फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Compensation for land acquisition made fraudulent

जमीन अधिग्रहण के मुआवजे में कर दिया फर्जीवाड़ा

Thu, 18 Mar 2021 12:31 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Mar 2021 12:31 AM IST
विज्ञापन
Compensation for land acquisition made fraudulent
जमीन अधिग्रहण के मुआवजे में कर दिया फर्जीवाड़ा
विज्ञापन

सहारनपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग 344 के लिए अधिगृहीत की गई जमीन का मुआवजा लेने में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा सामने आया है। गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव मक्का बांस निवासी तालीम ने इस संबंध में कोर्ट के आदेश पर सदर बाजार थाने में गत 12 मार्च को रिपोर्ट दर्ज कराई। लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और अमीन को भी आरोपी बनाया गया है।
तालीम ने बताया कि खसरा नंबर 181 में से 4000 वर्ग मीटर जमीन को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 73 (नवनिर्मित हाइवे 344) के लिए 2017-18 में अधिग्रहण का नोटिस जारी हुआ था। तालीम, उसके भाई आलिम और रियाज की 324.40 वर्ग मीटर और मुसर्रत जहां की 300.80 वर्ग मीटर जमीन ली जानी थी। वहीं, आरोपी पक्ष से राव साजिद, मुनफैत अली और मोहम्मद इनाम की करीब 834.57 वर्गमीटर जमीन अधिगृहीत की जा रही थी।
विज्ञापन

आरोप है कि धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर राव साजिद ने 1440 वर्ग मीटर, मुनफैत अली ने 1440 वर्ग मीटर और मोहम्मद इनाम ने 720 वर्ग मीटर जमीन अधिग्रहण की रिपोर्ट हल्का लेखपाल रामकुमार, राजस्व निरीक्षक सोमपाल सिंह और भूमि अध्याप्ति अमीन ऋषिपाल से साठगांठ करके तैयार करा ली। यह रिपोर्ट दिसंबर 2018 में भूमि अध्याप्ति अधिकारी के समक्ष भेजी गई। इस तरह करीब 4000 वर्ग मीटर में से 3600 वर्ग मीटर जमीन का मुआवजा 1,85,31,735 रुपये 5148 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से ले लिया। वहीं उनकी 625.20 वर्ग मीटर जमीन को कम दर्शाते हुए उसे केवल 400 वर्ग मीटर करा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों और मुख्यमंत्री से की गई, जिस पर तत्कालीन मंडलायुक्त के निर्देश पर 18 अक्तूबर 2019 को पुन: पैमाइश कराई गई। इसमें आरोपी राव साजिद, मुनफैत और मोहम्मद इनाम की जमीन कुल 834.57 वर्ग मीटर निकली। पुन: पैमाइश की रिपोर्ट 11 नवंबर 2019 को भूमि अध्याप्ति अधिकारी के यहां भेजी गई।
उसमें खुलासा हुआ कि आरोपियों की अधिगृहीत जमीन का मुआवजा 42,96,366 रुपये बनता था, लेकिन इन्होंने 1,85,31,735 रुपये मुआवजा प्राप्त किया। इसी के चलते आरोपियों से रकम वसूलने के लिए रिकवरी नोटिस जारी हुए, लेकिन उसमें भी हेराफेरी कर दी गई। आरोप है कि सिर्फ 11,59,263 रुपये की रिकवरी का नोटिस जारी किया गया, जबकि 1,42,65,369 रुपये की वसूली होनी चाहिए थी।

सीओ द्वितीय दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि तालीम की तहरीर पर राव साजिद निवासी सिकंदरपुर भैंसवाल भगवानपुर (उत्तराखंड), मुनफैत निवासी नल्हेड़ा गाजी सहारनपुर और मोहम्मद इनाम निवासी मोहद्दीनपुर सहारनपुर के अलावा लेखपाल रामकुमार, राजस्व निरीक्षक सोमपाल सिंह, भूमि अध्याप्ति अमीन ऋषिपाल और विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय के संबंधित अधिकारी, कर्मचारी को नामजद कराया गया है। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई है, पुलिस विवेचना कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed