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दिनदहाड़े हाई सिक्योरिटी जोन में 5.70 लाख लूटे
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 17 Sep 2015 11:58 PM IST
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बेखौफ हो रहे बदमाशों ने एक बार फिर खाकी को खुली चुनौती दी। थाना सदर क्षेत्र में शहर के हाई सिक्योरिटी जोन में घंटाघर चौक के पास बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने एक मसाला फर्म के कर्मचारियों से 5.70 लाख रुपये लूट लिए। उधर देर शाम एसएसपी ने बताया कि लूट के कुछ पुख्ता सुराग मिले हैं। जल्द ही बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा।
पिछले साल करोड़ों की डकैती का शिकार हो चुके तनिष्क शोरूम के पास ही यह वारदात होने से आसपास के कारोबारियों में हड़कंप मचा रहा। वारदात के बाद एसएसपी, एसपी सिटी सहित अन्य अधिकारियों ने भी मौका मुआयना किया। सीसीटीवी कैमरों की भी जांच करवाई गई। देर शाम तक लुटेरों का सुराग नहीं मिला था।
बेहट अड्डे के पास स्थित धारा मसाला फर्म के कर्मचारी ब्रिजेश कुमार और राजेश गुलाटी बृहस्पतिवार की दोपहर रेलवे रोड पर स्थित एचडीएफसी बैंक गए थे। ब्रजेश कुमार के मुताबिक 2.70 लाख रुपये उनके पास पहले ही फर्म के थे, जबकि तीन लाख रुपये बैंक से निकालकर बैग में रखे थे। यहां से चलते समय एक्टिवा पर यह बैग दोनों ने बीच में रख लिया था। जैसे ही वह कोर्ट रोड की ओर पहुंचे तो पल्सर बाइक पर आए बाइक सवार बदमाशों ने उनका बैग छीन लिया और उसे लेकर भाग निकले। उनका पीछा भी किया गया, लेकिन वे हाथ नहीं आए। कर्मचारियों ने बताया कि यह रकम कोर्ट रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक में जमा कराई जानी थी।
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वारदात की सूचना मिलते ही थाना सदर से लेकर एसएसपी कार्यालय तक में हड़कंप मच गया। थाना सदर प्रभारी एके सिंह, नगर कोतवाली प्रभारी बीपी जाखड़ पुलिस फोर्स समेत मौके पर पहुंचे। इसके बाद एसएसपी नितिन तिवारी और एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव भी वारदात के बारे में जानकारी लेने पहुंचे। यहां उन्होंने पूरे शहर की नाकेबंदी करने के साथ ही रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के आदेश दिए।
मसाला फर्म के संचालक कुलदीप धमीजा सहित अन्य व्यापारियों ने यहां पहुंचे एसएसपी से लूट का जल्द खुलासा करने और उनको सुरक्षा दिलाने की मांग की। पुलिस की टीमों ने तनिष्क शोरूम, घंटाघर चौक, एचडीएफसी सहित अन्य क्षेत्रों में लगे कैमरों की भी चेकिंग की। देर शाम तक बदमाशों के बारे में कोई सुराग नहीं लगा था।
लुटेरों के निशाने पर थे कर्मचारी
दिनदहाड़े लूट का शिकार होने वाले मसाला फर्म के दो कर्मचारी रेलवे रोड पर बैंक में नगदी निकालने के समय से ही बदमाशों के निशाने पर थे। ऐसा माना जा रहा है कि बाइक सवार लुटेरों को यह जानकारी थी कि एक्टिवा पर जाने वाले कर्मचारियों के बीच में रखे बैग में ही लाखों की रकम है। इसी के चलते बैंक से निकलने के बाद कुछ ही मिनटों में लुटेरों ने इन कर्मचारियों से बैग छीनकर लाखों की नगदी लूट ली। लूट के बाद से मचे हड़कंप के बीच मामले की छानबीन करने पहुंचे अफसरों की शुरुआती पड़ताल में यह भी माना जा रहा है कि लूट को अंजाम देने वाले कर्मचारियों या फर्म के करीबी और परिचित हो सकते हैं।
पसीना पसीना हो गए चौकी प्रभारी
लूट के बाद जब एसएसपी नितिन तिवारी और एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव पहुंचे तो उस समय तनिष्क शोरूम के सीसीटीवी कैमरों से लुटेरों की खोजबीन के प्रयास किए जा रहे थे। इसी बीच जब एसएसपी बाहर निकले तो बराबर में खड़े थाना सदर प्रभारी एके सिंह से बोले - यहां तो मैं खड़ा हूं... तुम वारदात के सुराग ढूंढों, कैमरों की जांच करवाओ। एसएसपी की यह सख्ती देख हाल ही में क्षेत्र की चौकी का प्रभार संभालने वाले मानवेंद्र त्यागी भी पसीना पसीना हो गए और अपनी डायरी को संभालने लगे।
आप भी तो कुछ सेफ्टी का ख्याल करो
मसाला फर्म के संचालक कुलदीप धमीजा और अन्य व्यापारी जब एसएसपी के समक्ष जब लुटेरों को पकड़ने और सुरक्षा की मांग कर रहे थे तो एसएसपी ने कहा कि ये पांच लाख रुपये का कैश था। कोई मिठाई का डिब्बा नहीं जो एक्टिवा पर आराम से ऊपर रखकर चल दिए। इसलिए आप लोग भी अपनी सेफ्टी का कुछ ख्याल रखें। यदि यह कैश एक्टिवा की डिग्गी में होता तो लूट होने से बच जाती।
अरे! तनिष्क में फिर लूट हो गई क्या?
