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मदरसों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा, खुलासे मचा हड़कंप
Updated Wed, 29 Nov 2017 12:26 AM IST
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मदरसों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा, खुलासे से खलबली
सहारनपुर। जिले में संचालित मदरसों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा चल रहा है। इसका खुलासा जिला अल्पसंख्यक विभाग द्वारा की गई पहले चरण की कार्रवाई में हो चुका है। जांच के दायरे में 91 मदरसे हैं। इनमें से 17 की मान्यता रद्द की जा चुकी है। ऐसे मदरसों को संचालित करने वाली समितियों को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बता दें कि जिले में 725 मान्यता प्राप्त मदरसे थे। प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद शासन ने मदरसा संचालकों को ऑनलाइन पंजीकरण कराने के लिए कहा था। जनपद में 634 मदरसा संचालकों ने पंजीकरण कराया। लेकिन 91 मदरसों की ओर से पंजीकरण नहीं कराया गया। संदेह की स्थिति उत्पन्न होने पर पहले चरण में जिला अल्पसंख्यक विभाग ने 91 में से 29 मदरसों को नोटिस जारी किया। इनमें से 12 मदरसों के संचालकों ने नोटिस का जवाब दिया। जिलाधिकारी द्वारा गठित की गई टीम ने जांच की तो 17 मदरसे सिर्फ कागजों में चलते मिले। यह मदरसे अस्तित्व में नहीं थे। जिला अल्पसंख्यक विभाग ने शासन को अवगत कराते हुए इन मदरसों की मान्यता रद्द कर दी।
विभाग ने अब दूसरे चरण की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच के दायरे में 74 मदरसे हैं। उन्हें नोटिस भेेेजा रहा है। जिन मदरसों की मान्यता रद्द की गई है, उन्हें संचालित करने वाली समितियों को भी ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय सूत्रों की माने तो मदरसों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा चल रहा है और यह मदरसा संचालक सरकार से आर्थिक मदद भी प्राप्त कर रहे हैं। मान्यता प्राप्त मदरसों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जाती है। फर्जीवाड़े में फंसे मदरसा संचालकों से जिला अल्पसंख्यक विभाग सरकार से मिली धनराशि की रिकवरी करेगा। इन मदरसों ने कितने छात्रों की संख्या दिखाई और छात्रों के नाम पर कितना वजीफा सरकार से लिया है, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। जिला अल्पसंख्यक विभाग एक-एक पैसे का हिसाब लेगा।
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फर्जी रूप से चल रहे मदरसों की मान्यता रद्द की जाएगी। पहले चरण की कार्रवाई में 17 मदरसों की मान्यता रद्द कर दी गई है। दूसरे चरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सरकार से मिली आर्थिक मदद की भी रिकवरी की जाएगी। फर्जीवाड़ा करने वाले मदरसा संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। इन मदरसों की समितियों को भी ब्लैक लिस्टेड किया जा रहा है।
----------पुष्पेंद्र सिंह, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी।
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सहारनपुर। जिले में संचालित मदरसों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा चल रहा है। इसका खुलासा जिला अल्पसंख्यक विभाग द्वारा की गई पहले चरण की कार्रवाई में हो चुका है। जांच के दायरे में 91 मदरसे हैं। इनमें से 17 की मान्यता रद्द की जा चुकी है। ऐसे मदरसों को संचालित करने वाली समितियों को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बता दें कि जिले में 725 मान्यता प्राप्त मदरसे थे। प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद शासन ने मदरसा संचालकों को ऑनलाइन पंजीकरण कराने के लिए कहा था। जनपद में 634 मदरसा संचालकों ने पंजीकरण कराया। लेकिन 91 मदरसों की ओर से पंजीकरण नहीं कराया गया। संदेह की स्थिति उत्पन्न होने पर पहले चरण में जिला अल्पसंख्यक विभाग ने 91 में से 29 मदरसों को नोटिस जारी किया। इनमें से 12 मदरसों के संचालकों ने नोटिस का जवाब दिया। जिलाधिकारी द्वारा गठित की गई टीम ने जांच की तो 17 मदरसे सिर्फ कागजों में चलते मिले। यह मदरसे अस्तित्व में नहीं थे। जिला अल्पसंख्यक विभाग ने शासन को अवगत कराते हुए इन मदरसों की मान्यता रद्द कर दी।
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विभाग ने अब दूसरे चरण की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच के दायरे में 74 मदरसे हैं। उन्हें नोटिस भेेेजा रहा है। जिन मदरसों की मान्यता रद्द की गई है, उन्हें संचालित करने वाली समितियों को भी ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय सूत्रों की माने तो मदरसों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा चल रहा है और यह मदरसा संचालक सरकार से आर्थिक मदद भी प्राप्त कर रहे हैं। मान्यता प्राप्त मदरसों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जाती है। फर्जीवाड़े में फंसे मदरसा संचालकों से जिला अल्पसंख्यक विभाग सरकार से मिली धनराशि की रिकवरी करेगा। इन मदरसों ने कितने छात्रों की संख्या दिखाई और छात्रों के नाम पर कितना वजीफा सरकार से लिया है, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। जिला अल्पसंख्यक विभाग एक-एक पैसे का हिसाब लेगा।
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फर्जी रूप से चल रहे मदरसों की मान्यता रद्द की जाएगी। पहले चरण की कार्रवाई में 17 मदरसों की मान्यता रद्द कर दी गई है। दूसरे चरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सरकार से मिली आर्थिक मदद की भी रिकवरी की जाएगी। फर्जीवाड़ा करने वाले मदरसा संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। इन मदरसों की समितियों को भी ब्लैक लिस्टेड किया जा रहा है।
----------पुष्पेंद्र सिंह, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी।