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हैवी शुगर के बावजूद 24 घंटे ड्यूटी कर रहे सीएमओ
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सीएमओ डाक्टर बीएस सौढ़ी
- फोटो : SAHARANPUR
हैवी शुगर के बावजूद 24 घंटे ड्यूटी कर रहे सीएमओ
सहारनपुर। कोरोना ने सीएमओ डॉ बीएस सोढ़ी की दिनचर्या को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। बीते करीब एक माह से सीएमओ चैन की नींद नहीं सो सके हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह आम से लेकर खास तक के प्रति जवाबदेही होना है। खास बात यह है कि हैवी शुगर के बावजूद वह अपनी ड्यूटी से पीछे नहीं हट रहे हैं।
कोरोना संक्रमितों और संदिग्धों के बीच रहकर सीएमओ कोरोना संक्रमण के बीच 100 से 150 फोन कॉल अटेंड कर रहे हैं। इनमें आम आदमी से लेकर पक्ष विपक्ष के नेता और मीडिया के लोगों सहित मंडलीय अधिकारियों और शासन के फोन कॉल शामिल हैं। डॉक्टरों की ड्यूटी मरीजों और स्टाफ के भोजन की नियमित व्यवस्था कराना भी उनकी ड्यूटी में शामिल है। कोरोना संक्रमितों के मिलने पर उनकी ट्रैवल हिस्ट्री के साथ रिपोर्ट तैयार कर शासन को और उच्चाधिकारियों को भेजना, प्रतिदिन जिले भर में कई ऐसे स्थानों पर मौके पर जाकर विजिट करना, जहां से पॉजिटिव मरीज निकल रहे हैं। इतना ही नहीं रात के 1:00 बजे 3:00 बजे 5:00 बजे तक लखनऊ से फोन कॉल आते हैं, जहां कोरोना से संबंधित रिपोर्ट मांगी जा रही है। ऐसे में सीएमओ इस घड़ी को डॉक्टरों की सबसे बड़ी परीक्षा मानकर चल रहे हैं, जिसमें सफलता मिलने का उन्हें पूरा यकीन है।
कोरोना की जंग में स्टाफ भी पूरा सहयोगी
सीएमओ डॉ. सोढ़ी कहते हैं कि उन पर ही काम का बोझ नहीं है, बल्कि कोरोना की इस जंग में उनका पूरा स्टाफ भी सहयोगी है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के बीच लोगों की जिंदगी बचाना ही प्राथमिकता है। ईश्वर से प्रार्थना है कि किसी की जिंदगी खतरे में न पड़े।
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सहारनपुर। कोरोना ने सीएमओ डॉ बीएस सोढ़ी की दिनचर्या को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। बीते करीब एक माह से सीएमओ चैन की नींद नहीं सो सके हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह आम से लेकर खास तक के प्रति जवाबदेही होना है। खास बात यह है कि हैवी शुगर के बावजूद वह अपनी ड्यूटी से पीछे नहीं हट रहे हैं।
कोरोना संक्रमितों और संदिग्धों के बीच रहकर सीएमओ कोरोना संक्रमण के बीच 100 से 150 फोन कॉल अटेंड कर रहे हैं। इनमें आम आदमी से लेकर पक्ष विपक्ष के नेता और मीडिया के लोगों सहित मंडलीय अधिकारियों और शासन के फोन कॉल शामिल हैं। डॉक्टरों की ड्यूटी मरीजों और स्टाफ के भोजन की नियमित व्यवस्था कराना भी उनकी ड्यूटी में शामिल है। कोरोना संक्रमितों के मिलने पर उनकी ट्रैवल हिस्ट्री के साथ रिपोर्ट तैयार कर शासन को और उच्चाधिकारियों को भेजना, प्रतिदिन जिले भर में कई ऐसे स्थानों पर मौके पर जाकर विजिट करना, जहां से पॉजिटिव मरीज निकल रहे हैं। इतना ही नहीं रात के 1:00 बजे 3:00 बजे 5:00 बजे तक लखनऊ से फोन कॉल आते हैं, जहां कोरोना से संबंधित रिपोर्ट मांगी जा रही है। ऐसे में सीएमओ इस घड़ी को डॉक्टरों की सबसे बड़ी परीक्षा मानकर चल रहे हैं, जिसमें सफलता मिलने का उन्हें पूरा यकीन है।
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कोरोना की जंग में स्टाफ भी पूरा सहयोगी
सीएमओ डॉ. सोढ़ी कहते हैं कि उन पर ही काम का बोझ नहीं है, बल्कि कोरोना की इस जंग में उनका पूरा स्टाफ भी सहयोगी है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के बीच लोगों की जिंदगी बचाना ही प्राथमिकता है। ईश्वर से प्रार्थना है कि किसी की जिंदगी खतरे में न पड़े।
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