Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur ›   Corporation is not taking possession of its crores of land

निगम क्यों नहीं ले रहा अपनी करोड़ों की भूमि पर कब्जा

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 01 Dec 2021 12:01 PM IST
Corporation is not taking possession of its crores of land
विज्ञापन
ख़बर सुनें
सहारनपुर। नगर निगम करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जा लेने से कदम पीछे खींच रहा है। शहर के बीचोबीच स्थित यह जमीन करीब दस बीघा है। जिलाधिकारी ने डेढ़ माह पहले नगरायुक्त को पत्र लिखकर संपत्ति से एक सप्ताह के भीतर कब्जा हटवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन निगम के अधिकारी संपत्ति पर कब्जे को लेकर टालमटोल वाला रवैया अपना रहे हैं। ऐसे में नगर निगम बोर्ड और निगम अधिकारियों की नीयत पर सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन

भूमि पुल खुमरान के नजदीक हजीरा सराय में है, जिसका मामला करीब डेढ़ वर्ष पहले महापौर संजीव वालिया के समक्ष आया। महापौर द्वारा अधिकारियों से भूमि की जांच कराई गई तो बैनामा नगर निगम के नाम पाया गया। जब नगर निगम ने इस पर अपनी कार्रवाई शुरू की तो उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने भूमि पर अपना हक जता दिया। इसके बाद मामला मंडलायुक्त के पास पहुंचा, जिन्होंने जिलाधिकारी को जांच कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने एसडीएम सदर, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी की समिति बनाकर जांच कराई। एसडीएम सदर ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा उक्त संपत्ति को वर्ष 1995 के बाद वक्फ संख्या 407 के रूप में अपने रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है, जबकि नगर निगम सहारनपुर के अभिलेखों के अनुसार उक्त भूमि के मूल मालिकान द्वारा इस भूमि का बैनामा पूर्व में ही म्यूनिसिपल बोर्ड सहारनपुर के पक्ष में हस्तांतरित की जा चुकी थी। वक्फ अधिनियम के अनुसार किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की संपत्ति पर वक्फ कायम नहीं किया जा सकता। एसडीएम ने अपनी जांच में यह भी लिखा था कि उक्त भूमि पर 1992 से मीट बाजार स्थापित है, जिस पर नगर निगम सहारनपुर का ही मालिकाना हक व कब्जा है। ऐसे में उक्त संपत्ति को वक्फ बोर्ड की संपत्ति नहीं कहा जा सकता है। एसडीएम की रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी ने 18 अक्तूबर 2021 को नगरायुक्त को पत्र लिखते हुए एक सप्ताह के भीतर भूमि को कब्जामुक्त कराते हुए उनके कार्यालय को अवगत कराने के निर्देश दिए थे। मगर नगर निगम अभी तक भी भूमि से कब्जा नहीं हटा सका है।

कोर्ट खारिज कर चुकी है याचिका
वक्फ बोर्ड के सदस्य मामले को लेकर हाईकोर्ट भी गए थे। करीब 20 दिन पहले ही हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज की है। इसके बाद से नगर निगम का संपत्ति पर दावा और मजबूत हुआ है। निगम कब्जा लेने में लापरवाही बरत रहा है।
वक्फ बोर्ड की है संपत्ति : सचिव
वक्फ बोर्ड के सचिव शाहिद मंसूरी का दावा है कि उक्त संपत्ति 1906 से वक्फ बोर्ड के नाम चढ़ी हुई है। बोर्ड ने 1932 से 1942 तक उक्त संपत्ति म्यूनिसिपल को किराए पर दी थी, जिसकी रसीद हमारे पास उपलब्ध हैं। संपत्ति को लेकर नगर निगम का दावा पूरी तरह गलत है। हाईकोर्ट ने हमारी याचिका यह कहते हुए खारिज की है कि यह निगम और वक्फ बोर्ड का निजी मामला है।
हजीरा सराय में नगर निगम की संपत्ति को लेकर हमारी मंशा पूरी तरह साफ है। हम उक्त भूमि को कब्जामुक्त कराते हुए कब्जा लेंगे। पिछले दिनों बैठक में पार्षदों ने एक सप्ताह का समय मांगा था, जिनके आग्रह पर निगम ने अभी तक कार्रवाई नहीं की है। मगर नगर निगम जल्द ही कब्जा लेगा।
संजीव वालिया, महापौर।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00