर बेटी ने किया आत्महत्या का प्रयास","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पिता की लाचारी पर बेटी ने किया आत्महत्या का प्रयास
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 02 Oct 2016 12:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर में लाचार पिता ने राज्यपाल को पत्र लिख परिवार समेत इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। इससे आहत बेटी ने पहले ही जहरीले पदार्थ का सेवन कर अपनी जीवन लीला समाप्त करने का प्रयास किया। परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
सिराज कॉलोनी निवासी इमरान खां पुत्र जमशेद खां ने 28 सितंबर को राज्यपाल को पत्र लिखकर परिवार समेत इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। बताया कि सहारनपुर-शाकंभरी रोड पर उसकी बसें चल रही हैं। इस मार्ग पर हो रही डग्गामारी के कारण उनके सामने आर्थिक तंगी पैदा हो गई है। बस स्वामी अपना खर्चा तक नहीं निकाल पा रहे हैं। इस संबंध में तीन बार हाईकोर्ट से आदेश कराए गए। इसके अलावा वह 74 बार शासन से भी आदेश करा चुका है। मगर संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से डग्गामारी जारी है। ऐसे में उनके सामने अपने बच्चों का पेट तक भर पाने की समस्या खड़ी हो गई है। फीस न जाने से बच्चों की पढ़ाई छूट गई है। बसों के टैक्स का कर्ज बढ़ता जा रहा है। टेंशन की वजह से उनकी जीने की इच्छा खत्म हो गई है। ऐसे में उनको इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाएं। मरने के बाद मकान राज्य सरकार के सुपुर्द कर दिया जाए।
इमरान द्वारा लिखे पत्र से आहत बेटी सदफ ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया है। निजी अस्पताल में भर्ती सदफ की हालत गंभीर है। इतना ही नहीं, यह कदम उठाने सेे पहले सदफ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपने पिता की लाचारी बयां की है। इसके अलावा पिता को भी एक पत्र लिखकर अपने द्वारा उठाए गए कदम के लिए माफी मांगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिराज कॉलोनी निवासी इमरान खां पुत्र जमशेद खां ने 28 सितंबर को राज्यपाल को पत्र लिखकर परिवार समेत इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। बताया कि सहारनपुर-शाकंभरी रोड पर उसकी बसें चल रही हैं। इस मार्ग पर हो रही डग्गामारी के कारण उनके सामने आर्थिक तंगी पैदा हो गई है। बस स्वामी अपना खर्चा तक नहीं निकाल पा रहे हैं। इस संबंध में तीन बार हाईकोर्ट से आदेश कराए गए। इसके अलावा वह 74 बार शासन से भी आदेश करा चुका है। मगर संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से डग्गामारी जारी है। ऐसे में उनके सामने अपने बच्चों का पेट तक भर पाने की समस्या खड़ी हो गई है। फीस न जाने से बच्चों की पढ़ाई छूट गई है। बसों के टैक्स का कर्ज बढ़ता जा रहा है। टेंशन की वजह से उनकी जीने की इच्छा खत्म हो गई है। ऐसे में उनको इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाएं। मरने के बाद मकान राज्य सरकार के सुपुर्द कर दिया जाए।
विज्ञापन
इमरान द्वारा लिखे पत्र से आहत बेटी सदफ ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया है। निजी अस्पताल में भर्ती सदफ की हालत गंभीर है। इतना ही नहीं, यह कदम उठाने सेे पहले सदफ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपने पिता की लाचारी बयां की है। इसके अलावा पिता को भी एक पत्र लिखकर अपने द्वारा उठाए गए कदम के लिए माफी मांगी है।
विज्ञापन