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50 लाख से तैयार होंगे सीएनजी और बायोगैस बनाने के प्लांट
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बायोगैस बनाने को कलसिया में चिंहित गई भमि का फाइल फोटो
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। जिले में सीएनजी और बायोगैस बनाने के लिए दो प्लांट लगेंगे, जिस पर 50 लाख रुपये खर्च आएगा। इसको लेकर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसको हरी झंडी मिल गई है। जल्द रामपुर मनिहारान के गांव चकवाली और मुजफ्फराबाद के कलसिया में प्लांट लगाने का कार्य शुरू होगा।
दरअसल, गोबर धन योजना के तहत जनपद के सभी 11 ब्लॉक में प्लांट लगाए जाने हैं। इसके तहत गोबर को उपयोगी बनाते हुए बायोगैस बनाई जाएगी। इसके साथ बायोगैस को सीएनजी में बदलने को लेकर भी कार्य होगा। सर्व प्रथम पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत गो-आश्रय स्थल में प्लांट लगाए जाने हैं। इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत 50 लाख का बजट भी जारी हुआ है। रामपुर मनिहारान क्षेत्र के गांव चकवाली में गो आश्रय स्थल और कलसिया में ग्राम समाज की भूमि पर प्लांट लगाया जाएगा। इसको लेकर विभाग का सर्वे पूरा हो गया है। शासन से पैसे की मंजूरी मिलने के साथ ही इन दोनों प्लांट को तीन से चार माह में तैयार किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद बाकी सभी विकासखंडों में प्लांट लगाए जाएंगे।
प्लांट से होंगे यह फायदे
- गोबर, कृषि अपशिष्ट से बायोगैस बनेगी और बायोगैस को सीएनजी में परिवर्तित किया जाएगा।
- बायोगैस से खाना पकाने और बिजली के लिए भी ऊर्जा मिल सकेगी।
- किसानों व पशुपालकों की अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनेगा।
पशुपालकों को मिलेगा लाभ
- प्लांट के लिए पशुपालकों से गोबर सरकार खरीदेगी, जिसके बदले उनको पैसा दिया जाएगा।
- कचरा प्रबंधन के इंतजाम होंगे और पशुपालक आत्मनिर्भर बन पाएंगे।
- गांव में एक जगह गोबर एकत्र कर प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। इससे स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा।
गोबर धन योजना के तहत बायोगैस और सीएनजी बनाने को लेकर चकवाली और कलसिया में प्लांट लगाए जाएंगे। इसको लेकर रूपरेखा तैयार कर ली गई है। जल्द कार्य शुरू कराकर प्लांट विकसित किए जाएंगे।
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-आलोक शर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी
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दरअसल, गोबर धन योजना के तहत जनपद के सभी 11 ब्लॉक में प्लांट लगाए जाने हैं। इसके तहत गोबर को उपयोगी बनाते हुए बायोगैस बनाई जाएगी। इसके साथ बायोगैस को सीएनजी में बदलने को लेकर भी कार्य होगा। सर्व प्रथम पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत गो-आश्रय स्थल में प्लांट लगाए जाने हैं। इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत 50 लाख का बजट भी जारी हुआ है। रामपुर मनिहारान क्षेत्र के गांव चकवाली में गो आश्रय स्थल और कलसिया में ग्राम समाज की भूमि पर प्लांट लगाया जाएगा। इसको लेकर विभाग का सर्वे पूरा हो गया है। शासन से पैसे की मंजूरी मिलने के साथ ही इन दोनों प्लांट को तीन से चार माह में तैयार किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद बाकी सभी विकासखंडों में प्लांट लगाए जाएंगे।
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प्लांट से होंगे यह फायदे
- गोबर, कृषि अपशिष्ट से बायोगैस बनेगी और बायोगैस को सीएनजी में परिवर्तित किया जाएगा।
- बायोगैस से खाना पकाने और बिजली के लिए भी ऊर्जा मिल सकेगी।
- किसानों व पशुपालकों की अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनेगा।
पशुपालकों को मिलेगा लाभ
- प्लांट के लिए पशुपालकों से गोबर सरकार खरीदेगी, जिसके बदले उनको पैसा दिया जाएगा।
- कचरा प्रबंधन के इंतजाम होंगे और पशुपालक आत्मनिर्भर बन पाएंगे।
- गांव में एक जगह गोबर एकत्र कर प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। इससे स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा।
गोबर धन योजना के तहत बायोगैस और सीएनजी बनाने को लेकर चकवाली और कलसिया में प्लांट लगाए जाएंगे। इसको लेकर रूपरेखा तैयार कर ली गई है। जल्द कार्य शुरू कराकर प्लांट विकसित किए जाएंगे।
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-आलोक शर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी