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कोरोना का खौफ : अस्पतालों में बढ़े खांसी जुकाम के मरीज
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जिला अस्पताल में चिकित्सक के कक्ष के बाहर मरीजो की लगी लाइन
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। कोरोना वायरस के खौफ और बदले मौसम के बीच होली के बाद जिला चिकित्सालय से लेकर राजकीय मेडिकल कालेज में उपचार कराने के लिए आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। इनमें ज्यादा असर तो कोरोना वायरस के डर का ही नजर आ रहा है। खास बात यह है कि खांसी जुकाम का उपचार कराने के लिए आने वाले मरीजों की ही संख्या 10 से 15 फीसदी तक बढ़ी है।
जिला चिकित्सालय में सामान्य दिनों में 200 से 250 मरीजों तक की ओपीडी रहती है। इन दिनों यह 300 तक पहुंच रही है। वहीं, राजकीय मेडिकल कालेज में 1400 की ओपीडी की जगह अब 1500 मरीज पहुंच रहे हैं। यहां भी खांसी, जुकाम, बुखार और फेफड़े से जुड़े मरीजों की संख्या अधिक बताई जा रही है। जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. जीके रहमान कहते हैं कि अमूमन होली के आसपास और इसके बाद मौसम काफी गर्म हो जाता है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से बेमौसम बरसात हो रही है। ओलावृष्टि तक हो रही है। वहीं, देश में कोरोना वायरस दस्तक दे चुका है। इसलिए एहतियात के तौर पर भी खांसी, जुकाम और बुखार में भी लोग जांच करवा रहे हैं।
कहीं मास्क तो कहीं कोई डर नहीं
- कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट के बीच जिला चिकित्सालय में कुछ स्टाफ जहां मास्क लगाकर काम कर रहा है, वहीं कुछ ऐसे हैं जो मास्क नहीं लगा रहे हैं। अस्पताल में पहुंचने वाली पुलिस टीमों के अलावा कुछ होमगार्ड्स भी मास्क पहन रहे हैं, जबकि कई रोगों से पीड़ित मरीज मास्क के बिना ही ओपीडी और वार्डों में एडमिशन के लिए आ रहे हैं।
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इस बार खेली सेफ होली
- चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मवीर सिंह का कहना है कि पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार लोगों ने अधिक सेफ होली खेली है। पहले होली के बाद त्वचा, एलर्जी, जलन आदि के मरीज अधिक आते थे, लेकिन इस बार इनकी संख्या ज्यादा नहीं है। शायद इसके पीछे भी कोरोना के प्रति सजगता रही हो। यह अच्छी बात है।
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जिला चिकित्सालय में सामान्य दिनों में 200 से 250 मरीजों तक की ओपीडी रहती है। इन दिनों यह 300 तक पहुंच रही है। वहीं, राजकीय मेडिकल कालेज में 1400 की ओपीडी की जगह अब 1500 मरीज पहुंच रहे हैं। यहां भी खांसी, जुकाम, बुखार और फेफड़े से जुड़े मरीजों की संख्या अधिक बताई जा रही है। जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. जीके रहमान कहते हैं कि अमूमन होली के आसपास और इसके बाद मौसम काफी गर्म हो जाता है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से बेमौसम बरसात हो रही है। ओलावृष्टि तक हो रही है। वहीं, देश में कोरोना वायरस दस्तक दे चुका है। इसलिए एहतियात के तौर पर भी खांसी, जुकाम और बुखार में भी लोग जांच करवा रहे हैं।
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कहीं मास्क तो कहीं कोई डर नहीं
- कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट के बीच जिला चिकित्सालय में कुछ स्टाफ जहां मास्क लगाकर काम कर रहा है, वहीं कुछ ऐसे हैं जो मास्क नहीं लगा रहे हैं। अस्पताल में पहुंचने वाली पुलिस टीमों के अलावा कुछ होमगार्ड्स भी मास्क पहन रहे हैं, जबकि कई रोगों से पीड़ित मरीज मास्क के बिना ही ओपीडी और वार्डों में एडमिशन के लिए आ रहे हैं।
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इस बार खेली सेफ होली
- चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मवीर सिंह का कहना है कि पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार लोगों ने अधिक सेफ होली खेली है। पहले होली के बाद त्वचा, एलर्जी, जलन आदि के मरीज अधिक आते थे, लेकिन इस बार इनकी संख्या ज्यादा नहीं है। शायद इसके पीछे भी कोरोना के प्रति सजगता रही हो। यह अच्छी बात है।

जिला अस्पताल में चिकित्सक के कक्ष के बाहर मरीजो की लगी लाइन- फोटो : SAHARANPUR