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मुन्ना भाई से परीक्षा दिलाकर पुलिस भर्ती होने के लिए पहुंचे दो गिरफ्तार
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पुलिस भर्ती होने के लिए पहुंचे दो गिरफ्तार
सहारनपुर। पुलिस भर्ती के दौरान अपने स्थान पर दूसरे से लिखित परीक्षा दिलाकर अपने अभिलेखों की जांच कराने के लिए पहुंचे दो अभ्यर्थियों को भर्ती टीम ने पकड़ लिया। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई तथा दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपी अलीगढ़ के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
सहारनपुर में 27 दिसंबर से दो जनवरी तक पुलिस भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया के तहत पास हुए अभ्यर्थियों के अभिलेखों की जांच की गई तथा शारीरिक मापदंड लिया गया। जिसमें लगभग साढ़े पांच हजार अभ्यर्थी शामिल हुए। पुलिस अधीक्षक देहात विद्यासागर मिश्र की देखरेख में चल रही भर्ती प्रक्रिया में टीम ने दो अभ्यर्थियों को संदिग्ध पाए जाने के बाद पकड़ लिया।
एसपी देहात विद्यासागर मिश्र ने बताया कि दोनों अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक जांच में अंगूठों का मेल नहीं पाया गया। जब बारीकी से उनके फोटो की जांच की गई तो फोटो भी सही नहीं पाए गए। जिस पर दोनों को पकड़ लिया गया। जिनमें दिनेश कुमार निवासी मलिकपुर, इगलास, अलीगढ़ तथा विश्वजीत निवासी नगला बबूल हरदुआगंज अलीगढ़ हैं। उन्होंने बताया कि उनके स्थान पर दूसरे ने परीक्षा दी थी। जिसमें वे पास हो गए। उनके पास प्रपत्रों की जांच कराने के लिए पत्र पहुंचा, तो वे अपने कागजों की जांच कराने के लिए सहारनपुर पहुंचे। एसपी देहात ने बताया कि दोनों के खिलाफ भर्ती कराने वाली टीम के मुख्य अधिकारी दिनेश कुमार निवासी मोहल्ला अलमासपुर थाना नई मंडी की ओर से सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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-- एक ने बीस हजार, तो दूसरे ने एक लाख रुपये दिए
एसपी देहात ने बताया कि दोनों से सख्ती से पूछताछ की गई तो दोनों आरोपियों ने बताया कि उनकी लिखित परीक्षा आगरा और मथुरा में हुई थी। दिनेश ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर जब वह पहुंचा तो उसे एक युवक मिला। जिसने उससे बीस हजार रुपये में परीक्षा देना तय किया। उसने प्रवेश पत्र में फेरबदल किया, फोटो लगाया और परीक्षा दी। जबकि विश्वजीत ने बताया कि उसने अपनी परीक्षा में बैठने के बदले एक लाख रुपये दिए थे, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि वे लोग कौन थे, कहां के थे और किस गिरोह से थे।
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सहारनपुर। पुलिस भर्ती के दौरान अपने स्थान पर दूसरे से लिखित परीक्षा दिलाकर अपने अभिलेखों की जांच कराने के लिए पहुंचे दो अभ्यर्थियों को भर्ती टीम ने पकड़ लिया। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई तथा दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपी अलीगढ़ के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
सहारनपुर में 27 दिसंबर से दो जनवरी तक पुलिस भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया के तहत पास हुए अभ्यर्थियों के अभिलेखों की जांच की गई तथा शारीरिक मापदंड लिया गया। जिसमें लगभग साढ़े पांच हजार अभ्यर्थी शामिल हुए। पुलिस अधीक्षक देहात विद्यासागर मिश्र की देखरेख में चल रही भर्ती प्रक्रिया में टीम ने दो अभ्यर्थियों को संदिग्ध पाए जाने के बाद पकड़ लिया।
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एसपी देहात विद्यासागर मिश्र ने बताया कि दोनों अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक जांच में अंगूठों का मेल नहीं पाया गया। जब बारीकी से उनके फोटो की जांच की गई तो फोटो भी सही नहीं पाए गए। जिस पर दोनों को पकड़ लिया गया। जिनमें दिनेश कुमार निवासी मलिकपुर, इगलास, अलीगढ़ तथा विश्वजीत निवासी नगला बबूल हरदुआगंज अलीगढ़ हैं। उन्होंने बताया कि उनके स्थान पर दूसरे ने परीक्षा दी थी। जिसमें वे पास हो गए। उनके पास प्रपत्रों की जांच कराने के लिए पत्र पहुंचा, तो वे अपने कागजों की जांच कराने के लिए सहारनपुर पहुंचे। एसपी देहात ने बताया कि दोनों के खिलाफ भर्ती कराने वाली टीम के मुख्य अधिकारी दिनेश कुमार निवासी मोहल्ला अलमासपुर थाना नई मंडी की ओर से सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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-- एक ने बीस हजार, तो दूसरे ने एक लाख रुपये दिए
एसपी देहात ने बताया कि दोनों से सख्ती से पूछताछ की गई तो दोनों आरोपियों ने बताया कि उनकी लिखित परीक्षा आगरा और मथुरा में हुई थी। दिनेश ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर जब वह पहुंचा तो उसे एक युवक मिला। जिसने उससे बीस हजार रुपये में परीक्षा देना तय किया। उसने प्रवेश पत्र में फेरबदल किया, फोटो लगाया और परीक्षा दी। जबकि विश्वजीत ने बताया कि उसने अपनी परीक्षा में बैठने के बदले एक लाख रुपये दिए थे, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि वे लोग कौन थे, कहां के थे और किस गिरोह से थे।