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धड़ल्ले से चल रहा भ्रूण लिंग जांच का धंधा

Thu, 18 Jan 2018 12:17 AM IST
Updated Thu, 18 Jan 2018 12:17 AM IST
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धड़ल्ले से चल रहा भ्रूण लिंग जांच का धंधा
सहारनपुर। प्रतिबंध के बावजूद जिले में कई अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर धड़ल्ले से भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा है। कई अल्ट्रासाउंड सेंटर तो केवल भ्रूण लिंग जांच के लिए ही चल रहे हैं। यह सेंटर शहर की संकरी गलियों या फिर देहात में हैं। हैरत की बात यह है कि आज तक जितने भी मामले पकड़े गए हैं वह हरियाणा की टीमों द्वारा पकड़े गए हैं। सहारनपुर के स्वास्थ्य विभाग ने आज तक अल्ट्रासाउंड सेंटर्स की जांच तक करना जरूरी नहीं समझा है।
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बुधवार को हरियाणा के पंचकुला की एक टीम डिप्टी सिविल सर्जन पंचकुला सरोज अग्रवाल के नेतृत्व में रामपुर मनिहारान पहुंची, जिसने एक सेंटर पर छापा मारा। यहां भ्रूूण लिंग परीक्षण के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया। यह पहला वाकया नहीं है, जब हरियाणा की टीम ने सहारनपुर में ऐसा मामला पकड़ा हो। करीब चार साल पहले यमुनानगर की टीम ने थाना कुतुबशेर क्षेत्र में एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भ्रूण की लिंग जांच करते पकड़ा था। उस समय टीम के साथ तत्कालीन डीएसपी यमुनानगर जोगेंद्र शर्मा भी पहुंचे थे। उन्होंने अल्ट्रासाउंड सेंटर से चिकित्सक को पकड़ा था। करीब दो साल पहले भी यमुनानगर की ही टीम ने शहर में एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापा मारा था, जिसमें भ्रूूण लिंग की जांच होती पकड़ी गई थी। पिछले पांच साल में आधा दर्जन से अधिक बार हरियाणा की टीमें अलग-अलग अल्ट्रासाउंड सेंटर्स पर भ्रूण लिंग की जांच होते पकड़ चुकी है। इसके बावजूद जिले का स्वास्थ्य विभाग सोया हुआ है। कई बार पूर्व में कमिश्नर रहे अधिकारी स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठकें कर विभाग को अल्ट्रासाउंड सेंटर्स पर छापेमारी करने के निर्देश दे चुके हैं, मगर स्वास्थ्य विभाग आज तक निर्देशों को टालता रहा है।
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कमीशन पर काम कर रहे रैकेट
हरियाणा और उत्तराखंड सरकारों ने भ्रूण लिंग जांच पर सख्ती की हुई है। मगर उत्तर प्रदेश में अल्ट्रासाउंड सेंटर्स पर केवल बोर्ड लटके हैं, जिनपर लिखा है कि भ्रूण लिंग जांच कानूनन अपराध है, जबकि हो सबकुछ रहा है। आपको बता दें कि हरियाणा और उत्तराखंड में कई ऐसे रैकेट सक्रिय हैं, जो यहां के अल्ट्रासाउंड संचालकों के साथ मिले हुए हैं। वह भ्रूण लिंग जांच कराने वालों को पकड़कर अल्ट्रासाउंड सेंटरों तक लाते हैं, जिसके बदले में उन्हें कमीशन मिलता है। 2016 में चिकित्सक के साथ ही रैकेट के सदस्य भी पकड़े गए थे।
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जल्द चलेगा छापेमारी अभियान : सीएमओ
सीएमओ डॉ. बीएस सोढ़ी ने बताया कि रामपुर मनिहारान में जहां छापा लगा है वह अल्ट्रासाउंड सेंटर नहीं है। वह लड़के हैं, जो लैपटॉप के जरिए लिंग परीक्षण करने की बात कहकर लोगों को भ्रमित कर रहे थे और रुपये ऐंठ रहे थे। स्वास्थ्य विभाग इनके खिलाफ 420 में मुकदमा दर्ज कराएगा। बताया कि स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर छापेमारी करता है। पिछले दिनों गंगोह में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर्स बंद कराए गए थे। बताया कि जनपद में 138 अल्ट्रासाउंड सेंटर रजिस्टर्ड हैं। जल्द ही फिर से छापेमारी अभियान चलाया जाएगा।
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