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क्राइम बांच करेगी सड़क दूधली प्रकरण की जांच

Sat, 29 Apr 2017 12:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Sat, 29 Apr 2017 12:58 AM IST
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Crime Branch to investigate Sadak Dudhali case
सड़क दूधली प्रकरण में जिला कारागार में बंद समर्थकों से मिलने जाते भाजपा सांसद राघव लखनपाल शर्मा आैर अन्य कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सड़क दूधली के बवाल में जनकपुरी पुलिस द्वारा अभी तक गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जा रही थी। लेकिन अब विवेचना  क्राइम ब्रांच के सुपुर्द कर दी गई है। उसके बाद जनकपुरी पुलिस ने आरोपियों की ओर रुख करना पूरी तरह से बंद कर दिया है। जनकपुरी पुलिस ने मामला क्राइम ब्रांच पर ही डाल दिया है। 
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सड़क दूधली के बवाल के बाद जो आग लगी, उसने सहारनपुर के माहौल को झुलसा के रख दिया। पुलिस कार्रवाई हुई तो खलबली मच गई। बवाल के आरोपी शहर छोड़कर भाग खड़े हुए। सहारनपुर के बवाल की लपटें लखनऊ तक पहुंची तो राजनीतिक तपिश भी बढ़ने लगी। डीएम और एसएसपी को हटा दिया गया। 
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 इनके हटते ही कार्रवाई भी ढीली हो  गई। तीन दिन से बवाल का एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किया जा सका। इससे पहले पुलिस ने लगभग डेढ़ दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया है।
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अधिकारियों को हटाने के बाद  इस प्रकरण की जांच  क्राइम ब्रांच की सुपुर्दगी में दी गई। जिससे कार्रवाई में थोड़ी ढील हाे गई।

आरोपियों की गिरफ्तारी के चल रही पुलिस की दबिश भी थम गई। जिससे आरोपियों की काफी राहत मिली। पैरवी के अभाव में एक आरोपी को अंतरिम जमानत मिल गई, जबकि तीन दिन से पुलिस ने एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस ने अब दबिश देना भी बंद कर दिया है। अब नए डीए और एसएसपी पर सबकी निगाहें टिकी हैं। इनके कार्यभार ग्रहण करने के बाद ही कार्रवाई की दिशा तय होगी। बहरहाल माना यह जा रहा है कि अब इतनी सख्ती नहीं होगी।

लौटने लगे बवाल के आरोपी
पुलिस और प्रशासन के सख्त रवैये को देखते हुए बवाल के बाद आरोपी शहर छोड़कर फरार हो गए थे। जिनके नाम एफआईआर में शामिल थे वे तो गायब हए ही, अन्य भी शहर और गांव छोड़कर फरार हो गए। लेकिन जैसे ही कप्तान और डीएम का ट्रांसफर हुआ तथा पुलिस दबिश के बंद होने का मैसेज पहुंचा, बवाल के आरोपियों की जान में जान आ गई।

वहीं मामले की जांच भी क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। जिससे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए डाली जा रही दबिश भी बंद हो गई। जिससे भूमिगत हुए आरोपियों को काफी हौसला मिला। सूत्रों के अनुसार अधिकांश लोग स्थानांतरण की सूचना के बाद ही अपने-अपने घर पहुंच गए हैं और दबिश बंद होने के बाद बवाल के आरोपी अपने घर पहुंच गए।

द्वेष भावना से की गई समर्थकों की गिरफ्तारी : राघव 
सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने कहा है कि उनके समर्थकों को अधिकारियों ने द्वेष भावना के चलते गिरफ्तार किया है। गलत तरीके से कुछ लोगों की गिरफ्तारी की गई। कुछ समर्थकों के साथ बेरहमी से मारपीट भी की गई। 

सांसद राघव लखनपाल शर्मा शुक्रवार को दोपहर लगभग 12 बजे जिला कारागार पहुंचे और सड़क दूधली बवाल के आरोप में जेल में बंद अपने समर्थकों से मुलाकात की। समर्थकों से मिलने के बाद उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों में सिर्फ उनके 7 समर्थक हैं, जो गलत तरीके से गिरफ्तार किए गए हैं।

अन्य उपद्रवी हैं, जिन्होंने सड़क दूधली में बवाल कराया। उन्होंने बताया कि जेल में बंद उनके समर्थक हताश थे। दो तीन लोगों के साथ पुलिस ने बुरी तरह से मारपीट की। उन्होंने बंद समर्थकों को आश्वासन दिया है कि किसी भी प्रकार से उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी।


उन्हें शीघ्र बाहर निकलवाया जाएगा। इसके लिए अच्छे से अच्छा वकील करेंगे। उन्होंने कहा कि वह कानून के मामलों में तो कोई दखल नहीं देंगे, लेकिन जो गिरफ्तारियां हुईं वह गलत थीं। इस मामले में अन्य लोगों की गिरफ्तारियां नहीं होने देंगे। जेल में बंद समर्थकों से सांसद के साथ मुलाकात करने वालों में राहुल लखनपाल शर्मा, राजीव, सोमेंद्र राणा शामिल रहे।
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