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सामान्य वायरल की तरह है तीसरी लहर का कोरोना
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जिला अस्पताल का कोरोना जांच केन्द्र
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। तीसरी लहर में कोरोना के दुष्प्रभाव न के बराबर हैं। ऐसे में मौजूदा कोविड अस्पताल खाली पड़े हैं, जिनमें बेडशीट और अन्य सामान धूल फांक रहे हैं। यही वजह है कि संबंधित निजी अस्पतालों में भी अभी तक कोविड को लेकर कोई तैयारी नहीं है और न ही कोविड वार्ड तैयार करने की जरूरत पड़ी है, जो अच्छा संकेत है। विभाग की सलाह है कि लोग कोरोना को लेकर लापरवाही न बरतें, क्योंकि कोरोना अपना स्वरूप बदल सकता है। कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण ने ऐसा कहर बरपाया था कि सरकारी अस्पतालों के साथ ही आठ निजी अस्पतालों की व्यवस्थाएं भी कम पड़ गई थीं। मरीजों को बेड और पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन तक नहीं मिल सकी थी। तीसरी लहर में किसी मरीज की जान इलाज के अभाव में न जाए। इसके लिए कई प्रबंधन किए गए हैं। तीसरी लहर शुरू होते ही चिकित्सा विभाग ने शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज में 100 बेड का कोविड वार्ड तैयार करा दिया था। इसके अलावा सीएचसी फतेहपुर में 50 बेड का कोविड वार्ड बनाया गया था, लेकिन तीसरी लहर में कोरोना सामान्य वायरल की तरह असर कर रहा है, जिसमें मरीज को भर्ती करने की जरूरत नहीं है। कोरोना की तीसरी लहर में जनपद में अभी तक 2759 मरीज मिल चुके हैं, जिनमें से केवल एक मरीज को भर्ती करने की जरूरत पड़ी है, जबकि दो संक्रमित गर्भवती को केवल इसलिए भर्ती किया गया, क्योंकि उनका ऑपरेशन से प्रसव कराया गया। कोरोना के कम असरदार होने की वजह से इस बार शासन, प्रशासन और चिकित्सा विभाग राहत की सांस ले रहा है, साथ ही सबसे बड़ी राहत हर उस व्यक्ति को है, जो संक्रमित होने के बावजूद स्वस्थ है। ऐसे में कोरोना से निपटने की तैयारियां भी कहीं न कहीं ढील चल रही हैं। सरकारी अस्पतालों में बने कोविड वार्ड खाली चल रहे हैं। ऐसे में प्राइवेट अस्पतालों ने भी अभी तक कोई तैयारी नहीं की है।
जिला अस्पताल तक में वार्ड नहीं
दूसरी लहर में एसबीडी जिला अस्पताल में मात्र दस बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया था, जिसे इस बार 100 बेड के कोविड वार्ड के रूप में विकसित करने की तैयारी एक माह से चल रही है, लेकिन अभी तक 100 बेड का वार्ड नहीं बनाया गया है, क्योंकि पहले से तैयार दस बेड ही खाली पड़े हैं। इसके अलावा जिन आठ सीएचसी पर ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट स्थापित हुए हैं वहां जरूरत पड़ने पर 30-30 बेड के वार्ड बनाने की योजना है, लेकिन अभी बनाए नहीं गए हैं।
निजी कोविड अस्पतालों में दूसरी लहर में यह थी व्यवस्था
अस्पताल का नाम----------कोविड वार्ड के बेड
राजकीय मेडिकल कॉलेज----400
सीएचसी फतेहपुर----------50
टीबी अस्पताल-------------50
जिला अस्पताल------------10
ग्लोकल मेडिकल कॉलेज-----400
वी-ब्रॉस हॉस्पिटल----------60
सक्षम हॉस्पिटल------------15
मेडिग्राम------------------15
जगदंबा हॉस्पिटल-----------20
मेग्राकेयर हॉस्पिटल----------33
पांडेय हॉस्पिटल------------07
जीवन ज्योति हॉस्पिटल-------20
महावीर हॉस्पिटल-----------30
- तीसरी लहर में बेशक कोरोना के मरीज दूसरी लहर की तुलना में अधिक मिल रहे हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि कोरोना ज्यादा प्रभावी नहीं है। यानी मरीजों को कोई तकलीफ नहीं है, लेकिन लोगों को किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतनी है, क्योंकि कोरोना समय-समय पर अपना वैरिएंट बदलता रहा है। कोरोना से निपटने को लेकर विभाग पूरी तरह तैयार है, लेकिन जरूरत पड़ने पर ही कोविड वार्ड और बेड बढ़ाए जा सकते हैं।
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डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ।
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जिला अस्पताल तक में वार्ड नहीं
दूसरी लहर में एसबीडी जिला अस्पताल में मात्र दस बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया था, जिसे इस बार 100 बेड के कोविड वार्ड के रूप में विकसित करने की तैयारी एक माह से चल रही है, लेकिन अभी तक 100 बेड का वार्ड नहीं बनाया गया है, क्योंकि पहले से तैयार दस बेड ही खाली पड़े हैं। इसके अलावा जिन आठ सीएचसी पर ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट स्थापित हुए हैं वहां जरूरत पड़ने पर 30-30 बेड के वार्ड बनाने की योजना है, लेकिन अभी बनाए नहीं गए हैं।
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निजी कोविड अस्पतालों में दूसरी लहर में यह थी व्यवस्था
अस्पताल का नाम----------कोविड वार्ड के बेड
राजकीय मेडिकल कॉलेज----400
सीएचसी फतेहपुर----------50
टीबी अस्पताल-------------50
जिला अस्पताल------------10
ग्लोकल मेडिकल कॉलेज-----400
वी-ब्रॉस हॉस्पिटल----------60
सक्षम हॉस्पिटल------------15
मेडिग्राम------------------15
जगदंबा हॉस्पिटल-----------20
मेग्राकेयर हॉस्पिटल----------33
पांडेय हॉस्पिटल------------07
जीवन ज्योति हॉस्पिटल-------20
महावीर हॉस्पिटल-----------30
- तीसरी लहर में बेशक कोरोना के मरीज दूसरी लहर की तुलना में अधिक मिल रहे हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि कोरोना ज्यादा प्रभावी नहीं है। यानी मरीजों को कोई तकलीफ नहीं है, लेकिन लोगों को किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतनी है, क्योंकि कोरोना समय-समय पर अपना वैरिएंट बदलता रहा है। कोरोना से निपटने को लेकर विभाग पूरी तरह तैयार है, लेकिन जरूरत पड़ने पर ही कोविड वार्ड और बेड बढ़ाए जा सकते हैं।
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