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कोरोना संक्रमण
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एसबीडी जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन बोले, कोरोना के बाद शरीर में बनने वाली एंटीबॉडी करती है बूस्टर का काम
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। तीसरी लहर में कोरोना संक्रमण ने मरीजों के लिए बूस्टर का काम किया है। यह कहना है एसबीडी जिला अस्पताल के वरिष्ठ छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. जी रहमान का है। उन्होंने कोरोना की दूसरी लहर में सैकड़ों गंभीर मरीजों का इलाज किया तथा उनके फेफड़ों का इंफेक्शन दूर किया।
जनपद में कोरोना की तीनों लहर में अभी तक 39,038 लोग संक्रमित मिल चुके हैं। पहली लहर में जिले में 37 लोगों की जान कोरोना की वजह से गई थी। दूसरी लहर में जान गंवाने वालों की संख्या 401 थी। पहली दोनों लहर में 438 लोगों की मौत कोरोना की वजह से हुई थी। दूसरी लहर के तुरंत बाद तीसरी लहर आने की आशंका जताई जाने लगी थी। तीसरी लहर में बच्चों के अधिक प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। इससे बचने के लिए पीआईसीयू बनाने के साथ ही ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट स्थापित किए गए। जनपद में तीसरी लहर 24 नवंबर 2021 को शुरू हुई।
इस दिन देवबंद के एक गांव में गर्भवती और उसका डेढ़ वर्ष का बच्चा संक्रमित मिला था। 24 नवंबर से 31 दिसंबर 2021 तक मात्र 27 मरीज कोरोना के सामने आए थे। जनवरी में कोरोना तेजी से बढ़ा। जिसकी वजह से रात्रि कर्फ्यू और अन्य पाबंदियां लगा दी गईं। जनवरी में कोरोना जिस गति से बढ़ा फरवरी माह में उसी तेजी से कम हुआ। वरिष्ठ छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. जी रहमान तीसरी लहर को दो रूपों में अच्छा मान रहे हैं। उनका कहना है कि तीसरी लहर में मरीजों की जान नहीं गई। संक्रमित मरीजों में एंटीबॉडी बनी। इसने शरीर के लिए बूस्टर का काम किया।
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पांच संक्रमित मिले, छह स्वस्थ हुए
सहारनपुर। जनपद में शनिवार को पांच लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जबकि छह मरीजों ने कोरोना को मात दी है। इनके साथ ही कोरोना की तीसरी लहर में मिले संक्रमितों की संख्या बढ़कर 6,135 पर पहुंच गई है। वर्तमान में जनपद में कोरोना के 29 एक्टिव मरीज हैं। नोडल अधिकारी शिवांका गौड़ ने कोरोना से बचाव के लिए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। तीसरी लहर में कोरोना संक्रमण ने मरीजों के लिए बूस्टर का काम किया है। यह कहना है एसबीडी जिला अस्पताल के वरिष्ठ छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. जी रहमान का है। उन्होंने कोरोना की दूसरी लहर में सैकड़ों गंभीर मरीजों का इलाज किया तथा उनके फेफड़ों का इंफेक्शन दूर किया।
जनपद में कोरोना की तीनों लहर में अभी तक 39,038 लोग संक्रमित मिल चुके हैं। पहली लहर में जिले में 37 लोगों की जान कोरोना की वजह से गई थी। दूसरी लहर में जान गंवाने वालों की संख्या 401 थी। पहली दोनों लहर में 438 लोगों की मौत कोरोना की वजह से हुई थी। दूसरी लहर के तुरंत बाद तीसरी लहर आने की आशंका जताई जाने लगी थी। तीसरी लहर में बच्चों के अधिक प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। इससे बचने के लिए पीआईसीयू बनाने के साथ ही ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट स्थापित किए गए। जनपद में तीसरी लहर 24 नवंबर 2021 को शुरू हुई।
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इस दिन देवबंद के एक गांव में गर्भवती और उसका डेढ़ वर्ष का बच्चा संक्रमित मिला था। 24 नवंबर से 31 दिसंबर 2021 तक मात्र 27 मरीज कोरोना के सामने आए थे। जनवरी में कोरोना तेजी से बढ़ा। जिसकी वजह से रात्रि कर्फ्यू और अन्य पाबंदियां लगा दी गईं। जनवरी में कोरोना जिस गति से बढ़ा फरवरी माह में उसी तेजी से कम हुआ। वरिष्ठ छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. जी रहमान तीसरी लहर को दो रूपों में अच्छा मान रहे हैं। उनका कहना है कि तीसरी लहर में मरीजों की जान नहीं गई। संक्रमित मरीजों में एंटीबॉडी बनी। इसने शरीर के लिए बूस्टर का काम किया।
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पांच संक्रमित मिले, छह स्वस्थ हुए
सहारनपुर। जनपद में शनिवार को पांच लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जबकि छह मरीजों ने कोरोना को मात दी है। इनके साथ ही कोरोना की तीसरी लहर में मिले संक्रमितों की संख्या बढ़कर 6,135 पर पहुंच गई है। वर्तमान में जनपद में कोरोना के 29 एक्टिव मरीज हैं। नोडल अधिकारी शिवांका गौड़ ने कोरोना से बचाव के लिए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। संवाद