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सहारनपुर के माध्यम से किया जा रहा है पुरानी करंसी का मनीचेंजर कारोबार
Updated Thu, 18 Jan 2018 12:13 AM IST
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सहारनपुर। कानपुर में 80 करोड़ की पुरानी करेंसी के साथ सहारनपुर के दो लोगों के पकड़े जाने से सहारनपुर का नकली एवं पुरानी करेंसी कारोबार में शामिल होने का एक बार फिर खुलासा हो गया है। सहारनपुर में मार्च में उत्तराखंड के एक बैंक कर्मचारी के माध्यम से करेंसी बदलने के प्रयास में 38 लाख रुपये पकड़े गए थे।
सहारनपुर के माध्यम से पुरानी करेंसी एक्सचेंज का कारोबार अभी तक जारी है। इसका खुलासा कानपुर में 80 करोड़ रुपये के साथ पकड़े गए सहारनपुर के दो लोगों से हुआ है। नोटबंदी के दौरान ही सहारनपुर में पुराने नोटों के बदले नए नोटों को कमीशन बेस पर बदलने का कारोबार शुरू हो गया था। सबसे पहले कुतुबशेर पुलिस ने दो लोगों को चार लाख रुपये के साथ पकड़ा था। उन्होंने 30 प्रतिशत में नोट बदले जाने के कारोबार का खुलासा किया था। उनमें से एक आरोपी उत्तराखंड का रहने वाला था।
मार्च में नगर कोतवाली पुलिस ने दो युवकों को सार्वजनिक रूप से लड़ते हुए पकड़ा। मामले का खुलासा हुआ तो पुलिस भी हैरान रह गई। दोनों के पास 38 लाख रुपये थे और उत्तराखंड का एक युवक उन्हें लेकर आया था। वह कोआपरेटिव बैंक के कर्मचारी पर अधिक कमीशन मांगने का आरोप लगाते हुए झगड़ा कर रहा था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर 38 लाख रुपये बरामद किए। देवबंद में पुलिस ने एक कार से लगभग 16 लाख रुपये की पुरानी करंसी बरामद की थी, जिसे एक्सचेंज के लिए ले जाया जा रहा था।
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सहारनपुर पुराने एवं नकली नोटों का हब बन चुका है। उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सीमाओं से जुड़ा होने के चलते यहां की सीमा पर नकली एवं पुराने नोटों की तस्करी जमकर हो रही है। खासकर उत्तराखंड की सीमा से सहारनपुर में ही चार बार पुरानी एवं नकली करंसी पकड़ी जा चुकी है।
कानपुर से तार जुड़ने पर पुलिस हैरान
सहारनपुर के लोगों का कानपुर में 80 करोड़ रुपये की पुरानी करंसी के साथ पकड़े जाने से पुलिस भी हैरान है। सहारनपुर के 2 लोगों के साथ वाराणसी एवं अमरावती के युवकों समेत 8 लोग पकड़े गए। सहारनपुर के लोगों से कानपुर तक आखिर तार कैसे पहुंच गए, इसे लेकर सहारनपुर पुलिस भी माथापच्ची में जुट गई है। पुलिस का मानना है कि कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है जो अभी भी पुरानी करंसी को नई करंसी में बदलने का काम करा रहा है। इसमें कुछ बैंकों के अधिकारियों के भी शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
मामले पर गंभीर है पुलिस: एसपी सिटी
नगर पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि सहारनपुर के लोगों का मनीचेंजर रैकेट में शामिल होना गंभीर मामला है। पुलिस सहारनपुर में इस प्रकार की गतिविधियों पर लगातार नजर लगाए हुए है। सीमा पर चौकसी बढ़ाई जाएगी।
ये हैं पकड़े गए आरोपी
संत कुमार, संजय कुमार- वाराणसी
अनिल- अमरावती, महाराष्ट्र
विजय प्रकाश, ओमप्रकाश- सहारनपुर
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सहारनपुर के माध्यम से पुरानी करेंसी एक्सचेंज का कारोबार अभी तक जारी है। इसका खुलासा कानपुर में 80 करोड़ रुपये के साथ पकड़े गए सहारनपुर के दो लोगों से हुआ है। नोटबंदी के दौरान ही सहारनपुर में पुराने नोटों के बदले नए नोटों को कमीशन बेस पर बदलने का कारोबार शुरू हो गया था। सबसे पहले कुतुबशेर पुलिस ने दो लोगों को चार लाख रुपये के साथ पकड़ा था। उन्होंने 30 प्रतिशत में नोट बदले जाने के कारोबार का खुलासा किया था। उनमें से एक आरोपी उत्तराखंड का रहने वाला था।
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मार्च में नगर कोतवाली पुलिस ने दो युवकों को सार्वजनिक रूप से लड़ते हुए पकड़ा। मामले का खुलासा हुआ तो पुलिस भी हैरान रह गई। दोनों के पास 38 लाख रुपये थे और उत्तराखंड का एक युवक उन्हें लेकर आया था। वह कोआपरेटिव बैंक के कर्मचारी पर अधिक कमीशन मांगने का आरोप लगाते हुए झगड़ा कर रहा था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर 38 लाख रुपये बरामद किए। देवबंद में पुलिस ने एक कार से लगभग 16 लाख रुपये की पुरानी करंसी बरामद की थी, जिसे एक्सचेंज के लिए ले जाया जा रहा था।
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सहारनपुर पुराने एवं नकली नोटों का हब बन चुका है। उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सीमाओं से जुड़ा होने के चलते यहां की सीमा पर नकली एवं पुराने नोटों की तस्करी जमकर हो रही है। खासकर उत्तराखंड की सीमा से सहारनपुर में ही चार बार पुरानी एवं नकली करंसी पकड़ी जा चुकी है।
कानपुर से तार जुड़ने पर पुलिस हैरान
सहारनपुर के लोगों का कानपुर में 80 करोड़ रुपये की पुरानी करंसी के साथ पकड़े जाने से पुलिस भी हैरान है। सहारनपुर के 2 लोगों के साथ वाराणसी एवं अमरावती के युवकों समेत 8 लोग पकड़े गए। सहारनपुर के लोगों से कानपुर तक आखिर तार कैसे पहुंच गए, इसे लेकर सहारनपुर पुलिस भी माथापच्ची में जुट गई है। पुलिस का मानना है कि कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है जो अभी भी पुरानी करंसी को नई करंसी में बदलने का काम करा रहा है। इसमें कुछ बैंकों के अधिकारियों के भी शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
मामले पर गंभीर है पुलिस: एसपी सिटी
नगर पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि सहारनपुर के लोगों का मनीचेंजर रैकेट में शामिल होना गंभीर मामला है। पुलिस सहारनपुर में इस प्रकार की गतिविधियों पर लगातार नजर लगाए हुए है। सीमा पर चौकसी बढ़ाई जाएगी।
ये हैं पकड़े गए आरोपी
संत कुमार, संजय कुमार- वाराणसी
अनिल- अमरावती, महाराष्ट्र
विजय प्रकाश, ओमप्रकाश- सहारनपुर