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Saharanpur News: रंगीन फूलगोभी...अजय ने उगाई, दिल्ली-देहरादून को भाई, खूब हुई कमाई
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सहारनपुर। खेती में आय बढ़ाने के लिए किसान नए प्रयोग कर रहे हैं। गांव रनियाला दयालपुर के एक युवा किसान ने जनपद में पहली बार रंगीन फूलगोभी की खेती कर अच्छी आय प्राप्त की है।
खेती में बढ़ती लागत और कम होती आय के चलते जहां अधिकांश किसानों के बच्चे खेती से मुंह माेड़ रहे हैं। गांव रनियाला दयालपुर निवासी युवा किसान अजय सैनी नीट की तैयारी कर रहे हैं। वह खेती में आए दिन नए प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने रंगीन फूलगोभी की खेती का सफल ट्राॅयल किया है। जैविक विधि से रंगीन फूलगोभी पैदा कर अच्छी आय प्राप्त की है।
उन्होंने बताया कि उनका परिवार गांव झबीरण में ठेके पर जमीन लेकर खेती करता हैं। वह नीट की तैयारी के साथ अपने परिवार को खेती में सहयोग भी करते है। उन्होंने बताया कि उन्हें यू-टयूब पर रंगीन फूलगोभी की बारे में जानकारी मिली।
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इसकी प्रेरणा से उन्होंने ट्रायल के तौर पर रंगीन फूलगोभी की खेती करने का निर्णय लिया। उन्होंने इसका बीज लेकर पौध तैयार की और एक दिसंबर पौध की खेत में रोपाई कराई। फरवरी से रंगीन फूलगोभी की बिक्री शुरू की।
दिल्ली और चंड़ीगढ़ में रंगीन फूलगोभी को काफी पसंद किया गया। सहारनपुर मंडी में भी इसकी बिक्री की गई। बाजार में इसके भाव सामान्य फूलगोभी से करीब तीन गुणा अधिक प्राप्त हुए। उन्हें 40 से 50 रुपये प्रति किलो की दर से इसके थोक भाव मिले हैं।
उन्होंने बताया कि रंगीन फूलगोभी की उत्पादकता भी सामान्य फूलगोभी के बराबर ही है, जबकि भाव इससे अधिक मिलते है। इसलिए यह अधिक लाभकारी साबित हुई है।
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खेती में बढ़ती लागत और कम होती आय के चलते जहां अधिकांश किसानों के बच्चे खेती से मुंह माेड़ रहे हैं। गांव रनियाला दयालपुर निवासी युवा किसान अजय सैनी नीट की तैयारी कर रहे हैं। वह खेती में आए दिन नए प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने रंगीन फूलगोभी की खेती का सफल ट्राॅयल किया है। जैविक विधि से रंगीन फूलगोभी पैदा कर अच्छी आय प्राप्त की है।
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उन्होंने बताया कि उनका परिवार गांव झबीरण में ठेके पर जमीन लेकर खेती करता हैं। वह नीट की तैयारी के साथ अपने परिवार को खेती में सहयोग भी करते है। उन्होंने बताया कि उन्हें यू-टयूब पर रंगीन फूलगोभी की बारे में जानकारी मिली।
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इसकी प्रेरणा से उन्होंने ट्रायल के तौर पर रंगीन फूलगोभी की खेती करने का निर्णय लिया। उन्होंने इसका बीज लेकर पौध तैयार की और एक दिसंबर पौध की खेत में रोपाई कराई। फरवरी से रंगीन फूलगोभी की बिक्री शुरू की।
दिल्ली और चंड़ीगढ़ में रंगीन फूलगोभी को काफी पसंद किया गया। सहारनपुर मंडी में भी इसकी बिक्री की गई। बाजार में इसके भाव सामान्य फूलगोभी से करीब तीन गुणा अधिक प्राप्त हुए। उन्हें 40 से 50 रुपये प्रति किलो की दर से इसके थोक भाव मिले हैं।
उन्होंने बताया कि रंगीन फूलगोभी की उत्पादकता भी सामान्य फूलगोभी के बराबर ही है, जबकि भाव इससे अधिक मिलते है। इसलिए यह अधिक लाभकारी साबित हुई है।