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सीमा पर सक्रिय हैं तस्कर, भगवान भरोसे आबकारी विभाग
Updated Sun, 10 Dec 2017 11:42 PM IST
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सहारनपुर। सीमाओं पर लचर सुरक्षा व्यवस्था के कारण हरियाणा और उत्तराखंड से अवैध रूप से शराब लाने वाले तस्कर सक्रिय हैं। आबकारी विभाग कागजी कार्रवाई का खेल कर रहा है। यहीं कारण है कि सहारनपुर के रास्ते बड़े पैमाने पर पूरे वेस्ट यूपी में शराब की तस्करी की जा रही है।
कीमतों में काफी अंतर होने के कारण हरियाणा और उत्तराखंड से बड़े पैमाने पर तस्करी कर शराब सहारनपुर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लाई जाती है। इसे अवैध तरीक से बिक्री की जाती है और कई बार इस शराब में मिलावट के कारण हादसों की आशंका रहती है। मगर, सहारनपुर का आबकारी विभाग शराब की तस्करी नहीं रोक पा रहा।
पिछले एक महीने के आंकड़ों पर गौर करे तो जिले भर में आधा दर्जन मामले ही तस्करी के पकड़े गए हैं। इसमें आधे से ज्यादा मामले पुलिस की सक्रियता से पकड़े गए हैं। सूत्रों की मानें तो विभाग के दो सर्किल और पांच जोन में तैनात निरीक्षक पूरी तरह से मनमानी पर हैं। इस लिए तस्करों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
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कीमत में अंतर है तस्करी की वजह
हरियाणा और उत्तर प्रदेश में शराब की कीमतों में काफी अंतर है। कई स्तर पर यह अंतर 20-30 फीसदी तक होने के चलते तस्करों के लिए यह बहुत मुफीद साबित होता है। यही कारण है कि तस्कर नए नए पैतरों से तस्करी की घटनाओं को अंजाम देते हैं।
तस्करों पर लगाम कसने के लिए बडे़ पैमाने पर योजनाबद्ध अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए निर्देशित किया गया है और कार्रवाई की समीक्षा भी मैं खुद करूंगा। काम में लापरवाही करने वालों की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
- एके चतुर्वेदी, उपायुक्त, आबकारी
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कीमतों में काफी अंतर होने के कारण हरियाणा और उत्तराखंड से बड़े पैमाने पर तस्करी कर शराब सहारनपुर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लाई जाती है। इसे अवैध तरीक से बिक्री की जाती है और कई बार इस शराब में मिलावट के कारण हादसों की आशंका रहती है। मगर, सहारनपुर का आबकारी विभाग शराब की तस्करी नहीं रोक पा रहा।
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पिछले एक महीने के आंकड़ों पर गौर करे तो जिले भर में आधा दर्जन मामले ही तस्करी के पकड़े गए हैं। इसमें आधे से ज्यादा मामले पुलिस की सक्रियता से पकड़े गए हैं। सूत्रों की मानें तो विभाग के दो सर्किल और पांच जोन में तैनात निरीक्षक पूरी तरह से मनमानी पर हैं। इस लिए तस्करों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
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कीमत में अंतर है तस्करी की वजह
हरियाणा और उत्तर प्रदेश में शराब की कीमतों में काफी अंतर है। कई स्तर पर यह अंतर 20-30 फीसदी तक होने के चलते तस्करों के लिए यह बहुत मुफीद साबित होता है। यही कारण है कि तस्कर नए नए पैतरों से तस्करी की घटनाओं को अंजाम देते हैं।
तस्करों पर लगाम कसने के लिए बडे़ पैमाने पर योजनाबद्ध अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए निर्देशित किया गया है और कार्रवाई की समीक्षा भी मैं खुद करूंगा। काम में लापरवाही करने वालों की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
- एके चतुर्वेदी, उपायुक्त, आबकारी