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मंदिर के पुजारी की हत्या

Sun, 01 Nov 2015 12:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, छुटमलपुर-बिहारीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, छुटमलपुर-बिहारीगढ़ Updated Sun, 01 Nov 2015 12:23 AM IST
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Temple priest's murder
बिहारीगढ़ के गोरखनाथ मंदिर में शुक्रवार की रात पुजारी की धारदार हथियार और लाठी डंडों से वार कर हत्या कर दी गई। उनके दोनो हाथों की हड्डियां टूटी थी और सिर पर तीन गहरे जख्म थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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बिहारीगढ़ में गुरु गोरखनाथ का मंदिर है। इसमें रामपुर मनिहारान के गांव लुंढी निवासी 65 वर्षीय पुजारी कलीनाथ अकेले रहते थे। पांच माह पूर्व ही वे यहां आए थे। शनिवार को दिन में मंदिर में भंडारा और रात में जागरण होना था। शनिवार सुबह सात बजे मंदिर के एक भक्त ब्रिजेश कांबोज भंडारे का सामान लेकर मंदिर पहुंचे तो बरामदे से बाहर खून से लथपथ पुजारी का शव पड़ा था। उन्होंने मंदिर से जुड़े लोगों और पुलिस को सूचना दी।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की तो पाया कि पुजारी के दोनों हाथों की हड्डियां टूटी हुई थी और सिर पर धारदार हथियार के तीन गहरे जख्म थे। मौके से खून से सना एक डंडा भी बरामद हुआ है। पुलिस ने डंडे को सीज कर दिया। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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व्यापार मंडल अध्यक्ष अशोक राठौर की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुजारी की हत्या के बाद मंदिर में होने वाला भंडारा और रात जागरण का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। एसओ आरके गौतम ने बताया कि हत्यारों का मकसद केवल पुजारी की हत्या करना था। मंदिर से कोई सामान गायब नहीं है।  जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।

वहीं पुजारी की हत्या पर मंदिर समिति से जुड़े लोगों नेआक्रोश जताते हुए हत्याकांड के खुलासे की मांग की है। इनमें अशोक राठौर, अनिल राठौर, रवि रुहेला, राज किशोर सैनी, नरेंद्र कुमार, सुशील कुमार, रविंद्र आदि रहे।

परिवार की जिम्मेदारी पूरी कर बन गए थे पुजारी
रामपुर मनिहारान/छुटमलपुर। कलीनाथ रामपुर मनिहारान थाना क्षेत्र के गांव लुंढी के रहने वाले थे। अपने तीन बेटों और पांच बेटियों की शादी करने के बाद वे अब से करीब 15 साल पहले गृहस्थ जीवन छोड़ कर पुजारी बन गए थे। तीनों बेटे शीशपाल, मदन और रविंद्र पिता का शव लेने पहुंचे।


घर पर मौजूद महिलाओं ने बताया कि वह साल-छह माह में एक बार घर आते थे और एक दो दिन रुक कर चले जाते थे। ग्राम प्रधान के अनुसार वह सीधे व्यक्ति थे। उसकी किसी से रंजिश नहीं थी। उसके तीनों बेटे भी मजदूरी करते हैं। ऐसे में संपत्ति विवाद भी कोई नहीं था। 

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