इस घटना को लेकर जब पुलिस के आला अफसरों के साथ तनिष्क शोरूम के सीसी कैमरों की जांच की जा रही थी तो घंटाघर चौक से लेकर कचहरी के पुल तक आसपास के दुकानदारों और राहगीरों की भीड़ जुट गई। तनिष्क शोरूम में पुलिस फोर्स और अफसरों को देखकर अधिकतर लोग तो यही सवाल करते रहे अरे! तनिष्क में फिर लूट हो गई क्या? पिछले साल तनिष्क शोरूम में हुई करोड़ों की डकैती को शहर के लोग अब तक नहीं भुला पाए हैं। खासकर आसपास के कारोबारियों को तो तब का हर मंजर अब तक याद है।
स्मार्ट सिटी में कब सेफ होंगे शहरवासी?
गांव, देहात कस्बा तो छोड़िए हर वक्त तमाम पुलिस फोर्स, सीसी कैमरों आदि की व्यवस्थाओं के बीच स्मार्ट सिटी के लिए चयनित शहर में अब तक शहरवासी सुरक्षित नहीं है। इस शहर में भी सदर क्षेत्र तो अपराधियों के सबसे अधिक निशाने पर है। यहां झपटमारी, चोरी, लूट, डकैती से लेकर अन्य अपराध तेजी से सामने आ रहे हैं। हालात ये हैं कि झपटमारों ने ही पुलिस की नाक में दम कर रखा है। फिर लुटेरों या चोरों तक पहुंचने में तो और भी मशक्कत की जरूरत है।
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पिछले साल करोड़ों की डकैती का शिकार हो चुके तनिष्क शोरूम के पास ही यह वारदात होने से आसपास के कारोबारियों में हड़कंप मचा रहा। वारदात के बाद एसएसपी, एसपी सिटी सहित अन्य अधिकारियों ने भी मौका मुआयना किया। सीसीटीवी कैमरों की भी जांच करवाई गई। देर शाम तक लुटेरों का सुराग नहीं मिला था।
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बेहट अड्डे के पास स्थित धारा मसाला फर्म के कर्मचारी ब्रिजेश कुमार और राजेश गुलाटी बृहस्पतिवार की दोपहर रेलवे रोड पर स्थित एचडीएफसी बैंक गए थे। ब्रजेश कुमार के मुताबिक 2.70 लाख रुपये उनके पास पहले ही फर्म के थे, जबकि तीन लाख रुपये बैंक से निकालकर बैग में रखे थे। यहां से चलते समय एक्टिवा पर यह बैग दोनों ने बीच में रख लिया था। जैसे ही वह कोर्ट रोड की ओर पहुंचे तो पल्सर बाइक पर आए बाइक सवार बदमाशों ने उनका बैग छीन लिया और उसे लेकर भाग निकले। उनका पीछा भी किया गया, लेकिन वे हाथ नहीं आए। कर्मचारियों ने बताया कि यह रकम कोर्ट रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक में जमा कराई जानी थी।
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वारदात की सूचना मिलते ही थाना सदर से लेकर एसएसपी कार्यालय तक में हड़कंप मच गया। थाना सदर प्रभारी एके सिंह, नगर कोतवाली प्रभारी बीपी जाखड़ पुलिस फोर्स समेत मौके पर पहुंचे। इसके बाद एसएसपी नितिन तिवारी और एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव भी वारदात के बारे में जानकारी लेने पहुंचे। यहां उन्होंने पूरे शहर की नाकेबंदी करने के साथ ही रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के आदेश दिए।
मसाला फर्म के संचालक कुलदीप धमीजा सहित अन्य व्यापारियों ने यहां पहुंचे एसएसपी से लूट का जल्द खुलासा करने और उनको सुरक्षा दिलाने की मांग की। पुलिस की टीमों ने तनिष्क शोरूम, घंटाघर चौक, एचडीएफसी सहित अन्य क्षेत्रों में लगे कैमरों की भी चेकिंग की। देर शाम तक बदमाशों के बारे में कोई सुराग नहीं लगा था।
