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Delhi NCR News: पतंग लूटने के दौरान खुले नाले में गिरे आठवीं के छात्र का शव चौथे दिन बरामद
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- बेटे को खोजते पिता का वायरल हुआ था वीडियो
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दक्षिण-पूर्व जिले के सरिता विहार थाना क्षेत्र में जसोला गांव में पतंग पकड़ने की कोशिश में खुले नाले में गिरे आठवीं कक्षा के छात्र 15 वर्षीय मिथुन का शव घटना के चौथे दिन मंगलवार दोपहर को बरामद हो गया। घटना के बाद से दमकल, एनडीआरएफ टीम, बचावकर्मियों और गोताखोरों का दल ने घटना वाले दिन से ही तलाशी अभियान चलाया था। दूसरी तरफ मिथुन के पिता का हाथ में छड़ी लेकर नाले में बेटे को तलाशने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त विनित कुमार ने बताया कि मूल रूप से उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले मिथुन का परिवार जसौला में रहता है। शनिवार सुबह घर के समीप उनका बेटा मिथुन साथियों के साथ पतंग पकड़ रहा था। सुबह करीब 11 बजे अचानक पतंग के पीछे भागते हुए वह खुले नाले में जा गिरा था।
बेटे की तलाश में लापरवाही बरतने का आरोप
अवधेश ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने यदि शुरू से बेटे की तलाश में तेजी दिखाई होती तो शनिवार को ही बच्चा मिल जाता। तीन दिन बाद शव मिला है। मंगलवार को जेसीबी 20 मिनट चलाई गई और बेटे का शव मिल गया। यदि शनिवार को ही जेसीबी बुलाकर कार्रवाई की होती तो हमें चार दिन परेशान नहीं होना पड़ता। नाले का समाधान होना चाहिए जिससे किसी गरीब का बच्चा इसमें न गिरे। हमारे बच्चे का शव तो मिल गया मगर काफी ऐसे परिवार भी हैं जिनके अपनों के शव कभी मिले ही नहीं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दक्षिण-पूर्व जिले के सरिता विहार थाना क्षेत्र में जसोला गांव में पतंग पकड़ने की कोशिश में खुले नाले में गिरे आठवीं कक्षा के छात्र 15 वर्षीय मिथुन का शव घटना के चौथे दिन मंगलवार दोपहर को बरामद हो गया। घटना के बाद से दमकल, एनडीआरएफ टीम, बचावकर्मियों और गोताखोरों का दल ने घटना वाले दिन से ही तलाशी अभियान चलाया था। दूसरी तरफ मिथुन के पिता का हाथ में छड़ी लेकर नाले में बेटे को तलाशने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त विनित कुमार ने बताया कि मूल रूप से उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले मिथुन का परिवार जसौला में रहता है। शनिवार सुबह घर के समीप उनका बेटा मिथुन साथियों के साथ पतंग पकड़ रहा था। सुबह करीब 11 बजे अचानक पतंग के पीछे भागते हुए वह खुले नाले में जा गिरा था।
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बेटे की तलाश में लापरवाही बरतने का आरोप
अवधेश ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने यदि शुरू से बेटे की तलाश में तेजी दिखाई होती तो शनिवार को ही बच्चा मिल जाता। तीन दिन बाद शव मिला है। मंगलवार को जेसीबी 20 मिनट चलाई गई और बेटे का शव मिल गया। यदि शनिवार को ही जेसीबी बुलाकर कार्रवाई की होती तो हमें चार दिन परेशान नहीं होना पड़ता। नाले का समाधान होना चाहिए जिससे किसी गरीब का बच्चा इसमें न गिरे। हमारे बच्चे का शव तो मिल गया मगर काफी ऐसे परिवार भी हैं जिनके अपनों के शव कभी मिले ही नहीं।
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