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सर्द रात, खुला आसमान... और ठिठुरते लोग

Thu, 31 Dec 2020 11:44 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 31 Dec 2020 11:44 PM IST
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Cold night, open sky ... and people choking
सहारनपुर। सर्द रात, तापमान शून्य और शीत लहर का प्रकोप। गर्म जैकेट, टोपा और दस्ताने पहनने के बावजूद सर्दी से राहत नहीं मिल रही, मगर बहुत से लोग ऐसे हैं जो सर्द रात में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। इनमें असहाय लोग भी हैं तो वह भी जो सहारनपुर से अपने शहर जाने के लिए निकलते हैं, मगर वाहन नहीं मिलने पर उन्हें रात में ठिठुरना पड़ता है। सर्द रात में अमर उजाला टीम सड़क पर निकली तो ठिठुरते लोगों की बेबसी और मजबूरी सामने आई। पेश है रिपोर्ट...
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रात 10 बजे, जिला अस्पताल
बीमार के साथ आए हैं, ऐसे ही रात गुजारनी पड़ेगी
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में स्वास्थ्य कर्मी बैठे हैं। कमरे में रूम हीटर भी चल रहा है, लेकिन बाहर पांच लोग अलाव के पास बैठकर गर्माहट ले रहे हैं। जैसे ही अलाव से दूर हटते हैं तो ठिठुरन होने लगती है। इनका कहना था कि बीमार के साथ आए हैं, रात तो जैसे तैसे गुजारनी ही पड़ेगी।
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रात 10: 30 बजे, घंटाघर चौराहा
घना कोहरा छाया हुआ है। वाहनों की आवाजाही हो रही है, हवा में इतनी नमी कि चंद सेकेंड में ही बाइक की गद्दी पर पानी इकट्ठा हो गया। पास में ही हनुमान मंदिर की पिछली दीवार है, जिसके सहारे प्लास्टिक बांधकर झोपड़ी बनी थी, जिसमें एक व्यक्ति लेटा हुआ था, जबकि दूसरा व्यक्ति सड़क पर जल रहे अलाव के पास ही बोरी बिछाकर लेट गया और हल्का सा कंबल ओढ़ लिया। उसके पास दो अन्य युवक अलाव सेंककर सर्दी से निजात पाने की कोशिश करते दिखे।
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रात 10:45 बजे, रैन बसेरा
नगर निगम के रैन बसेरा में दो हॉल हैं, उनमें एक मुसाफिरों के लिए जबकि दूसरा असहाय लोगों के लिए। दोनों ही हॉल में जितने भी तख्त डाले गए, सभी पर लोग लेटे हुए थे। कंबलों की व्यवस्था थी और मुसाफिरों वाले हॉल में रूम हीटर भी लगाया हुआ था। मुसाफिरों में शामली जिले के गांव चूनसा की रहने वाली ऊषा ने बताया कि वह अपनी बेटी के यहां पंजाब से होकर आई थी, लेकिन यहां देर हो गई। शामली तक जाने का साधन नहीं मिला तो रात यहां बितानी पड़ी। अन्य भी मुसाफिर भी इसी कारण यहां रुके थे। रैन बसेरे की व्यवस्था देखने वाले विशाल कश्यप ने बताया कि रोजाना 100 से ज्यादा लोग यहां आकर रुकते हैं।

रात 11 बजे, रोडवेज बस स्टैंड
यात्रियों की भीड़ इकट्ठा थी। किसी को लखनऊ जाना है तो कोई सीतापुर और बरेली जाने के लिए निकला था। काफी लोग बेंच पर लेटकर कंबल ओढ़े हुए थे। वहां पर डस्टबिन भी रखा था, जिसकी लोगों को परवाह नहीं थी, क्योंकि शेड में सिर जो छिपाना था। एक दर्जन से ज्यादा यात्री बाहर अलाव के नजदीक खड़े थे और बस ना मिलने पर गुस्से में तमतमा रहे थे। यात्रियों में लखनऊ जाने वाले जितेंद्र, सीतापुर जाने वाले श्रवण मिश्रा और बरेली जा रहे अब्दुल शकूर ने बताया कि कई घंटे से इंतजार कर रहे थे, लेकिन बस नहीं मिली। रोडवेज के अधिकारी भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे है। सर्द रात है, जिससे मुसीबत बनी हुई है।

सहारनपुर में ठिठरती ठंड और घने कोहरे के चलते रैन बसरे में आराम करते लोग

सहारनपुर में ठिठरती ठंड और घने कोहरे के चलते रैन बसरे में आराम करते लोग- फोटो : SAHARANPUR

सहारनपुर में ठिठरती ठंड और घने कोहरे में अलाव के सहारे घंटाघर सड़क पर हनुतान मन्दिर के बाहर सोता ?

सहारनपुर में ठिठरती ठंड और घने कोहरे में अलाव के सहारे घंटाघर सड़क पर हनुतान मन्दिर के बाहर सोता ?- फोटो : SAHARANPUR

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