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फिर मंडराने लगा संक्रामक रोगों का खतरा
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फिर मंडराने लगा संक्रामक रोगों का खतरा
बेहट। वर्ष 2019 में ग्राम पंचायत दयालपुर में संक्रामक रोग फैलने से करीब 15 लोगों की मौत हो गई थी। सबसे ज्यादा मौत बुखार से हुई थी। फिर से संक्रामक रोगों का खतरा मंडरा रहा है। इसकी वजह है चौतरफा गंदगी।
विकासखंड मुजफ्फराबाद की ग्राम पंचायत दयालपुर में करीब 3500 और इसके मजरे बुबका में 800 की आबादी है। दोनों गांवों में नाले, नालियां चोक पड़े हैं। गंदा पानी जमा होने से कीड़ों की भरमार हो गई है। गलियां भी कीचड़ से अटी पड़ीं हैं। थोड़ी सी बारिश होने पर ही गांव की गलियां तालाब बन जाती हैं। गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्राम पंचायत स्तर से भी सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। ग्राम पंचायत और स्वास्थ्य विभाग पिछले साल के संक्रमण से हुई मौतों के आंकड़ों से सबक लेने को तैयार नहीं हैं।
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उनके गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। नाली और नालियां चोक पड़े हैं और नाले में गंदा पानी जमा होने से दुर्गंध उठ रही है। इतना ही नहीं नाले के पानी में कीड़ों की भरमार है। ग्राम प्रधान से कई बार सफाई कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनका इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। पिछले साल भी बुखार से उनके गांव में पांच लोगों की मौत हो गई थी।- सौरभ सैनी, बुबका
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गांव में गंदगी फैली हुई है। कोई ध्यान देने वाला नहीं है। पिछले साल बुखार से महिलाओं समेत कई लोगों की मौत हो गई थी। उसके बाद भी ग्राम प्रधान सबक लेने को तैयार नहीं हैं। सफाई कार्य और कीटनाशक के छिड़काव के लिए कई बार ग्राम प्रधान से कह चुके हैं। - राजेश धीमान, बुबका
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...भगवान के भरोसे हैं गांव
दयालपुर के ग्रामीण महताब काला, विश्वास, बिजेंद्र सैनी आदि का कहना है कि उनका गांव तो भगवान के भरोसे है। गांव में पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। हल्की सी बारिश में पूरा गांव तालाब में तब्दील हो जाता है। सफाई व्यवस्था चौपट है। पिछले वर्ष करीब 15 लोगों की बुखार से मौत हो गई थी, बावजूद भी कोई सबक लेने को तैयार नहीं।
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मौत का आंकड़ा
वर्ष 2019 में दयालपुर में तेजपाल, रोशन देवी, अशोक, धर्मेंद्र, छवि, बुद्धू, मेम आदि की मौत बुखार से हुई थी, जबकि बुबका में नकली, बती देवी, सीमा, शकुंतला देवी, वर्षा शर्मा आदि बुखार एवं अन्य संक्रामक रोगों से पीड़ित होने के चलते जान गवां चुके हैं।
वर्जन --
इस बार ग्राम पंचायत स्तर से पूरी सतर्कता बरती जा रही है। सफाई अभियान शुरू कराया गया है। दोनों गांवों में सफाई कार्य कराया जाएगा और गांव से बाहर 500 मीटर के दायरे तक सफाई कराई जाएगी। बुधवार से कीटनाशक का छिड़काव भी शुरू करा दिया जाएगा। - दीपक सैनी, ग्राम प्रधान दयालपुर
वर्जन --
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से संचारी रोग एवं दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। एंटी लार्वा दवाई का जल्द ही छिड़काव गांव में कराया जाएगा। - डाक्टर मीनू गोयल, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी
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बेहट। वर्ष 2019 में ग्राम पंचायत दयालपुर में संक्रामक रोग फैलने से करीब 15 लोगों की मौत हो गई थी। सबसे ज्यादा मौत बुखार से हुई थी। फिर से संक्रामक रोगों का खतरा मंडरा रहा है। इसकी वजह है चौतरफा गंदगी।
विकासखंड मुजफ्फराबाद की ग्राम पंचायत दयालपुर में करीब 3500 और इसके मजरे बुबका में 800 की आबादी है। दोनों गांवों में नाले, नालियां चोक पड़े हैं। गंदा पानी जमा होने से कीड़ों की भरमार हो गई है। गलियां भी कीचड़ से अटी पड़ीं हैं। थोड़ी सी बारिश होने पर ही गांव की गलियां तालाब बन जाती हैं। गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्राम पंचायत स्तर से भी सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। ग्राम पंचायत और स्वास्थ्य विभाग पिछले साल के संक्रमण से हुई मौतों के आंकड़ों से सबक लेने को तैयार नहीं हैं।
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उनके गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। नाली और नालियां चोक पड़े हैं और नाले में गंदा पानी जमा होने से दुर्गंध उठ रही है। इतना ही नहीं नाले के पानी में कीड़ों की भरमार है। ग्राम प्रधान से कई बार सफाई कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनका इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। पिछले साल भी बुखार से उनके गांव में पांच लोगों की मौत हो गई थी।- सौरभ सैनी, बुबका
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गांव में गंदगी फैली हुई है। कोई ध्यान देने वाला नहीं है। पिछले साल बुखार से महिलाओं समेत कई लोगों की मौत हो गई थी। उसके बाद भी ग्राम प्रधान सबक लेने को तैयार नहीं हैं। सफाई कार्य और कीटनाशक के छिड़काव के लिए कई बार ग्राम प्रधान से कह चुके हैं। - राजेश धीमान, बुबका
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...भगवान के भरोसे हैं गांव
दयालपुर के ग्रामीण महताब काला, विश्वास, बिजेंद्र सैनी आदि का कहना है कि उनका गांव तो भगवान के भरोसे है। गांव में पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। हल्की सी बारिश में पूरा गांव तालाब में तब्दील हो जाता है। सफाई व्यवस्था चौपट है। पिछले वर्ष करीब 15 लोगों की बुखार से मौत हो गई थी, बावजूद भी कोई सबक लेने को तैयार नहीं।
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मौत का आंकड़ा
वर्ष 2019 में दयालपुर में तेजपाल, रोशन देवी, अशोक, धर्मेंद्र, छवि, बुद्धू, मेम आदि की मौत बुखार से हुई थी, जबकि बुबका में नकली, बती देवी, सीमा, शकुंतला देवी, वर्षा शर्मा आदि बुखार एवं अन्य संक्रामक रोगों से पीड़ित होने के चलते जान गवां चुके हैं।
वर्जन --
इस बार ग्राम पंचायत स्तर से पूरी सतर्कता बरती जा रही है। सफाई अभियान शुरू कराया गया है। दोनों गांवों में सफाई कार्य कराया जाएगा और गांव से बाहर 500 मीटर के दायरे तक सफाई कराई जाएगी। बुधवार से कीटनाशक का छिड़काव भी शुरू करा दिया जाएगा। - दीपक सैनी, ग्राम प्रधान दयालपुर
वर्जन --
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से संचारी रोग एवं दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। एंटी लार्वा दवाई का जल्द ही छिड़काव गांव में कराया जाएगा। - डाक्टर मीनू गोयल, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी