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राज्जुपुर में पहली कक्षा के छात्र का अपहरण का प्रयास, परिजनों का हंगामा
Updated Sun, 10 Sep 2017 12:44 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। राज्जुपुर गांव में एक व्यक्ति ने स्कूल से घर लौट रहे पहली कक्षा के छात्र को बहला-फुसलाकर चिकित्सक के पास ले गया। आरोप है कि वह बच्चे को बेहोशी का इंजेक्शन लगवाना चाह रहा था, लेकिन बच्चा शोर मचाता हुआ वहां से भाग निकला। जिसके बाद उसके परिजनों ने चिकित्सक की क्लीनिक पर जाकर जमकर हंगामा किया। बाद में पुलिस ने डॉक्टर को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।
राज्जुपुर गांव निवासी इकराम का 7 वर्षीय बेटा ताबिश गांव के एक स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ता है। शनिवार की दोपहर स्कूल की छुट्टी होने के बाद वह घर लौट रहा था। आरोप है कि रास्ते में एक व्यक्ति बहला फुसलाकर उसे गांव में स्थित दूधली गांव के एक डॉक्टर की क्लीनिक पर ले गया। जहां उसने डॉक्टर से उसे इंजेक्शन लगाने को कहा। जिस पर बच्चे ने शोर मचा दिया और वह वहां से भागकर अपने घर पहुंच गया। जानकारी होने पर उसके परिजन लोगों के साथ डॉक्टर की क्लीनिक पर पहुंचे और हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उक्त व्यक्ति ताबिश का अपहरण करना चाहता था जो उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगवाने के लिए डॉक्टर का पास ले गया था। इस बीच हंगामे की सूचना मिलने पर कोतवाल पंकज कुमार त्यागी मौके पर पहुंचे और गुस्साए लोगों को शांत करते हुए डॉक्टर को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। छात्र को ले जाने वाला व्यक्ति कौन था और डॉक्टर से उसके क्या संबंध हैं पुलिस इस बारे में जांच कर रही है। कोतवाल पंकज कुमार त्यागी का कहना है कि छात्र ताबिश, उसके परिजनों और डॉक्टर से पूछताछ की जा रही है। उधर, पुलिस हिरासत में लिए गए डॉक्टर का कहना है कि बच्चा उसकी क्लीनिक पर आया ही नहीं। जिस समय की घटना बताई जा रही है वह उस समय काम से कहीं गया हुआ था। पड़ोसी दुकानदार ने उसे फोन कर हंगामा होने की जानकारी दी। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व राज्जुपुर गांव में चोना के ढाई वर्षीय बेटे दानिश का घर से बाहर खेलते समय अपहरण कर लिया गया था। जिसका शव एक नाले से बरामद हुआ था। अभी इस मामले का खुलासा भी नहीं हुआ कि दूसरा अपहरण के प्रयास का मामला सामने से आने से लोग दहशत में हैं।
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राज्जुपुर गांव निवासी इकराम का 7 वर्षीय बेटा ताबिश गांव के एक स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ता है। शनिवार की दोपहर स्कूल की छुट्टी होने के बाद वह घर लौट रहा था। आरोप है कि रास्ते में एक व्यक्ति बहला फुसलाकर उसे गांव में स्थित दूधली गांव के एक डॉक्टर की क्लीनिक पर ले गया। जहां उसने डॉक्टर से उसे इंजेक्शन लगाने को कहा। जिस पर बच्चे ने शोर मचा दिया और वह वहां से भागकर अपने घर पहुंच गया। जानकारी होने पर उसके परिजन लोगों के साथ डॉक्टर की क्लीनिक पर पहुंचे और हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उक्त व्यक्ति ताबिश का अपहरण करना चाहता था जो उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगवाने के लिए डॉक्टर का पास ले गया था। इस बीच हंगामे की सूचना मिलने पर कोतवाल पंकज कुमार त्यागी मौके पर पहुंचे और गुस्साए लोगों को शांत करते हुए डॉक्टर को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। छात्र को ले जाने वाला व्यक्ति कौन था और डॉक्टर से उसके क्या संबंध हैं पुलिस इस बारे में जांच कर रही है। कोतवाल पंकज कुमार त्यागी का कहना है कि छात्र ताबिश, उसके परिजनों और डॉक्टर से पूछताछ की जा रही है। उधर, पुलिस हिरासत में लिए गए डॉक्टर का कहना है कि बच्चा उसकी क्लीनिक पर आया ही नहीं। जिस समय की घटना बताई जा रही है वह उस समय काम से कहीं गया हुआ था। पड़ोसी दुकानदार ने उसे फोन कर हंगामा होने की जानकारी दी। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व राज्जुपुर गांव में चोना के ढाई वर्षीय बेटे दानिश का घर से बाहर खेलते समय अपहरण कर लिया गया था। जिसका शव एक नाले से बरामद हुआ था। अभी इस मामले का खुलासा भी नहीं हुआ कि दूसरा अपहरण के प्रयास का मामला सामने से आने से लोग दहशत में हैं।
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