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सरकारी स्कूलों का हाल बच्चे हो रहे बेहाल

Wed, 27 Apr 2016 01:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Wed, 27 Apr 2016 01:05 AM IST
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children are suffering in government schools
बीराखेड़ी के प्राथमिक विद्यालय में खराब पड़ा हैंडपंप। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
गर्मी के तीखे तेवर से सबसे ज्यादा मुसीबत सरकारी स्कूलों के बच्चों और शिक्षकों को हो रही है। जिले के ज्यादातर स्कूलों में बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण स्कूल समय में बच्चे उबल रहे हैं।
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गले की प्यास को तर करने को उन्हें पानी तक नहीं मिल रहा है। संसाधनों के अभाव में करीब एक माह से जनपद में अपना रौद्र रूप दिखा रही गर्मी की सर्वाधिक मार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को ही झेलनी पड़ रही है।
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जनपद में गर्मी ने जहां आम आदमी को पसीने कर दिया है वही सरकारी स्कूलों में संसाधनोंके अभाव में पढ़ रहे बच्चे भी हलकान है। अधिकांश स्कूलों में तो बिजली और पानी की व्यवस्था तक नही है। हैंडपंप खराब पड़े है।
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ऐसे में जबरदस्त गर्मी के बीच पढ़ने जाने वाले बच्चों की हालत को आसानी से समझा जा सकता है। इन स्कूलों में बच्चे बिना पंखों के भीषण गर्मी में पढ़ने को मजबूर है। दूर दराज के स्कूलों की दुर्दशा का आलम यह है कि पीने और शौच तक के लिए पानी की किल्लत है। सरकार ने कुछ समय पूर्व स्कूलों में पीने के पानी के लिए वाटर टैंकों की व्यवस्था कराई थी। 

हैंडपंप में पाइप की फिटिंग कराकर टैंक को भरा जाना था। उक्त योजना भी शिक्षा विभाग की लापरवाही की भेंट चढ़ गई। कुछ स्कूलों में वाटर टैंक टूटे पडे़ हैं, कुछ में लगे ही नहीं, और कुछ में आज तक टोटियां ही नहीं लगी।

गर्मी में सफाई के अभाव में बदबूदार शौचालयों का प्रयोग करने से बच्चों के बीमारियों की चपेट में आने की संभावना भी बनी रहती है। प्रत्येक कक्षा-कक्ष में पर्याप्त फर्नीचर, एक कार्यालय, प्रयोगशाला होनी चाहिए। 


सभी स्कूलों में व्यवस्थित तरीके से पीने के पानी का इंतजाम कराया जा रहा है। जिन स्कूलों में बिजली कनेक्शन नहीं है और गर्मी से निपटने के संसाधन नहीं है, वहां भी व्यवस्था कराई जा रही है। बजट भी व्यवस्था में बाधक  बनता है।
- बुद्धप्रिय सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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