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राजदारों की तलाश में जुटी खुफिया एजेंसियां
Updated Tue, 08 Aug 2017 01:04 AM IST
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अब्दुल्ला के राजदारों की तलाश में जुटीं खुफिया एजेंसियां
सहारनपुर। आतंकी संगठन अंसारउल बांग्ला टीम के आतंकी की गिरफ्तारी के बाद अब खुफिया एजेंसियां उसके राजदारों की तलाश में जुुटी हैं। चरथावल से पकड़ा गया आतंकी अब्दुल्ला और देवबंद से फरार फैजान के नजदीकी लोगों पर एजेंसियां निगाह जमाए हुए हैं। इस बात की जांच की जा रही है कि क्या वो स्लीपर सेल से संपर्क साधने की फिराक में था। सहारनपुर में उसके राजदार तो नहीं। अब सहारनपुर पुलिस और खुफिया एजेंसियां ऐसे कई सवालों के जवाब तलाशने में जुट गई है।
एटीएस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में चरथावल से पकड़ा गया बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला के देवबंद में कई मददगार सामने आ चुके हैं। पुलिस की पकड़ से दूर फैजान के पास तमाम राज हैं। अब स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर एबी टीम के सक्रिय सदस्य अब्दुल्ला के सहारनपुर में पिछले छह साल तक रहने के पीछे पीछे क्या मकसद रहा। खुफिया एजेंसियों को जो बात सबसे ज्यादा बेचैन कर रही है वो है अब्दुल्ला का स्लीपर सेल से संपर्क करना। वो कहीं इसी मकसद से तो सहारनपुर में नहीं रुका था।
गौरतलब है कि लश्कर आतंकी अब्दुल सुभान की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ था कि वो मुजफ्फरनगर दंगों के बाद वह दंगा पीड़ितों से मिला था और सहारनपुर में आए दिन सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे में अब्दुल्ला की गिरफ्तारी और फैजान के फरार होने के बाद खुफिया एजेंसियों को बहुत कुछ सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। खुफिया एजेंसियां और पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुट गई है कि सहारनपुर में कहीं उसके राजदार तो नहीं। सहारनपुर में रहने के दौरान उसके संपर्क में कौन लोग हैं। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि स्थानीय स्तर पर जांच की जा रही है।
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सहारनपुर। आतंकी संगठन अंसारउल बांग्ला टीम के आतंकी की गिरफ्तारी के बाद अब खुफिया एजेंसियां उसके राजदारों की तलाश में जुुटी हैं। चरथावल से पकड़ा गया आतंकी अब्दुल्ला और देवबंद से फरार फैजान के नजदीकी लोगों पर एजेंसियां निगाह जमाए हुए हैं। इस बात की जांच की जा रही है कि क्या वो स्लीपर सेल से संपर्क साधने की फिराक में था। सहारनपुर में उसके राजदार तो नहीं। अब सहारनपुर पुलिस और खुफिया एजेंसियां ऐसे कई सवालों के जवाब तलाशने में जुट गई है।
एटीएस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में चरथावल से पकड़ा गया बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला के देवबंद में कई मददगार सामने आ चुके हैं। पुलिस की पकड़ से दूर फैजान के पास तमाम राज हैं। अब स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर एबी टीम के सक्रिय सदस्य अब्दुल्ला के सहारनपुर में पिछले छह साल तक रहने के पीछे पीछे क्या मकसद रहा। खुफिया एजेंसियों को जो बात सबसे ज्यादा बेचैन कर रही है वो है अब्दुल्ला का स्लीपर सेल से संपर्क करना। वो कहीं इसी मकसद से तो सहारनपुर में नहीं रुका था।
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गौरतलब है कि लश्कर आतंकी अब्दुल सुभान की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ था कि वो मुजफ्फरनगर दंगों के बाद वह दंगा पीड़ितों से मिला था और सहारनपुर में आए दिन सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे में अब्दुल्ला की गिरफ्तारी और फैजान के फरार होने के बाद खुफिया एजेंसियों को बहुत कुछ सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। खुफिया एजेंसियां और पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुट गई है कि सहारनपुर में कहीं उसके राजदार तो नहीं। सहारनपुर में रहने के दौरान उसके संपर्क में कौन लोग हैं। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि स्थानीय स्तर पर जांच की जा रही है।
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