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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Now after two months will decide Gurdeep life

अब दो माह बाद होगा गुरदीप की जिंदगी का फैसला 

Tue, 23 Aug 2016 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Tue, 23 Aug 2016 12:07 AM IST
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Now after two months will decide Gurdeep life
गुुरदीप। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर के गंगोह में इंडोनेशिया में मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में जेल में बंद क्षेत्र के गांव शीतलपुर निवासी गुरदीप को एक बार फिर से दो माह के लिए जीवनदान मिल गया है।
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17 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा उसके वकील को अगली सुनवाई के लिए दो माह का वक्त दिया गया है। अब दो माह बाद जकार्ता स्थित सुप्रीम कोर्ट में उसकी जिंदगी और मौत का फैसला होगा। उधर गुरदीप के परिजन उसके सकुशल घर वापस लौटने की आस लगाए बैठे हैं।
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बता दें कि गंगोह क्षेत्र के गांव शीतलपुर निवासी गुरदीप सिंह 2002 में परिवार सहित न्यूजीलैंड जाने के लिए घर से निकला था लेकिन वह मानव तस्करों के जाल में फंसकर इंडोनेशिया पहुंच गया था।
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वहां 29 अगस्त 2004 को सुकर्णो हत्ता हवाई अड्डे पर इंडोनेशिया, नाईजीरिया, जिम्बाबे और पाकिस्तान के 14 लोगों सहित मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में पुलिस ने पकड़ कर उसे जेल भेज दिया था।

फरवरी 2005 में तांगेराम अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ बानतेल हाईकोर्ट में की गई अपील खारिज होने के बाद उसने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। परंतु वहां भी उसकी सजा को बरकरार रखा गया। 

26 जुलाई को परिजनों को पता चला कि तीन दिन में गुरदीप को शूट कर दिया जाएगा। इसके बाद उन्होंने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई और 28 जुलाई की रात केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के हस्तक्षेप के चलते शूट किए जाने से महज पांच मिनट पूर्व उसकी मौत की सजा को स्थगित कर दिया गया।

इसके बाद गुरदीप के पिता ने विदेश मंत्रालय के सहयोग से उसके कानूनी प्रतिनिधि अफजाल मोहम्मद के माध्यम से वहां के सुप्रीम कोर्ट में विशेष अर्जी दाखिल की। 

भारतीय दूतावास द्वारा भी इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय को एक नोट वर्बेल भेजा गया जिसमें मौत की सजा से पूर्व सभी कानूनी उपाय अपनाने का आग्रह किया गया।

उसके भाई गुरप्रीत सिंह ने बताया कि 17 अगस्त को उनकी अर्जी पर हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने अगली सुनवाई के लिए दो माह बाद की तारीख मुकर्रर कर दी है।

बताया कि गुरदीप के वकील ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि अब गुरदीप की मौत की सजा माफ होना लगभग तय है।  परंतु ये अदालत पर निर्भर है कि वह उसकी सजा पूर्ण मानकर उसे भारत वापस भेजती है अथवा कुछ वर्ष और जेल में रहने की सजा सुनाती है।

कहा कि यदि  किसी वजह से उनकी अपील खारिज हुई तो वह वहां के राष्ट्रपति के समक्ष क्षमा याचिका दायर करेंगे।  गुरदीप के साथ ही उसके साथ पकडे़ गए बाकी 9 लोगों की जिंदगी भी गुरदीप की सजा को लेकर आने वाले फैसले पर निर्भर है।


यदि गुरदीप की सजा माफ होती है तो उसके साथ ही पकडे़ गए 13 अन्य लोगों में  जिंदा बचे पाकिस्तानी, हालेंड, नाईजीरिया और इंडोनेशिया के 9 लोगों को भी  इसका लाभ मिलना तय है। जबकि इनमें से चार लोगों को शूट किया जा चुका है। 
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