लुटेरों के निशाने पर थे कर्मचारी
दिनदहाड़े लूट का शिकार होने वाले मसाला फर्म के दो कर्मचारी रेलवे रोड पर बैंक में नगदी निकालने के समय से ही बदमाशों के निशाने पर थे। ऐसा माना जा रहा है कि बाइक सवार लुटेरों को यह जानकारी थी कि एक्टिवा पर जाने वाले कर्मचारियों के बीच में रखे बैग में ही लाखों की रकम है। इसी के चलते बैंक से निकलने के बाद कुछ ही मिनटों में लुटेरों ने इन कर्मचारियों से बैग छीनकर लाखों की नगदी लूट ली। लूट के बाद से मचे हड़कंप के बीच मामले की छानबीन करने पहुंचे अफसरों की शुरुआती पड़ताल में यह भी माना जा रहा है कि लूट को अंजाम देने वाले कर्मचारियों या फर्म के करीबी और परिचित हो सकते हैं।
पसीना पसीना हो गए चौकी प्रभारी
लूट के बाद जब एसएसपी नितिन तिवारी और एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव पहुंचे तो उस समय तनिष्क शोरूम के सीसीटीवी कैमरों से लुटेरों की खोजबीन के प्रयास किए जा रहे थे। इसी बीच जब एसएसपी बाहर निकले तो बराबर में खड़े थाना सदर प्रभारी एके सिंह से बोले - यहां तो मैं खड़ा हूं... तुम वारदात के सुराग ढूंढों, कैमरों की जांच करवाओ। एसएसपी की यह सख्ती देख हाल ही में क्षेत्र की चौकी का प्रभार संभालने वाले मानवेंद्र त्यागी भी पसीना पसीना हो गए और अपनी डायरी को संभालने लगे।
आप भी तो कुछ सेफ्टी का ख्याल करो
मसाला फर्म के संचालक कुलदीप धमीजा और अन्य व्यापारी जब एसएसपी के समक्ष जब लुटेरों को पकड़ने और सुरक्षा की मांग कर रहे थे तो एसएसपी ने कहा कि ये पांच लाख रुपये का कैश था। कोई मिठाई का डिब्बा नहीं जो एक्टिवा पर आराम से ऊपर रखकर चल दिए। इसलिए आप लोग भी अपनी सेफ्टी का कुछ ख्याल रखें। यदि यह कैश एक्टिवा की डिग्गी में होता तो लूट होने से बच जाती।
अरे! तनिष्क में फिर लूट हो गई क्या?
इस घटना को लेकर जब पुलिस के आला अफसरों के साथ तनिष्क शोरूम के सीसी कैमरों की जांच की जा रही थी तो घंटाघर चौक से लेकर कचहरी के पुल तक आसपास के दुकानदारों और राहगीरों की भीड़ जुट गई। तनिष्क शोरूम में पुलिस फोर्स और अफसरों को देखकर अधिकतर लोग तो यही सवाल करते रहे अरे! तनिष्क में फिर लूट हो गई क्या? पिछले साल तनिष्क शोरूम में हुई करोड़ों की डकैती को शहर के लोग अब तक नहीं भुला पाए हैं। खासकर आसपास के कारोबारियों को तो तब का हर मंजर अब तक याद है।
स्मार्ट सिटी में कब सेफ होंगे शहरवासी?
गांव, देहात कस्बा तो छोड़िए हर वक्त तमाम पुलिस फोर्स, सीसी कैमरों आदि की व्यवस्थाओं के बीच स्मार्ट सिटी के लिए चयनित शहर में अब तक शहरवासी सुरक्षित नहीं है। इस शहर में भी सदर क्षेत्र तो अपराधियों के सबसे अधिक निशाने पर है। यहां झपटमारी, चोरी, लूट, डकैती से लेकर अन्य अपराध तेजी से सामने आ रहे हैं। हालात ये हैं कि झपटमारों ने ही पुलिस की नाक में दम कर रखा है। फिर लुटेरों या चोरों तक पहुंचने में तो और भी मशक्कत की जरूरत है।