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नहीं सुन रही थाना पुलिस, कप्तान के यहां जाने को मजबूर फरियादी

Mon, 24 Jun 2019 11:20 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jun 2019 11:20 PM IST
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नहीं सुन रही थाना पुलिस, कप्तान के यहां जाने को मजबूर फरियादी
नहीं सुन रही थाना पुलिस, कप्तान के यहां जाने को मजबूर फरियादी
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बिहारीगढ़ (सहारनपुर)। भले ही सरकार व पुलिस के उच्च अधिकारी पुलिस व जनता के बीच की दूरी को खत्म करने के लिए थानों में स्वागत डेस्क से लेकर गांव दर गांव बैठकों का आयोजन करें, लेकिन पुलिस है कि अपनी मनमानी से बाज नहीं आती है। शायद यही वजह है कि फरियादियों को थाने से न्याय न मिलने पर उन्हें सहारनपुर एसएसपी कार्यालय तक दौड़ लगानी पड़ती है। वहां से आदेश होने पर ही थाना पुलिस के कानों पर जूं रेंगती है।
बिहारीगढ़ क्षेत्र में ऐसे कई मामले हो चुके हैं, जिनमें फरियादी को थाने से टरका दिया जाता है। इसके बाद वह कप्तान के यहां अपनी गुहार लगाता है। जहां से पुलिस को फटकार मिलती है तो वह सक्रिय होती है। बिहारीगढ़ निवासी महिला विद्या देवी का झगड़ा अपने पड़ोसी के साथ हो गया था। जब वह थाने पहुंची तो उसकी एक न सुनीं। मजबूरन उसे सहारनपुर में एसएसपी कार्यालय जाना पड़ा। कप्तान के आदेश के बाद थाना पुलिस द्वारा कार्रवाई अमल में लाई गई। ताल्हापुर निवासी कविता की भी थाने पर नहीं सुनी गई तो वह भी एसएसपी कार्यालय पहुंची, जहां से एसपी देहात विद्या सागर मिश्रा के आदेश पर कार्रवाई अमल में लाई गई। जबकि फरियादी बिहारीगढ़ निवासी चंपा देवी, विकास कुमार,राजेश कुमार, विकास रोहताश, राम चरण अभी थाने के चक्कर ही काट रहे हैं।
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थानाध्यक्ष बिजेंद्र रावत का कहना है कि आरोप गलत हैं। थाने पर सभी की सुनी जा रही है। उधर, इस संबंध में एसएसपी सहारनपुर दिनेश कुमार ने बताया कि उनके संज्ञान में ऐसा मामला नहीं है। यदि ऐसा है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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