फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Classrooms 'smart' only on paper; false ceilings pose a danger to students.

Saharanpur News: सिर्फ कागजों में स्मार्ट बनी कक्षाएं, छात्रों के लिए फॉल सीलिंग बनी खतरा

Sun, 23 Aug 2026 12:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sun, 23 Aug 2026 12:54 AM IST
विज्ञापन
Classrooms 'smart' only on paper; false ceilings pose a danger to students.
सहारनपुर। साफ-सुथरा परिसर, मजबूत कक्ष, बेहतर पेयजल व शौचालय व्यवस्था और 430 से अधिक छात्र संख्या। यह है कमेला कॉलोनी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय की पहचान, लेकिन स्मार्ट सिटी योजना के लापरवाही भरे और गुणवत्ताहीन कार्य के चलते लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी यह विद्यालय केवल कागजों में स्मार्ट बन सका है। साथ ही फॉल सीलिंग छात्रों के लिए खतरा बनी हुई है।
विज्ञापन




कमेला कॉलोनी क्षेत्र में 95 फीसदी मुस्लिम आबादी रहती है। ज्यादातर परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालय ही बेहतर विकल्प है। विद्यालय में 436 विद्यार्थी पंजीकृत हैं और अभी भी पंजीकरण प्रक्रिया चल रही है। विद्यालय में 12 कमरे हैं, जिनमें से आठ का इस्तेमाल कक्षाओं के लिए और बाकी में कार्यालय आदि है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत विद्यालय के कक्षों में फॉल सीलिंग का कार्य कराया गया था और फर्श के रूप में टाइल्स बिछाई गई थी। खराब गुणवत्ता के कारण एक कमरे की फॉल सीलिंग पूरी तरह गिर चुकी है।
विज्ञापन

गनीमत रही कि किसी बच्चे के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। अन्य कई कक्षों की फॉल सीलिंग भी लटकी हुई है। दो कक्षों को स्मार्ट क्लास के रूप में विकसित किया गया। इनमें फॉल सीलिंग के साथ ही महंगी एलईडी स्क्रीन लगाई गई। एक कक्ष की फॉल सीलिंग का बड़ा हिस्सा गिर चुका है, जबकि दूसरे कमरे की फॉल सीलिंग गिरने को है। ऐसे में दोनों कक्षों से एलईडी स्क्रीन हटाई गई है। फाॅल सीलिंग गिरने के खतरे को देखते हुए एक कमरा बंद किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


------



शिक्षकों की भारी कमी



विद्यालय में रजा जैदी प्रधान अध्यापक हैं। उनके अलावा यहां दो शिक्षा मित्र और दो अनुदेशक तैनात हैं। जबकि छात्र संख्या के अनुपात में यहां 15 शिक्षकों की तैनाती होनी चाहिए। यह स्थिति तब है, जबकि नगर के विद्यालयों में यहां शायद सबसे अधिक छात्र पंजीकृत हैं।

------



बुनियादी सुविधाएं

पेयजल के लिए दो सबमर्सिबल हैं, जबकि दो सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हैं। शौचालय की हालत अच्छी मिली। परिसर गहरा है, जिसमें पूर्व में जलभराव की समस्या रहती थी, लेकिन परिसर में दो रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगने की वजह से वह समस्या दूर हो गई है। कक्षाओं तक जाने के लिए सीसी मार्ग है और परिसर हरा-भरा है।




------

कमेला कॉलोनी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को देखते हुए शिक्षा मित्र और अनुदेशक लगाए गए हैं। स्मार्ट क्लास से संबंधित या अन्य जो भी समस्याएं हैं उनको भी दूर कराया जाएगा।
कोमल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed