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कमिश्नर आवास की बगल में फिर शुरू हुआ अवैध निर्माण
Updated Sun, 10 Dec 2017 11:42 PM IST
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सहारनपुर। शहर भर में चिह्नित किए गए अवैध निर्माणों पर विकास प्राधिकरण कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। दिल्ली रोड स्थित कमिश्नर आवास की बगल में बना अवैध निर्माण इसका बेहतर उदाहरण है। उक्त भवन का दस से 12 फीसदी हिस्सा तोड़ने के आदेश जारी हो चुके हैं, मगर भवन निर्माता लगातार भवन को आकार देने में जुटा है। सवाल यह है कि यदि प्राधिकरण कमिश्नर आवास की बगल में ही अवैध निर्माण नहीं रोक पा रहा है तो बाकी जगहों का क्या?
कमिश्नर आवास की बगल में करीब दो साल से कामर्शियल बिल्डिंग बन रही है। विकास प्राधिकरण की जांच में बिल्डिंग का करीब दस फीसदी हिस्सा गलत है, जिसे प्राधिकरण की टीम करीब एक साल पहले खुर्द बुर्द कर आई थी। मगर प्राधिकरण ने पूरा दस फीसदी हिस्सा आज तक पूरी तरह ध्वस्त नहीं किया है। इसी बीच बिल्डिंग निर्माता ने बिल्डिंग को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। प्राधिकरण द्वारा खुर्दबुर्द किए गए हिस्से को ठीक कराने के बाद पेंट आदि कराया जा रहा है। इसके बावजूद विकास प्राधिकरण आंख बंद किए हुए है। यह तो केवल उदाहरण मात्र है। शहर में अनेक जगहों पर इसी तरह के अवैध निर्माण दिन रात हो रहे हैं। उधर, प्राधिकरण के वीसी मनोज सिंह का कहना है कि बिल्डिंग स्वामी ने कुछ कंपाउंड जमा कराया है। पूरी जानकारी नहीं है। फिर भी मामले को दिखवाया जाएगा। यदि गलत निर्माण है तो उसे ध्वस्त कराया जाएगा।
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कमिश्नर आवास की बगल में करीब दो साल से कामर्शियल बिल्डिंग बन रही है। विकास प्राधिकरण की जांच में बिल्डिंग का करीब दस फीसदी हिस्सा गलत है, जिसे प्राधिकरण की टीम करीब एक साल पहले खुर्द बुर्द कर आई थी। मगर प्राधिकरण ने पूरा दस फीसदी हिस्सा आज तक पूरी तरह ध्वस्त नहीं किया है। इसी बीच बिल्डिंग निर्माता ने बिल्डिंग को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। प्राधिकरण द्वारा खुर्दबुर्द किए गए हिस्से को ठीक कराने के बाद पेंट आदि कराया जा रहा है। इसके बावजूद विकास प्राधिकरण आंख बंद किए हुए है। यह तो केवल उदाहरण मात्र है। शहर में अनेक जगहों पर इसी तरह के अवैध निर्माण दिन रात हो रहे हैं। उधर, प्राधिकरण के वीसी मनोज सिंह का कहना है कि बिल्डिंग स्वामी ने कुछ कंपाउंड जमा कराया है। पूरी जानकारी नहीं है। फिर भी मामले को दिखवाया जाएगा। यदि गलत निर्माण है तो उसे ध्वस्त कराया जाएगा।
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