उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के बेहट में 40 साल पुराना एक हैंडपंप प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जहां इसे नगर पालिका द्वारा उखाड़े जाने पर कांग्रेस विरोध करने लगी तो वहीं दोबारा हैंडपंप लगाए जाने का बजरंग दल सहित कई संगठन विरोध कर रहे हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।
लगभग 40 साल पुराने हैंडपंप को दोबारा लगवाने की मांग को लेकर मंगलवार को धरना स्थल पर जा रहे कांग्रेस विधायकों नरेश सैनी और मसूद अख्तर को पुलिस अधिकारियों ने रोक लिया। बेहट से विधायक नरेश सैनी ने दावा किया कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव इमरान मसूद उन्हें रिहा कराने के लिए समर्थकों के साथ पुलिस लाइन पहुंचे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने दोनों को रिहा कर दिया है। बेहट में चार दशक पुराने इस हैंडपंप को एक शिकायत के आधार पर नगर पालिका ने उखड़वा दिया था। इसके बाद स्थानीय लोग नाराज हो गए। इसे लेकर पहले भी कांग्रेस नेताओं ने धरना दिया था। वहीं हैंडपंप दोबारा लगाए जाने के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया था।
2 of 5
हंगामा करते परिजन।
- फोटो : amar ujala
इसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हैंडपंप दोबारा लगाए जाने का विरोध किया।
3 of 5
कांग्रेस विधायक को रोकती पुलिस।
- फोटो : amar ujala
उधर, व्यापारी प्रदीप ने कहा कि हैंडपंप हमारी दुकान के आगे लगा था, जिससे आवागमन बाधित होने के साथ ही उनका व्यापार भी प्रभावित होता था।
4 of 5
मीडिया से बात करते कांग्रेस नेता।
- फोटो : amar ujala
हैंडपंप हटवाने के लिए उन्होंने प्रार्थना पत्र दिया था, जिस पर जांच करने के उपरांत ही प्रशासन ने हैंडपंप को हटवाया। आरोप है कि क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक नरेश सैनी ने वोटबैंक की राजनीति के लिए लोगों को उकसाया और हंगामा कर धरना देते हुए प्रशासन पर दबाव बनाया।
5 of 5
पुलिस ने कांग्रेस विधायक को हिरासत में लिया।
- फोटो : amar ujala
प्रदीप ने कहा कि विधायक क्षेत्र की सभी जनता के हैं, सिर्फ एक वर्ग के हित की बात नहीं करनी चाहिए। व्यापारी आचार्य पंडित मुरारी झा ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर कस्बे में जिस तरह के हालात पैदा किए गए हैं, उस वजह से अब उनका परिवार यहां से पलायन करने को मजबूर है। पंडित मुरारी ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले में उन्हें न्याय दिलाया जाए।