{"_id":"60b2886a8ebc3e34fc03534b","slug":"contingency-assistance-fund-for-compensation-to-dependents-saharanpur-news-mrt540428176","type":"story","status":"publish","title_hn":"आश्रितों को मुआवजे के लिए बने आकस्मिक सहायता फंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आश्रितों को मुआवजे के लिए बने आकस्मिक सहायता फंड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन पदाधिकारियों ने वर्चुअल बैठक कर मृतक शिक्षकों के आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपया मुआवजा देने की मांग दोहराई। इसके लिए उन्होंने आकस्मिक सहायता फंड बनाने की मांग सरकार से की।
जिलाध्यक्ष राजकुमार चौधरी ने बताया कि कुछ कतिपय संगठनों ने फरमान जारी किया है कि मृतक शिक्षकों के आश्रितों की मदद के लिए सभी शिक्षक एक-एक दिन का वेतन देंगे, जबकि संगठन आश्रितों को एक-एक करोड़ का मुआवजा व परिवार के एक सदस्य केे नौकरी देने की मांग मुख्यमंत्री से कर रहा है। फ्रीज बेसिक शिक्षकों के डीए के पैसे में से 76 करोड़ रुपये को मिलाकर बेसिक शिक्षक आकस्मिक सहायता फंड का निर्माण किया जाए। इससे करीब दो हजार शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और अधिकारियों के निधन पर आश्रितों को एक-एक करोड़ का भुगतान कर आकस्मिक फंड में धन सुरक्षित रखा जाए। जिसका उपयोग भविष्य में आकस्मिक दुर्घटना होने पर किया जा सके। यदि सरकार आकस्मिक फंड बना कर भविष्य मे किसी भी बेसिक कर्मी के मृत्यु पर एक करोड़ मुआवजा देने का वादा करे तो संगठन प्रति वर्ष अपने सदस्यों का एक दिन का वेतन देने से पीछे नहीं हटेगा। यदि मांग नहीं मानी जाती है तो संगठन आंदोलन करेगा।
महंगाई पर अंकुश लगाए सरकार
सहारनपुर। सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष रामकुमार विश्वकर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के साथ महंगाई की मार ने आम आदमी को झकझोर दिया है। सरसों तेल, रिफाइंड आदि खाद्य सामग्री के दाम आसमान छू रहे हैं। सरकार का इस तरफ कतई ध्यान नहीं है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि टैक्स में कटौती करके आम आदमी को राहत पहुंचाई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष राजकुमार चौधरी ने बताया कि कुछ कतिपय संगठनों ने फरमान जारी किया है कि मृतक शिक्षकों के आश्रितों की मदद के लिए सभी शिक्षक एक-एक दिन का वेतन देंगे, जबकि संगठन आश्रितों को एक-एक करोड़ का मुआवजा व परिवार के एक सदस्य केे नौकरी देने की मांग मुख्यमंत्री से कर रहा है। फ्रीज बेसिक शिक्षकों के डीए के पैसे में से 76 करोड़ रुपये को मिलाकर बेसिक शिक्षक आकस्मिक सहायता फंड का निर्माण किया जाए। इससे करीब दो हजार शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और अधिकारियों के निधन पर आश्रितों को एक-एक करोड़ का भुगतान कर आकस्मिक फंड में धन सुरक्षित रखा जाए। जिसका उपयोग भविष्य में आकस्मिक दुर्घटना होने पर किया जा सके। यदि सरकार आकस्मिक फंड बना कर भविष्य मे किसी भी बेसिक कर्मी के मृत्यु पर एक करोड़ मुआवजा देने का वादा करे तो संगठन प्रति वर्ष अपने सदस्यों का एक दिन का वेतन देने से पीछे नहीं हटेगा। यदि मांग नहीं मानी जाती है तो संगठन आंदोलन करेगा।
विज्ञापन
महंगाई पर अंकुश लगाए सरकार
सहारनपुर। सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के महानगर अध्यक्ष रामकुमार विश्वकर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के साथ महंगाई की मार ने आम आदमी को झकझोर दिया है। सरसों तेल, रिफाइंड आदि खाद्य सामग्री के दाम आसमान छू रहे हैं। सरकार का इस तरफ कतई ध्यान नहीं है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि टैक्स में कटौती करके आम आदमी को राहत पहुंचाई जाए।
विज्ञापन