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त्रिवेणी शुगर मिल पर रिपोर्ट दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, देवबंद
Updated Sat, 19 Mar 2016 01:19 AM IST
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सहकारी गन्ना विकास समिति के विशेष सचिव रामनेरश शर्मा ने त्रिवेणी शुगर मिल मालिक, उपाध्यक्ष और जीएम फाइनेंस के विरुद्ध कमीशन की बकाया 1 करोड़ 65 लाख 66 हजार रुपये की रकम हड़पने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शुगर मिल के भुगतान न करने के कारण समिति एवं परिषद वेतनभोगी कर्मचारी वेतन नहीं पा रहे और चार दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं।
शुक्रवार को सहकारी गन्ना समिति के सचिव रामनरेश शर्मा की तहरीर पर दर्ज रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष 2011-12 और 2012-13 में त्रिवेणी शुगर मिल देवबंद को कुल 123.40 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति समिति के माध्यम से की गई।
जिसका कुल कमीशन 3 करोड़ 81 लाख 35 हजार रुपये बनता है। जिसमें से शुगर मिल पर 1 करोड़ 65 लाख 66 हजार रुपये बकाया है।
चीनी मिल प्रबंधन ने इस धनराशि का भुगतान नहीं किया है। जिसके चलते समिति और परिषद वेतनभोगी कर्मचारी वेतन नहीं पा रहे हैं और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देय का भुगतान भी नहीं हो पा रहा है।
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इसी कारण 15 मार्च से वेतनभोगी कर्मचारी आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। जबकि 16 मार्च से सहकारी गन्ना विकास समिति के सभी स्थायी सामयिक कर्मचारियों द्वारा भी विगत दो माह से वेतन न मिलने के कारण परिषद वेतनभोगी कर्मचारियों के साथ कर्मिक अनशन शुरू कर दिया है।
रामनरेश शर्मा ने आरोप लगाया कि शुगर मिल प्रबंधन ने बकाया कमीशन को हड़प लिया है। बार बार मांगे जाने पर भी भुगतान नहीं किया गया। जबकि पेराई सत्र 2011-12 एवं 2012-13 में चीनी मिल द्वारा उत्पादित चीनी, शीरा एवं बैगास की बिक्री करते हुए धन प्राप्त कर लिया गया है। जबकि अमानत में खयानत के उद्देश्य से समिति के कमीशन का भुगतान नहीं किया गया।
रामनरेश की तहरीर पर पुलिस ने उक्त आरोपों के चलते चीनी मिल मालिक ध्रुव मोहन साहनी, उपाध्यक्ष दीनानाथ मिश्रा और जीएम फाइनेंस दिनेश गर्ग के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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शुगर मिल के भुगतान न करने के कारण समिति एवं परिषद वेतनभोगी कर्मचारी वेतन नहीं पा रहे और चार दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं।
शुक्रवार को सहकारी गन्ना समिति के सचिव रामनरेश शर्मा की तहरीर पर दर्ज रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष 2011-12 और 2012-13 में त्रिवेणी शुगर मिल देवबंद को कुल 123.40 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति समिति के माध्यम से की गई।
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जिसका कुल कमीशन 3 करोड़ 81 लाख 35 हजार रुपये बनता है। जिसमें से शुगर मिल पर 1 करोड़ 65 लाख 66 हजार रुपये बकाया है।
चीनी मिल प्रबंधन ने इस धनराशि का भुगतान नहीं किया है। जिसके चलते समिति और परिषद वेतनभोगी कर्मचारी वेतन नहीं पा रहे हैं और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देय का भुगतान भी नहीं हो पा रहा है।
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इसी कारण 15 मार्च से वेतनभोगी कर्मचारी आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। जबकि 16 मार्च से सहकारी गन्ना विकास समिति के सभी स्थायी सामयिक कर्मचारियों द्वारा भी विगत दो माह से वेतन न मिलने के कारण परिषद वेतनभोगी कर्मचारियों के साथ कर्मिक अनशन शुरू कर दिया है।
रामनरेश शर्मा ने आरोप लगाया कि शुगर मिल प्रबंधन ने बकाया कमीशन को हड़प लिया है। बार बार मांगे जाने पर भी भुगतान नहीं किया गया। जबकि पेराई सत्र 2011-12 एवं 2012-13 में चीनी मिल द्वारा उत्पादित चीनी, शीरा एवं बैगास की बिक्री करते हुए धन प्राप्त कर लिया गया है। जबकि अमानत में खयानत के उद्देश्य से समिति के कमीशन का भुगतान नहीं किया गया।
रामनरेश की तहरीर पर पुलिस ने उक्त आरोपों के चलते चीनी मिल मालिक ध्रुव मोहन साहनी, उपाध्यक्ष दीनानाथ मिश्रा और जीएम फाइनेंस दिनेश गर्ग के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है।