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अपराध नियंत्रण में पुलिस हुई फेल
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 12 Jun 2016 12:58 AM IST
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अनेक अपराधिक घटनाओं में पुलिस खुलासा करना तो दूर की बात अपराधियों तक को पकड़ने में नाकाम साबित रही है। ऐसे में लोगों का पुलिस से भरोसा उठता जा रहा है।
अनेक मामलों में पुलिस केवल लकीर ही पीट रही है, जबकि अपराधी घटनाओं को अंजाम देने के बाद मौज काट रहे हैं। ऐसे हालात में पुलिस पर घटनाओं के खुलासे और अपराधियों को पकड़ने का दबाव बना हुआ है।
पूरे एक महीने पहले कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र में बाइक सवार चार अपराधी मोबाइल कारोबारी हिमांशु अरोड़ा की हत्या कर फरार हो गए थे। चौतरफा दबाव के बाद पुलिस ने चार दिन के भीतर दो अपराधियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया था।
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साथ ही अमजद नाम के मुख्य आरोपी तथा उसके अज्ञात साथी के फरार होने की बात कही थी। उम्मीद थी कि पुलिस अमजद और उसके साथी को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज देगी, मगर ऐसा नहीं हो सक। अमजद को राजनीतिक संरक्षण मिले होने की वजह से पुलिस उस पर हाथ नहीं डाल सकी है। हालांकि तीन दिन पहले ही पुलिस ने अमजद पर दबाव बनाने के लिए धारा 82 की कार्रवाई शुरू की है।
देेहात कोतवाली क्षेत्र के ढमोला गांव में चुनावी रंजिश में एक ही परिवार के दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में तत्कालीन देहात कोतवाली प्रभारी के खिलाफ पीड़ितों में रोष था। घटना में 16 लोगों को नामजद किया गया था। हैरत की बात यह है कि पुलिस अभी तक पांच लोगों को ही गिरफ्तार कर सकी है। बाकी 11 लोगों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस गंभीर नजर नहीं आ रही है।
मामले में पुलिस पर आरोपियों केे बचाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। सप्ताहभर पहले हसनपुर चौकी क्षेत्र में एक संग्रह अमीन के घर करीब 15 लाख की चौरी हुई थी, जिसका खुलासा पुलिस अब तक नहीं कर सकी है।
तीन दिन पहले ही चोरों ने थाना जनकपुरी क्षेत्र में पुलिस को चुनौती देते हुए थाने से करीब 200 मीटर दूर स्थित एक मकान की ताला तोड़कर दिनदहाड़े लाखों रुपये की चोरी कर ली। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी हाथ लगे थे, मगर पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। अनेक बड़ी घटनाओं में लगातार पुलिस की विफलता पीड़ितों की नाराजगी की वजह बन रही है।
अधिकारी कहिन
जिन घटनाओं का खुलासा नहीं हुआ है, उनके लिए पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। जल्द ही उनका खुलासा किया जाएगा। हिमांशु और ढमोला प्रकरण में पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए सभी तरह के कदम उठा रही है। जल्द ही आरोपी पुुलिस की गिरफ्त में होंगे।
- प्रदीप कुमार यादव, एसएसपी।
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अनेक मामलों में पुलिस केवल लकीर ही पीट रही है, जबकि अपराधी घटनाओं को अंजाम देने के बाद मौज काट रहे हैं। ऐसे हालात में पुलिस पर घटनाओं के खुलासे और अपराधियों को पकड़ने का दबाव बना हुआ है।
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पूरे एक महीने पहले कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र में बाइक सवार चार अपराधी मोबाइल कारोबारी हिमांशु अरोड़ा की हत्या कर फरार हो गए थे। चौतरफा दबाव के बाद पुलिस ने चार दिन के भीतर दो अपराधियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया था।
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साथ ही अमजद नाम के मुख्य आरोपी तथा उसके अज्ञात साथी के फरार होने की बात कही थी। उम्मीद थी कि पुलिस अमजद और उसके साथी को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज देगी, मगर ऐसा नहीं हो सक। अमजद को राजनीतिक संरक्षण मिले होने की वजह से पुलिस उस पर हाथ नहीं डाल सकी है। हालांकि तीन दिन पहले ही पुलिस ने अमजद पर दबाव बनाने के लिए धारा 82 की कार्रवाई शुरू की है।
देेहात कोतवाली क्षेत्र के ढमोला गांव में चुनावी रंजिश में एक ही परिवार के दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में तत्कालीन देहात कोतवाली प्रभारी के खिलाफ पीड़ितों में रोष था। घटना में 16 लोगों को नामजद किया गया था। हैरत की बात यह है कि पुलिस अभी तक पांच लोगों को ही गिरफ्तार कर सकी है। बाकी 11 लोगों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस गंभीर नजर नहीं आ रही है।
मामले में पुलिस पर आरोपियों केे बचाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। सप्ताहभर पहले हसनपुर चौकी क्षेत्र में एक संग्रह अमीन के घर करीब 15 लाख की चौरी हुई थी, जिसका खुलासा पुलिस अब तक नहीं कर सकी है।
तीन दिन पहले ही चोरों ने थाना जनकपुरी क्षेत्र में पुलिस को चुनौती देते हुए थाने से करीब 200 मीटर दूर स्थित एक मकान की ताला तोड़कर दिनदहाड़े लाखों रुपये की चोरी कर ली। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी हाथ लगे थे, मगर पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। अनेक बड़ी घटनाओं में लगातार पुलिस की विफलता पीड़ितों की नाराजगी की वजह बन रही है।
अधिकारी कहिन
जिन घटनाओं का खुलासा नहीं हुआ है, उनके लिए पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। जल्द ही उनका खुलासा किया जाएगा। हिमांशु और ढमोला प्रकरण में पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए सभी तरह के कदम उठा रही है। जल्द ही आरोपी पुुलिस की गिरफ्त में होंगे।
- प्रदीप कुमार यादव, एसएसपी।