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तस्करों ने काट डाले खैर के सात पेड़
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 19 Jun 2017 12:34 AM IST
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चौकीदार से जानकारी लेते वनाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के बेहट में शिवालिक वन प्रभाग की बादशाहीबाग वन रेंज से बेशकीमती खैर के सात पेड़ तस्करों द्वारा काट लिए गए। इसकी सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
शनिवार की रात बादशाहीबाग वन रेंज की चपड़ी बीट के जंगल से खैर के सात पेड़ काटे पेड़ तस्करों द्वारा काटे गए। इसकी सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
रविवार की सुबह रेंज अधिकारी शरद कुमार गुप्ता पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और काटे गए पेड़ों का मौका मुआयना किया। इसके बाद उन्होंने बीट में संविदा पर रखे गए शेरपुर पेलो गांवों के चारों चौकीदारों को मौके पर बुलाकर पूछताछ की।
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पूछताछ के दौरान चौकीदारों की तस्करों से मिलीभगत का संदेह होने पर रेंज अधिकारी ने उन्हें हिरासत में लेकर थाना मिर्जापुर पुलिस को सौंप दिया।
उधर, शिवालिक जंगल (आरक्षित वन क्षेत्र) से बेशकीमती खैर के पेड़ों का अवैध कटान रोकने के लिए वन विभाग ने एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है, लेकिन खैर तस्कर बाज नहीं आ रहे है।
आए दिन जंगल से खैर के पेड़ों का कटान कर लकड़ी की तस्करी कर रहे है। लग्जरी वाहनों तक में खैर की लकड़ी की तस्करी की जा रही है। बड़े पैमाने पर की जा रहे खैर के अवैध कटान से शिवालिक जंगल इस बेशकीमती लकड़ी से खाली होता जा रहा है।
एक साल पहले वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने शिवालिक जंगल का भ्रमण कर अवैध कटान की हकीकत भी जानी थी और लकड़ी तस्करी के मामले में वनकर्मियों की मिलीभगत भी उनके सामने आई थी।
इस पर व्यापक अभियान चलाकर एक साल से तस्करों की धर पकड़ भी की जा रही है और उन पर भारी भरकम जुर्माने की राशि भी ठोकी जा रही है। कई वनकर्मी भी अवैध कटान पर निलंबित हो चुके हैं। इसके बाद भी तस्करों का कुल्हाड़ा रोकने में वन विभाग पूरी तरह से बेबस नजर आ रहा है।
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शनिवार की रात बादशाहीबाग वन रेंज की चपड़ी बीट के जंगल से खैर के सात पेड़ काटे पेड़ तस्करों द्वारा काटे गए। इसकी सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
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रविवार की सुबह रेंज अधिकारी शरद कुमार गुप्ता पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और काटे गए पेड़ों का मौका मुआयना किया। इसके बाद उन्होंने बीट में संविदा पर रखे गए शेरपुर पेलो गांवों के चारों चौकीदारों को मौके पर बुलाकर पूछताछ की।
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पूछताछ के दौरान चौकीदारों की तस्करों से मिलीभगत का संदेह होने पर रेंज अधिकारी ने उन्हें हिरासत में लेकर थाना मिर्जापुर पुलिस को सौंप दिया।
उधर, शिवालिक जंगल (आरक्षित वन क्षेत्र) से बेशकीमती खैर के पेड़ों का अवैध कटान रोकने के लिए वन विभाग ने एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है, लेकिन खैर तस्कर बाज नहीं आ रहे है।
आए दिन जंगल से खैर के पेड़ों का कटान कर लकड़ी की तस्करी कर रहे है। लग्जरी वाहनों तक में खैर की लकड़ी की तस्करी की जा रही है। बड़े पैमाने पर की जा रहे खैर के अवैध कटान से शिवालिक जंगल इस बेशकीमती लकड़ी से खाली होता जा रहा है।
एक साल पहले वन विभाग के उच्चाधिकारियों ने शिवालिक जंगल का भ्रमण कर अवैध कटान की हकीकत भी जानी थी और लकड़ी तस्करी के मामले में वनकर्मियों की मिलीभगत भी उनके सामने आई थी।
इस पर व्यापक अभियान चलाकर एक साल से तस्करों की धर पकड़ भी की जा रही है और उन पर भारी भरकम जुर्माने की राशि भी ठोकी जा रही है। कई वनकर्मी भी अवैध कटान पर निलंबित हो चुके हैं। इसके बाद भी तस्करों का कुल्हाड़ा रोकने में वन विभाग पूरी तरह से बेबस नजर आ रहा है।