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हरियाणा पुलिस पर कार्रवाई की मांग को लेकर रात भर रोके रखा शव
Updated Sun, 10 Dec 2017 12:02 AM IST
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लखनौती (सहारनपुर)। हरियाणा पुलिस की पिटाई से खानाबदोश की मौत के प्रकरण में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़ित परिजनों ने शव को सुपुर्द-ए-खाक करने से मना कर दिया। बाद में एक सपा नेता के समझाने और गंगोह पुलिस द्वारा जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इसी बीच हरियाणा पुलिस ने हिरासत में लिए गए मृतक के बेटे और दामाद को छोड़ दिया।
बता दें कि गंगोह कोतवाली के गांव दौलतपुर में खानाबदोश परिवार के मुहम्मद अली शेख और उसके बेटे तथा दामाद को बृहस्पतिवार की रात 11 बजे हरियाणा पुलिस उठा ले गई थी। आरोप है कि हरियाणा पुलिस की पिटाई मे मुहम्मद अली की मौत हो गई और पुलिस उसे घर के पास फेंक गई। परिजनों की मांग पर गंगोह पुलिस ने शव का पीएम करा दिया था। इसके बाद शुक्रवार की रात शव परिजनों को सौंप दिया गया लेकिन उन्होंने हरियाणा पुलिस पर कार्रवाई की मांग को लेकर शव को सपुर्देखाक करने से इंकार कर दिया। ग्रामीण शव को रात भर रखे रहे। शनिवार को जब पुलिस गांव में नहीं पहुंची तो गुस्साए ग्रामीण शव को कोतवाली लाने की तैयारी में जुट गए। इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को मिली तो भारी पुलिस बल के साथ कोतवाली प्रभारी भी गांव में पहुंचे। इसी बीच सपा नेता असदुल्ला अजमेरी भी मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों को समझा कर शांत किया। गंगोह कोतवाल ने भी जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया जिसके बाद शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली। उधर कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि शव को हरियाणा पुलिस से मृतक के बेटे और दामाद को छुड़वाने के लिए दबाव बनाने के लिए नहीं दफनाया गया था। हरियाणा पुलिस द्वारा दोनों लडकों को छोड़ने के बाद शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
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बता दें कि गंगोह कोतवाली के गांव दौलतपुर में खानाबदोश परिवार के मुहम्मद अली शेख और उसके बेटे तथा दामाद को बृहस्पतिवार की रात 11 बजे हरियाणा पुलिस उठा ले गई थी। आरोप है कि हरियाणा पुलिस की पिटाई मे मुहम्मद अली की मौत हो गई और पुलिस उसे घर के पास फेंक गई। परिजनों की मांग पर गंगोह पुलिस ने शव का पीएम करा दिया था। इसके बाद शुक्रवार की रात शव परिजनों को सौंप दिया गया लेकिन उन्होंने हरियाणा पुलिस पर कार्रवाई की मांग को लेकर शव को सपुर्देखाक करने से इंकार कर दिया। ग्रामीण शव को रात भर रखे रहे। शनिवार को जब पुलिस गांव में नहीं पहुंची तो गुस्साए ग्रामीण शव को कोतवाली लाने की तैयारी में जुट गए। इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को मिली तो भारी पुलिस बल के साथ कोतवाली प्रभारी भी गांव में पहुंचे। इसी बीच सपा नेता असदुल्ला अजमेरी भी मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों को समझा कर शांत किया। गंगोह कोतवाल ने भी जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया जिसके बाद शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली। उधर कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि शव को हरियाणा पुलिस से मृतक के बेटे और दामाद को छुड़वाने के लिए दबाव बनाने के लिए नहीं दफनाया गया था। हरियाणा पुलिस द्वारा दोनों लडकों को छोड़ने के बाद शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
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