फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   jile mein samanya nahin haalat

जिले में सामान्य नहीं हैं हालात

Mon, 15 May 2017 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 15 May 2017 12:40 AM IST
विज्ञापन
jile mein samanya nahin haalat
बड़गांव में फ्लैग मार्च करते आरएएफ के जवान। - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर में भले ही पुलिस प्रशासन जनपद के हालात काबू में होने की बात कह रहा हो, मगर खुफिया विभाग की रिपोर्ट को मानें तो हालात सामान्य नहीं हैं। जनपद में गांव दर गांव दलित संगठन गुपचुप बैठकें कर रहे हैं। इससे प्रशासन की नींद उड़ी हुई है। यही वजह है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जनपद में आरएएफ, आरआरएफ और पीएसी की कई कंपनियां डेरा डाले हैं। सभी थानों और मुखबिर तंत्र को
विज्ञापन

अलर्ट किया गया है। देहात में आरएएफ द्वारा फ्लैग मार्च कराकर माहौल को सामान्य बनाने की कोशिश की जा रही है। 

खुफिया तंत्र सड़क दूधली की घटना को भांप नहीं सका था। यही वजह रही कि वहां हुए बवाल को रोकने की पुलिस की कोई तैयारी नहीं थी। इसके बाद शब्बीरपुर की घटना में भी खुफिया तंत्र फेल नजर आया। तीसरी बार नौ मई को जनपद में जगह-जगह हुए बवाल का पता लगाने में भी खुफिया तंत्र नाकाम साबित रहा। मगर नौ मई की घटना के बाद से खुफिया तंत्र को अलर्ट किया गया है। लोकल स्तर पर ही नहीं, बाहर से आई खुफिया एजेंसियां भी जनपद के माहौल पर नजर बनाए हुए हैं, जो अपनी रिपोर्ट लगातार शासन को भेज रही हैं।
विज्ञापन


सूत्रों की मानें तो खुफिया विभाग की ओर से दिए जा रहे इनपुट्स के मुताबिक जनपद के हालात अब  भी सामान्य नहीं हैं। बताया जा रहा है कि जनपद में जगह-जगह गुपचुप बैठकें चल रही हैं। सभी थानों को अलर्ट करने के साथ ही बाहरी  पुलिस फोर्स के माध्यम  से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर   रखी जा रही है। गांव में रखे जाने वाले चौकीदारों और मुखबिरों को पैनी नजर रखने को कहा गया है। इसके अलावा प्रशासन गांव-गांव शांति समितियों की बैठक कर माहौल को सामान्य करने के प्रयास में जुटा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed